{"_id":"6855a16a6952b41f3c0f8e5e","slug":"the-dilapidated-bridge-of-sukro-river-increased-the-travel-distance-bijnor-news-c-27-1-smrt1009-152734-2025-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: सूकरो नदी के जर्जर पुल ने बढ़ा दी यात्रा की दूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: सूकरो नदी के जर्जर पुल ने बढ़ा दी यात्रा की दूरी
Fri, 20 Jun 2025 11:29 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 20 Jun 2025 11:29 PM IST
विज्ञापन
नगीना-कोटद्वार मार्ग पर सुखरो नदी के पुल के पहुंच मार्ग का शुरू हुआ मरम्मत कार्य। स्रोत विभाग
बिजनौर। रायपुर सादात होते हुए नगीना को सीधे कोटद्वार जोड़ने वाली सड़क में सूकरो नदी पुल के पहुंच मार्ग का काम पूरा नहीं होने के कारण यात्रा की दूरी बढ़ गई है।
अब सिर पर बरसात है। बारिश से नदी में उफान आने पर सीधा संपर्क फिर कट जाएगा। हालांकि विभाग ने एक महीने में काम पूरा करने का दावा किया है। फिलहाल पुल के बजाए वाहनों को नदी में बनाए गए कच्चे रास्ते से निकाला जा रहा है।
साल 2023 की बरसात में सूकरो नदी के पुल का पहुंच मार्ग कट गया था। इसके बाद महीनों तक पुल से आवागमन बंद रहा। बाद में किसी तरह से पहुंच मार्ग की मरम्मत करते हुए आवाजाही शुरू कराई गई। मगर यह स्थायी काम नहीं हो सका था।
विज्ञापन
बाद में लोक निर्माण विभाग खंड नजीबाबाद की ओर से पहुंच मार्ग को नदी के तेज बहाव से बचाने के लिया सुरक्षात्मक कार्य का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। जिसकी मंजूरी मिलने के बाद 80 लाख रुपये की लागत से पहुंच मार्ग के सुरक्षात्मक काम कराए जा रहे हैं। मगर इस काम को चालू करने में भी तीन महीने की देरी हो गई।
उधर पहुंच मार्ग पर काम चलने के कारण नगीना से सीधे कोटद्वार जाने वाले वाहनों को नदी से होकर निकलना पड़ रहा है। अगर बारिश होती है तो नदी से वाहन नहीं निकल पाएंगे और सीधा संपर्क कट जाएगा।
विज्ञापन
अब सिर पर बरसात है। बारिश से नदी में उफान आने पर सीधा संपर्क फिर कट जाएगा। हालांकि विभाग ने एक महीने में काम पूरा करने का दावा किया है। फिलहाल पुल के बजाए वाहनों को नदी में बनाए गए कच्चे रास्ते से निकाला जा रहा है।
विज्ञापन
साल 2023 की बरसात में सूकरो नदी के पुल का पहुंच मार्ग कट गया था। इसके बाद महीनों तक पुल से आवागमन बंद रहा। बाद में किसी तरह से पहुंच मार्ग की मरम्मत करते हुए आवाजाही शुरू कराई गई। मगर यह स्थायी काम नहीं हो सका था।
विज्ञापन
बाद में लोक निर्माण विभाग खंड नजीबाबाद की ओर से पहुंच मार्ग को नदी के तेज बहाव से बचाने के लिया सुरक्षात्मक कार्य का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। जिसकी मंजूरी मिलने के बाद 80 लाख रुपये की लागत से पहुंच मार्ग के सुरक्षात्मक काम कराए जा रहे हैं। मगर इस काम को चालू करने में भी तीन महीने की देरी हो गई।
उधर पहुंच मार्ग पर काम चलने के कारण नगीना से सीधे कोटद्वार जाने वाले वाहनों को नदी से होकर निकलना पड़ रहा है। अगर बारिश होती है तो नदी से वाहन नहीं निकल पाएंगे और सीधा संपर्क कट जाएगा।