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बुखार का कहर जारी, छह मरीजों की मौत
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Wed, 28 Sep 2016 12:12 AM IST
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बिजनौर जिले के विभिन्न गांवों में जानलेवा बुखार ने कहर बरपा रखा है। मंगलवार को गांव रवाना में बुखार की चपेट में आकर चार और राजा का ताजपुर मेें दो लोगों की मौत हो गई। चिकित्सकों ने दोनों मौतें डेंगू से होने की पुष्टि की है। गांव रवाना में मंगलवार को गांव में चार जनाजे एक साथ उठते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। जिले के कई गांवांे में अब तक बुखार से मरने वालों की संख्या 40 से ऊपर पहुंच गई है। मंगलवार को गांव निवासी महनूर (10) पुत्री तैय्यब, इसरार अहमद (50), गंगाराम (45) एवं अपनी रिश्तेदारी में रवाना आई मंगरौली निवासी साबरी की बुखार के कारण मौत हो गई। एक दिन में ही चार मौतें होने से गांव में कोहराम मच गया। इससे पूर्व भी गांव में 16 मौतें हो चुकी हैं। एक दिन में दो से तीन मौत होने के कारण पूरे गांव में दहशत पसरी हुई है।
हालात यह है कि गांव में बीमार पीड़ितों की खबर लेने आने वाले रिश्तेदारों को भी गांव वालों ने आने से मना कर दिया है। रवाना के बाद अब ताजपुर में भी बुखार ने पैर पसार लिए हैं। मंगलवार को ताजपुर में सोनी पत्नी शमशाद व लीलावती की बुखार के कारण मौत हो गई। चिकित्सकों ने सोनी की मौत डेंगू से होने की पुष्टि की है। लीलावती का भी मुरादाबाद के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उसकी मौत हो गई। इससे पूर्व सोमवार को अशोक त्यागी व अब्दुल वहीद की बुखार के कारण मौत हो चुकी है।
नूरपुर क्षेत्र में बुखार की चपेट में आकर गांव चेहला निवासी सुल्लड़, फकीरा सिंह, मंगती देवी, मुन्ने खां, छोटू, केला देवी, कमलेश देवी, इमरान, चंद्रो देवी, सीताराम, गांव रवाना निवासी अदीबा, अनीसा की मौत हो चुकी है। इसके अलावा नजरे हसन, हसीना परवीन, रोशन जहां, सुमायला, असद, शफीक, अंशु देवी, बाचपति शर्मा, शमशीदा खातून, जुबैदा, मोहम्मदी खातून, शहजाद, महेंद्र, इसरार अहमद की भी बुखार से जान जा चुकी है।
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गंगाराम, महनूर, साबरी, खैरुनिशा और गांव ताजपुर के अब्दुल वहीद, अशोक त्यागी, आरती, सोनी व लीलावती के अलावा गांव ंमंडौरा में 14 वर्षीय किशोर विवेक उर्फ गोलू शामिल हैं। गोलू की चिकनगुनिया से दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में मौत हो चुकी है। उधर, नगीना के गांव हकीकतपुर गंगवाली में वायरल बुखार के कारण हुई मौतों से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. रियाज महमूद जैदी ने बताया कि एक सप्ताह तक स्वास्थ्य टीम गांव में रहकर मरीजों का इलाज करेगी। अभी तक सभी मरीज वायरल व मलेरिया बुखार के पाए गए हैं। बुधवार को एक सौ से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। 50 से अधिक मरीजों की रक्त पट्टिकाएं बनाई गई। प्रधान संदीप ने बताया कि जल्द ही कीटनाशक का छिड़काव कराया जाएगा।
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हालात यह है कि गांव में बीमार पीड़ितों की खबर लेने आने वाले रिश्तेदारों को भी गांव वालों ने आने से मना कर दिया है। रवाना के बाद अब ताजपुर में भी बुखार ने पैर पसार लिए हैं। मंगलवार को ताजपुर में सोनी पत्नी शमशाद व लीलावती की बुखार के कारण मौत हो गई। चिकित्सकों ने सोनी की मौत डेंगू से होने की पुष्टि की है। लीलावती का भी मुरादाबाद के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उसकी मौत हो गई। इससे पूर्व सोमवार को अशोक त्यागी व अब्दुल वहीद की बुखार के कारण मौत हो चुकी है।
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नूरपुर क्षेत्र में बुखार की चपेट में आकर गांव चेहला निवासी सुल्लड़, फकीरा सिंह, मंगती देवी, मुन्ने खां, छोटू, केला देवी, कमलेश देवी, इमरान, चंद्रो देवी, सीताराम, गांव रवाना निवासी अदीबा, अनीसा की मौत हो चुकी है। इसके अलावा नजरे हसन, हसीना परवीन, रोशन जहां, सुमायला, असद, शफीक, अंशु देवी, बाचपति शर्मा, शमशीदा खातून, जुबैदा, मोहम्मदी खातून, शहजाद, महेंद्र, इसरार अहमद की भी बुखार से जान जा चुकी है।
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गंगाराम, महनूर, साबरी, खैरुनिशा और गांव ताजपुर के अब्दुल वहीद, अशोक त्यागी, आरती, सोनी व लीलावती के अलावा गांव ंमंडौरा में 14 वर्षीय किशोर विवेक उर्फ गोलू शामिल हैं। गोलू की चिकनगुनिया से दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में मौत हो चुकी है। उधर, नगीना के गांव हकीकतपुर गंगवाली में वायरल बुखार के कारण हुई मौतों से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. रियाज महमूद जैदी ने बताया कि एक सप्ताह तक स्वास्थ्य टीम गांव में रहकर मरीजों का इलाज करेगी। अभी तक सभी मरीज वायरल व मलेरिया बुखार के पाए गए हैं। बुधवार को एक सौ से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। 50 से अधिक मरीजों की रक्त पट्टिकाएं बनाई गई। प्रधान संदीप ने बताया कि जल्द ही कीटनाशक का छिड़काव कराया जाएगा।