{"_id":"674fef1e89d8ad287e0bc625","slug":"the-family-was-boycotted-for-refusing-to-work-as-a-barber-bijnor-news-c-27-1-smrt1009-137311-2024-12-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: नाई का काम करने से मना कर देने पर किया परिवार का बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: नाई का काम करने से मना कर देने पर किया परिवार का बहिष्कार
विज्ञापन
बेगावाला-बिजनौर। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव चंदपुरा बंगाली कॉलोनी निवासी नारायण कर्मकार ने एसपी को शिकायती पत्र दिया। इसमें गांव में नाई का काम करने से मना कर देने पर ग्रामीणों ने पंचायत कर उसके परिवार का बहिष्कार कर दिया है। उसने कार्रवाई की मांग की है। उधर, प्रधान ने आरोपों को निराधार बताया है।
नारायण कर्मकार ने कहा कि उनके पिताजी पहले नाई का काम करते थे। फिर वह भी करने लगा। परंतु इस काम से परिवार का पालन पोषण नहीं हुआ तो मजदूरी करने बाहर चले गए। आरोप है कि नाई का काम छोड़ने की बात गांव वालों को बुरी लगी।
आरोप है कि गांव वालों ने पंचायत करते हुए उसके परिवार का राशन पानी बंद कर दिया। कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति उनकी मदद करता है तो उस पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। शादी विवाह या मौत होने पर भी कोई व्यक्ति उनके घर नहीं जाएगा। परचून की दुकान वाला भी कोई सामान नहीं देगा। ये लोग गांव में नहीं घूमेंगे।
विज्ञापन
आरोप है कि उसके परिवार की एक महिला गांव के स्कूल में खाना बनाने का काम करती है, जिसे हटाने के लिए शिक्षक पर दबाव डाला गया। मामले में कार्रवाई की मांग की। उधर, शहर कोतवाल ने बताया कि इस तरह कोई मामला सामने नहीं आया है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
रंजिशन आरोप लगाए गए हैं। कोई पंचायत नहीं हुई है। सभी आरोप निराधार हैं। - सपनदास, ग्राम प्रधान
विज्ञापन
नारायण कर्मकार ने कहा कि उनके पिताजी पहले नाई का काम करते थे। फिर वह भी करने लगा। परंतु इस काम से परिवार का पालन पोषण नहीं हुआ तो मजदूरी करने बाहर चले गए। आरोप है कि नाई का काम छोड़ने की बात गांव वालों को बुरी लगी।
विज्ञापन
आरोप है कि गांव वालों ने पंचायत करते हुए उसके परिवार का राशन पानी बंद कर दिया। कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति उनकी मदद करता है तो उस पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। शादी विवाह या मौत होने पर भी कोई व्यक्ति उनके घर नहीं जाएगा। परचून की दुकान वाला भी कोई सामान नहीं देगा। ये लोग गांव में नहीं घूमेंगे।
विज्ञापन
आरोप है कि उसके परिवार की एक महिला गांव के स्कूल में खाना बनाने का काम करती है, जिसे हटाने के लिए शिक्षक पर दबाव डाला गया। मामले में कार्रवाई की मांग की। उधर, शहर कोतवाल ने बताया कि इस तरह कोई मामला सामने नहीं आया है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
रंजिशन आरोप लगाए गए हैं। कोई पंचायत नहीं हुई है। सभी आरोप निराधार हैं। - सपनदास, ग्राम प्रधान