{"_id":"5e20ae968ebc3e4b6713ff77","slug":"the-traders-asked-for-solutions-to-the-problems-bijnor-news-mrt464196285","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यापारियों ने समस्याओं ने निस्तारण की मांग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्यापारियों ने समस्याओं ने निस्तारण की मांग की
विज्ञापन
व्यापारियों ने समस्याओं ने निस्तारण की मांग की
बिजनौर। उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संयुक्त महामंत्री अरुण कुमार वर्मा ने एडीएम प्रशासन को ज्ञापन देकर व्यापारियों की समस्या के निदान की मांग की है।
प्रधानमंत्री के नाम एडीएम विनोद कुमार गौड़ दिए गए ज्ञापन में मांग की है कि व्यापारियों की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिलवाए जाएं, छोटे व्यापारियों पर टैक्स न लगाया जाए, फुटकर स्टेशनरी विक्रेताओं के बच्चों को वर्ष भर की पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध कराई जाए। ललितपुर के व्यापारियों के ग्रेनाइट पर लगाई गई रॉयल्टी समाप्त की जाए। पॉलिथीन के स्थान पर 50 प्रतिशत माइक्रोन के मानक को स्पष्ट कर अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का उत्पीड़न रोका जाए। बिजली की दरें कम की जाए और बढ़ी हुई दरों को वापस लिया जाए। होटल और रेस्टोरेंट का केवल लाइसेंस एक बार दिया जाए। रिनुअल की प्रक्रिया समाप्त की जाए। अतिक्रमण के नाम पर दुकानें न तोड़ी जाए।
ज्ञापन में मांग की गई है कि खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम पर जुर्माने की प्रथा समाप्त की जाए। बैंकों से व्यापारियों को दिए जाने वाले कर्ज पर सुलभ शुल्क समाप्त किया जाए। खाद्य मानक के 1968 में बने कानून में संशोधन किया जाए। ज्ञापन देने में मौहम्मद असलम, मोहित वर्मा, अकबर, विवेक वर्मा आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संयुक्त महामंत्री अरुण कुमार वर्मा ने एडीएम प्रशासन को ज्ञापन देकर व्यापारियों की समस्या के निदान की मांग की है।
प्रधानमंत्री के नाम एडीएम विनोद कुमार गौड़ दिए गए ज्ञापन में मांग की है कि व्यापारियों की सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिलवाए जाएं, छोटे व्यापारियों पर टैक्स न लगाया जाए, फुटकर स्टेशनरी विक्रेताओं के बच्चों को वर्ष भर की पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध कराई जाए। ललितपुर के व्यापारियों के ग्रेनाइट पर लगाई गई रॉयल्टी समाप्त की जाए। पॉलिथीन के स्थान पर 50 प्रतिशत माइक्रोन के मानक को स्पष्ट कर अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का उत्पीड़न रोका जाए। बिजली की दरें कम की जाए और बढ़ी हुई दरों को वापस लिया जाए। होटल और रेस्टोरेंट का केवल लाइसेंस एक बार दिया जाए। रिनुअल की प्रक्रिया समाप्त की जाए। अतिक्रमण के नाम पर दुकानें न तोड़ी जाए।
विज्ञापन
ज्ञापन में मांग की गई है कि खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम पर जुर्माने की प्रथा समाप्त की जाए। बैंकों से व्यापारियों को दिए जाने वाले कर्ज पर सुलभ शुल्क समाप्त किया जाए। खाद्य मानक के 1968 में बने कानून में संशोधन किया जाए। ज्ञापन देने में मौहम्मद असलम, मोहित वर्मा, अकबर, विवेक वर्मा आदि रहे।
विज्ञापन