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Bijnor News: अधर में लटका बिजनौर से दारानगर गंज तक सड़क का चौड़ीकरण
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बिजनौर-चांदपुर मार्ग का अधर में लटका निर्माण कार्य। संवाद
- चौड़ीकरण के लिए दोनों ओर खोदे गए गड्ढे बन रहे परेशानी का सबब
- विभाग का दावा, तारकोल की आपूर्ति नहीं होने कारण थमा हुआ है निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर-बदायूं स्टेट हाईवे पर बिजनौर से दारानगर गंज तक 10 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण का कार्य अधर में लटक गया है। दरअसल तारकोल की आपूर्ति नहीं होने कारण निर्माण थम गया है। उधर चौड़ीकरण के लिए सड़क के दोनों खोदे गए गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।
सड़क की चौड़ाई सात मीटर से बढ़ाकर दस मीटर की जानी है, जिस पर करीब 18 करोड़ रुपये की लागत प्रस्तावित है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पिछले साल दिसंबर माह में सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया था, लेकिन कुछ दिन बाद ही वन विभाग की आपत्ति के कारण कार्य रुक गया। वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद फरवरी माह में कार्य फिर से शुरू हुआ। सड़क के दोनों ओर चौड़ीकरण के लिए खुदाई कर गड्ढे बनाए गए और उनमें कच्ची सामग्री भी डाल दी गई। लेकिन अब बिटुमिन यानी तारकोल उपलब्ध न होने के कारण काम फिर से बंद पड़ा है।
तारकोल की परत न डलने से सड़क के किनारे अधूरे पड़े हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। यदि बरसात से पहले सड़क का काम पूरा नहीं हुआ तो गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और खराब हो सकती है। अधिशासी अभियंता हेमंत प्रताप सिंह ने बताया कि ठेकेदारों को तारकोल नहीं मिल पा रहा है। आपूर्ति मिलते ही काम चालू कराया जाएगा।
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- विभाग का दावा, तारकोल की आपूर्ति नहीं होने कारण थमा हुआ है निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बिजनौर-बदायूं स्टेट हाईवे पर बिजनौर से दारानगर गंज तक 10 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण का कार्य अधर में लटक गया है। दरअसल तारकोल की आपूर्ति नहीं होने कारण निर्माण थम गया है। उधर चौड़ीकरण के लिए सड़क के दोनों खोदे गए गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।
सड़क की चौड़ाई सात मीटर से बढ़ाकर दस मीटर की जानी है, जिस पर करीब 18 करोड़ रुपये की लागत प्रस्तावित है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पिछले साल दिसंबर माह में सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया था, लेकिन कुछ दिन बाद ही वन विभाग की आपत्ति के कारण कार्य रुक गया। वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद फरवरी माह में कार्य फिर से शुरू हुआ। सड़क के दोनों ओर चौड़ीकरण के लिए खुदाई कर गड्ढे बनाए गए और उनमें कच्ची सामग्री भी डाल दी गई। लेकिन अब बिटुमिन यानी तारकोल उपलब्ध न होने के कारण काम फिर से बंद पड़ा है।
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तारकोल की परत न डलने से सड़क के किनारे अधूरे पड़े हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। यदि बरसात से पहले सड़क का काम पूरा नहीं हुआ तो गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और खराब हो सकती है। अधिशासी अभियंता हेमंत प्रताप सिंह ने बताया कि ठेकेदारों को तारकोल नहीं मिल पा रहा है। आपूर्ति मिलते ही काम चालू कराया जाएगा।
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