बिजनौर। नए परिसीमन के बाद बिजनौर नगर पालिका अध्यक्ष पद पर 59 साल बाद चौधराह लौटी है। नया क्षेत्र जुड़ने से जाट समाज के मत बढ़ गए। शहर में जाट समाज के ज्यादा वोट होने के कारण भाजपा ने जाट समाज से ही प्रत्याशी इंदिरा सिंह पत्नी डॉ. बीरबल सिंह पर दांव खेला था। बिजनौर पालिका के चुनाव में करीब 59 साल बाद दूसरा जाट प्रत्याशी इंदिरा सिंह जीती हैं।
राजनीतिज्ञों के अनुसार सन् 1964 से 1968 में बिजनौर पालिका के अध्यक्ष स्वर्गीय चौधरी नेपाल सिंह आर्य रहे हैं। इस सीट पर उन्होंने दो बार कब्जा किया। स्वर्गीय चौधरी नेपाल सिंह आर्य के पुत्र बेटे विजयदीप सिंह बबलू ने बताया कि उस समय जाट, मुस्लिम व अन्य समाज के लोगों ने एक साथ मिलकर चुनाव लड़ाया था। इस सीट पर ज्यादातर मुस्लिमों और वैश्य समाज के लोगों का ज्यादा कब्जा रहा है। नए परिसीमन से जातीय समीकरण बदल गए। नए परिसीमन में हिंदू मतदाताओं में से जाट समाज के वोट बहुत आ गए हैं। राजनीतिक पार्टियों के जानकारों के माने तो नए परिसीमन से जातीय समीकरण का योग ऐसा बना की भाजपा ने इस बार जाट समाज के प्रत्याशी को चुनाव में उतार दिया। भाजपा प्रत्याशी इंदिरा सिंह का मायका व ससुराल पक्ष राजनीतिक रहा है। उनके पति डॉ. बीरबल सिंह ने करीब 35 साल से ज्यादा समय से राजनीति व समाजसेवी के रूप में कार्य कर रहे हैं।