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Bijnor News: मालन और कोटावाली के पानी से बढ़ा गंगा का जलस्तर
Fri, 14 Jul 2023 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 14 Jul 2023 12:40 AM IST
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मंडावर क्षेत्र के ग्राम सभाचंद्रपुर में कटान करते हुए स्कूल के पास पहुंची गंगा।
- इस बरसात में अब तक का सबसे ज्यादा बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी
- बिजनौर बैराज से शाम चार बजे डिस्चार्ज किया गया एक लाख 94 हजार क्यूसेक पानी
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूं तो गंगा पहले से ही उफान पर है, लेकिन मालन और कोटावाली नदी में अचानक आए पानी ने जीवनदायिनी के जलस्तर को और बढ़ा दिया। गंगा में भयंकर उफान आया तो बिजनौर बैराज से इस बरसात में अब तक का सबसे ज्यादा एक लाख 94 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बृहस्पतिवार शाम चार बजे बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 219.80 गेज मीटर दर्ज किया गया, जबकि सुबह आठ बजे जलस्तर 219.70 मीटर बना हुआ था। बता दें कि अभी तक इस बरसात में गंगा का जलस्तर 219.70 से ज्यादा नहीं पहुंचा था, लेकिन इसमें एकाएक उछाल आया। हालांकि हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से बृहस्पतिवार को गंगा में सिर्फ एक लाख 45 हजार क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया था। उधर, बिजनौर बैराज से गंगा में एक लाख 94 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी इस बरसात में अब तक सबसे ज्यादा है।
सिंचाई विभाग के अफसरों का दावा है कि हरिद्वार से इतना पानी नहीं छोड़ा गया, फिर भी गंगा का जलस्तर ज्यादा है, जिसकी वजह है मालन और कोटावाली नदी में उफान आना है। बता दें कि मालन और कोटावाली समेत रवासन और अन्य बरसाती नदियां गंगा में आकर मिल रही हैं। ऐसे में बिजनौर बैराज तक आते आते गंगा उफनने लगती है।
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बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज पर जलस्तर 219.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को 219.70 बना हुआ था। उधर, खतरे का निशान 220 मीटर पर लगा हुआ है। ऐसे में गंगा की धारा खतरे के निशान के करीब बह रही है।
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- बिजनौर बैराज से शाम चार बजे डिस्चार्ज किया गया एक लाख 94 हजार क्यूसेक पानी
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूं तो गंगा पहले से ही उफान पर है, लेकिन मालन और कोटावाली नदी में अचानक आए पानी ने जीवनदायिनी के जलस्तर को और बढ़ा दिया। गंगा में भयंकर उफान आया तो बिजनौर बैराज से इस बरसात में अब तक का सबसे ज्यादा एक लाख 94 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बृहस्पतिवार शाम चार बजे बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 219.80 गेज मीटर दर्ज किया गया, जबकि सुबह आठ बजे जलस्तर 219.70 मीटर बना हुआ था। बता दें कि अभी तक इस बरसात में गंगा का जलस्तर 219.70 से ज्यादा नहीं पहुंचा था, लेकिन इसमें एकाएक उछाल आया। हालांकि हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से बृहस्पतिवार को गंगा में सिर्फ एक लाख 45 हजार क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया था। उधर, बिजनौर बैराज से गंगा में एक लाख 94 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी इस बरसात में अब तक सबसे ज्यादा है।
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सिंचाई विभाग के अफसरों का दावा है कि हरिद्वार से इतना पानी नहीं छोड़ा गया, फिर भी गंगा का जलस्तर ज्यादा है, जिसकी वजह है मालन और कोटावाली नदी में उफान आना है। बता दें कि मालन और कोटावाली समेत रवासन और अन्य बरसाती नदियां गंगा में आकर मिल रही हैं। ऐसे में बिजनौर बैराज तक आते आते गंगा उफनने लगती है।
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बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज पर जलस्तर 219.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को 219.70 बना हुआ था। उधर, खतरे का निशान 220 मीटर पर लगा हुआ है। ऐसे में गंगा की धारा खतरे के निशान के करीब बह रही है।