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नगीना की लगातार हार पर छलका सीएम योगी का दर्द
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नगीना की लगातार हार पर छलका सीएम योगी का दर्द
अचल चौधरी
बिजनौर। सीएम योगी अपने भाषण में नगीना का जिक्र करना नहीं भूले। दरअसल नगीना सीट पर बीजेपी 1999 के बाद नहीं जीत सकी है। शायद इसी अफसोस की वजह से उन्होंने अबकी बार चूक नहीं करने का मंत्र दिया। हालांकि नजीबाबाद का कोई जिक्र नहीं किया।
सीएम योगी ने भाजपा विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में विकास किए जाने की बात करते हुुए नगीना का जिक्र किया। कहा कि नगीना से बीजेपी का विधायक चुना गया होता तो कई गुना ज्यादा विकास होता। नगीना में चूक हुई थी, इस बार नहीं होनी चाहिए।
बता दें कि नगीना सीट पर भाजपा वनवास काट रही है। 22 साल से इस सीट पर बीजेपी अपना परचम नहीं लहरा पाई। आजादी के बाद से अब तक सिर्फ दो बार ही नगीना में भाजपा के विधायक चुने गए हैं। पहली बार रामलहर के वक्त 1991 में भाजपा से ओमप्रकाश सिंह विधानसभा पहुंचे थे। कल्याण सिंह की सरकार गिरने के बाद 1993 में चुनाव हुआ तो जनता दल से सतीश कुमार ने बाजी मार ली थी। इस सीट पर साल 1999 में लवकुश कुमार भाजपा से विधायक बने। उपचुनाव में लवकुश कुमार विजयी हुए थे। तब से लेकर अब तक नगीना की सीट भाजपा नहीं जीत सकी है। 2017 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की सात हजार वोटों से हार हुई थी। 2012 से नगीना सीट पर सपा से मनोज कुमार जीत रहे हैं। इससे पहले 2007 में नगीना से बसपा की ओमवती विजयी हुई थीं। सीएम ने नगीना के साथ नूरपुर का भी जिक्र किया, लेकिन नजीबाबाद को भूल गए। (संवाद)
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अचल चौधरी
बिजनौर। सीएम योगी अपने भाषण में नगीना का जिक्र करना नहीं भूले। दरअसल नगीना सीट पर बीजेपी 1999 के बाद नहीं जीत सकी है। शायद इसी अफसोस की वजह से उन्होंने अबकी बार चूक नहीं करने का मंत्र दिया। हालांकि नजीबाबाद का कोई जिक्र नहीं किया।
सीएम योगी ने भाजपा विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में विकास किए जाने की बात करते हुुए नगीना का जिक्र किया। कहा कि नगीना से बीजेपी का विधायक चुना गया होता तो कई गुना ज्यादा विकास होता। नगीना में चूक हुई थी, इस बार नहीं होनी चाहिए।
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बता दें कि नगीना सीट पर भाजपा वनवास काट रही है। 22 साल से इस सीट पर बीजेपी अपना परचम नहीं लहरा पाई। आजादी के बाद से अब तक सिर्फ दो बार ही नगीना में भाजपा के विधायक चुने गए हैं। पहली बार रामलहर के वक्त 1991 में भाजपा से ओमप्रकाश सिंह विधानसभा पहुंचे थे। कल्याण सिंह की सरकार गिरने के बाद 1993 में चुनाव हुआ तो जनता दल से सतीश कुमार ने बाजी मार ली थी। इस सीट पर साल 1999 में लवकुश कुमार भाजपा से विधायक बने। उपचुनाव में लवकुश कुमार विजयी हुए थे। तब से लेकर अब तक नगीना की सीट भाजपा नहीं जीत सकी है। 2017 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की सात हजार वोटों से हार हुई थी। 2012 से नगीना सीट पर सपा से मनोज कुमार जीत रहे हैं। इससे पहले 2007 में नगीना से बसपा की ओमवती विजयी हुई थीं। सीएम ने नगीना के साथ नूरपुर का भी जिक्र किया, लेकिन नजीबाबाद को भूल गए। (संवाद)
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