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Bijnor News: ग्रामीणों ने बछड़े को गुलदार के मुंह से बचाया
Fri, 12 Apr 2024 11:40 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 12 Apr 2024 11:40 PM IST
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बिजनौर, शेरकोट। बृहस्पतिवार देर रात गुलदार ने ग्राम उमरपुर आशा में आश्रम के पास निराश्रित बछड़े को हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। जैसे ही गांव के लोगों ने गुलदार को बछड़े को खींचकर ले जाते देखा तो शोर मचा दिया। किसी तरह से लोगाें से गुलदार के जबड़ों से बछड़े को बचाया। घायल बछड़े का उपचार कराया जा रहा है। ग्रामीणों में दहशत है।
गांव के उजैर अहमद व आकिल ने बताया कि वह दूध बेचने का काम करते हैं। जब वे बृहस्पतिवार देर रात शेरकोट से बाइक से दूध बेच कर घर आ रहे थे तो उन्हें बाइक की लाइट में रास्ते में एक गुलदार निराश्रित बछड़े को अपने जबड़ों में दबाकर जंगल की ओर से ले जाता दिखाई दिया। जिस पर उजैर अहमद, आकिल ने शोर मचाया। शोर मचाते ही गांव के बिट्टू, रवि, आलोक कुमार, कृष्ण कुमार, नपेंद्र कुमार अपने हाथों में लाठी-डंडे और बल्लम आदि लेकर शोर मचा घटना स्थल की ओर से दौड़ पड़े।
गुलदार अपने को घिरा देख बछड़े को रास्ते में छोड़ कर जंगल की ओर से छलांग लगाकर भाग किया। रात में ही ग्रामीणों ने पशु डाक्टर को मौके पर बुलाया और उसका उपचार कराया। गुलदार के हमले से बछड़े का गला बुरी तरह से जख्मी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदारों को पकड़ने की मांग की है।
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- गुलदारों की बढ़ रही संख्या, पकड़ना मुश्किल
वन विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। रेंजर का कहना है कि वन्य जीव हैं तो जंगल में ही रहेगा। गुलदार के दिखने पर उसके साथ किसी प्रकार की छेड़खानी करना ठीक नहीं है। ग्रामीण सतर्कता के साथ खेतीबाड़ी का काम करें। विभाग की ओर से पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पर गुलदारों की बढ़ती जा रही संख्या को देख उन्हें अब पकड़ना मुश्किल हो रहा है।
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गांव के उजैर अहमद व आकिल ने बताया कि वह दूध बेचने का काम करते हैं। जब वे बृहस्पतिवार देर रात शेरकोट से बाइक से दूध बेच कर घर आ रहे थे तो उन्हें बाइक की लाइट में रास्ते में एक गुलदार निराश्रित बछड़े को अपने जबड़ों में दबाकर जंगल की ओर से ले जाता दिखाई दिया। जिस पर उजैर अहमद, आकिल ने शोर मचाया। शोर मचाते ही गांव के बिट्टू, रवि, आलोक कुमार, कृष्ण कुमार, नपेंद्र कुमार अपने हाथों में लाठी-डंडे और बल्लम आदि लेकर शोर मचा घटना स्थल की ओर से दौड़ पड़े।
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गुलदार अपने को घिरा देख बछड़े को रास्ते में छोड़ कर जंगल की ओर से छलांग लगाकर भाग किया। रात में ही ग्रामीणों ने पशु डाक्टर को मौके पर बुलाया और उसका उपचार कराया। गुलदार के हमले से बछड़े का गला बुरी तरह से जख्मी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदारों को पकड़ने की मांग की है।
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- गुलदारों की बढ़ रही संख्या, पकड़ना मुश्किल
वन विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। रेंजर का कहना है कि वन्य जीव हैं तो जंगल में ही रहेगा। गुलदार के दिखने पर उसके साथ किसी प्रकार की छेड़खानी करना ठीक नहीं है। ग्रामीण सतर्कता के साथ खेतीबाड़ी का काम करें। विभाग की ओर से पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पर गुलदारों की बढ़ती जा रही संख्या को देख उन्हें अब पकड़ना मुश्किल हो रहा है।