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Bijnor News: जिले को मिला 277 उद्योगों का लक्ष्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। खाद्य प्रसंस्करण की इकाई स्थापित कर आत्मनिर्भर बनाने और अन्य लोगों को रोजगार के लिए जनपद को 277 का लक्ष्य मिला है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना वोकल फाेर लोकल के तहत प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति वेबसाइट पर ऑनलाइन जानकारी व आवेदन कर सकते हैं।
बिजनौर जनपद गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है। यहां दूसरे नंबर पर गेहूं, धान और इसके बाद औद्योनिक खेती होती है। दिल्ली एनसीआर, उत्तराखंड आपूर्ति होने पर किसानों सब्जियों की खेती रकबा बढ़ाया है। उद्योग विभाग की ओर से हर साल आलू, शिमला मिर्च, प्याज, दाल व सब्जी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उद्यान एवं खाद्य संस्करण विभाग की ओर से योजना के तहत खुद का रोजगार शुरू करने के लिए भारत सरकार से 1000000 रुपये का ऋण अनुदान पर दिया जाएगा।
नया व पुराना उद्योग उन्नयन के लिए योजना के तहत ऋण अनुदान पर मिलेगा। इन उद्योग से व्यक्ति न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि दूसरों को रोजगार का अवसर भी देंगे।
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जिला उद्यान अधिकारी आरएन वर्मा ने कहा कि जिले में कई उद्योग स्थापित हो सकते हैं। जैसे बेकरी उद्योग, पशु एवं मुर्गी चारा उद्योग, दाल मिल, फ्लोर मिल, राइस मिल, ऑयल मिल, मधु मक्खी पालन, नमकीन, डेयरी, मशरूम और मशरूम उत्पाद के संबंधित उद्योग आदि लगाए जा सकते हैं।
बताया कि ऋण पर 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। इच्छुक व्यक्ति इकाई के लिए योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करके इसका लाभ उठा सकते हैं।
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बिजनौर। खाद्य प्रसंस्करण की इकाई स्थापित कर आत्मनिर्भर बनाने और अन्य लोगों को रोजगार के लिए जनपद को 277 का लक्ष्य मिला है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना वोकल फाेर लोकल के तहत प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति वेबसाइट पर ऑनलाइन जानकारी व आवेदन कर सकते हैं।
बिजनौर जनपद गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है। यहां दूसरे नंबर पर गेहूं, धान और इसके बाद औद्योनिक खेती होती है। दिल्ली एनसीआर, उत्तराखंड आपूर्ति होने पर किसानों सब्जियों की खेती रकबा बढ़ाया है। उद्योग विभाग की ओर से हर साल आलू, शिमला मिर्च, प्याज, दाल व सब्जी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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उद्यान एवं खाद्य संस्करण विभाग की ओर से योजना के तहत खुद का रोजगार शुरू करने के लिए भारत सरकार से 1000000 रुपये का ऋण अनुदान पर दिया जाएगा।
नया व पुराना उद्योग उन्नयन के लिए योजना के तहत ऋण अनुदान पर मिलेगा। इन उद्योग से व्यक्ति न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि दूसरों को रोजगार का अवसर भी देंगे।
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जिला उद्यान अधिकारी आरएन वर्मा ने कहा कि जिले में कई उद्योग स्थापित हो सकते हैं। जैसे बेकरी उद्योग, पशु एवं मुर्गी चारा उद्योग, दाल मिल, फ्लोर मिल, राइस मिल, ऑयल मिल, मधु मक्खी पालन, नमकीन, डेयरी, मशरूम और मशरूम उत्पाद के संबंधित उद्योग आदि लगाए जा सकते हैं।
बताया कि ऋण पर 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। इच्छुक व्यक्ति इकाई के लिए योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करके इसका लाभ उठा सकते हैं।