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Bijnor News: जितनी बढ़ी गुलदार की दहाड़, उतनी खामोश हुई जिंदगी

Sun, 31 Dec 2023 12:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Sun, 31 Dec 2023 12:31 AM IST
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The more the roar of Guldar increased, the more silent life became
बिजनौर के जंंगलों में घूमता गुलदार। फाइल फोटो
बिजनौर। अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाने जाने वाले बिजनौर को इस साल गुलदार ने गहरे जख्म दिए। एक ही साल में 19 इंसानों की जान गुलदार के हमले में चली गई। 50 गुलदार इस साल वन विभाग को मिले। जिसमें 38 पकड़े गए और 12 दुर्घटना या संघर्ष में मारे गए। बीता साल यह दर्द भी दे रहा है कि इतना घटनाक्रम होने के बावजूद इस समस्या का समाधान कोई नहीं निकाल सका है।
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जिले में गन्ने के खेतों में गुलदार ने बसेरा बनाया, वहीं अपनी बादशाहत भी कायम कर ली। खुद वन अधिकारी संभावना जताते दिख रहे हैं कि 400 से ज्यादा गुलदार जिले में तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले गन्ने के खेतों में हो सकते हैं। अफजलगढ़, नगीना तहसील क्षेत्र गुलदार को लेकर सबसे ज्यादा संवेदनशील रहे। इस साल पर नजर डालें तो एक के बाद एक लोगों की जान जाती रही। लखनऊ समेत 25 जिलों से ज्यादा के वन अफसर यहां डेरा डाले रहे। शूटर, हाथी के साथ गुलदारों की तलाश हुई, पर कुछ काम नहीं आया। लगातार गुलदार पकड़े भी गए, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 38छोटे-बड़े गुलदार वन विभाग ने पकड़ लिए। 12 गुलदार की जान दुर्घटना या संघर्ष में चली गई। इसके बावजूद इंसानों पर हमले नहीं रुक पाए।
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मुखौटा लगाने, हाका करने का मंत्र दिया

वन विभाग ने ग्रामीणों को सुंदरवन की तर्ज पर मुखौटा लगाने की सलाह दी है। वन विशेषज्ञों की मानना है कि गुलदार अक्सर पीछे से हमला करता है। मुखौटा लगाने से वह भ्रमित हो जाता है। यह प्रयोग सुंदरवन में नरभक्षी बाघों से बचने के लिए हुआ और काफी हद तक सफल भी हुआ है। अब इसे बिजनौर में भी इसे अपनाया जाएगा। जल्द ही संवेदनशील 104 गांवों में मास्क का वितरण करने की तैयारी की जा रही है।
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गुलदार से बचाव के सात तरीके
-कृषि कार्य करते समय समूह में रहें
-जंगल जाते समय बच्चों को साथ में न रखें
-गले में गमछा या नेकपैड पहनकर खेत में जाएं
-गुलदार से बचने को मुखौटा भी लगा सकते हैं
-खेत में काम करने से पहले हाका करें
-कृषि कार्य करते समय तेज आवाज में गाने बजाएं
-जंगल में जाते समय हाथ में डंडा और टार्च जरूर रखें


जिले में गुलदार की समस्या तो है, इसलिए ग्रामीणों को सचेत रहने की जरूरत है। वन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। वन्य जीव दिखाई पकड़ने पर तुरंत सूचना दें और वन विभाग का सहयोग करें।
ज्ञान सिंह, एसडीओ वन विभाग, बिजनौर
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