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Bijnor News: सता रहा विद्रोहियों के निर्दलीय चुनाव लड़ने का खतरा
Fri, 14 Apr 2023 11:40 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 14 Apr 2023 11:40 PM IST
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- भाजपा और सपा में टिकट आवंटन को लेकर लंबा चल रहा विचार विमर्श
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। निकाय चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री एवं पत्रों को दाखिल करने का सिलसिला चल रहा है, लेकिन भाजपा, सपा ने अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं की है। इसकी वजह पार्टी इस बार टिकट की घोषणा होने के उपरांत पार्टी में होने वाले विद्रोह को शांत रखना चाहती है। क्योंकि पिछले निकाय चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज लोगों से पार्टी को नुकसान हुआ था।
भारतीय जनता पार्टी और सपा दोनों ही पार्टियां टिकटों को लेकर मंथन कर रही हैं। खासतौर से टिकट न मिलने वालों को मनाने के तरीके भी तलाशे जा रहे हैं। क्योंकि इनके विद्रोही होने और निर्दलीय चुनाव लड़ने का खतरा सबसे ज्यादा है। पिछले चुनाव में भी निर्दलीय प्रत्याशियों ने सभी को पछाड़कर सबसे ज्यादा आठ सीटें निकाल ली थीं। पार्टी के सूत्रों की माने तो कमेटी ने भारी मंथन के उपरांत नगर पालिका अध्यक्ष के टिकट का सेमीफाइनल कर सूची मुख्यालय को भेज दी है। इस टिकट मांगने वाले सभी दावेदारों को मनाकर रखा है। प्रत्याशियों के नामों का फाइनल मुख्यालय के निर्देश पर ही होगा। शुक्रवार देर शाम सभासद पदों की सूची घोषित होने की संभावना है और अध्यक्ष पदों के लिए प्रत्याशियों को घोषणा शनिवार को होने की संभावना है।
हार-जीत के कम अंतर में महत्वपूर्ण होंगे कर्मचारियों के मतपत्र
जिले में 4500 से 5000 कर्मचारियों के मतपत्र आते हैं। इनमें स्थानीय स्तर के भी होते हैं तो कुछ दूसरे जिलों में भी आएंगे। ऐसे में हार जीत के कम अंतर पर यह मतपत्र प्रत्याशी की किस्मत का फैसला करेंगे। पिछले चुनाव में कितने कर्मचारियों के मतपत्र आए थे।
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जिले में बनाए गए सात कंट्रोल रूम
जिले में निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन ने सख्ती बरत रहा है। चुनावों पर निगरानी के लिए सात कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इनमें पीडब्लूडी गेस्ट हाउस, कलक्ट्रेट, सदर तहसील बिजनौर, धामपुर तहसील, नगीना तहसील, चांदपुर तहसील और नजीबाबाद तहसीलों में कंट्रोल रूम बनाएं है। तहसील स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी संबंधित तहसील के नायब तहसीलदारों को दी है, जबकि पीडब्लूडी गेस्ट हाउस की जिम्मेदारी जिला आबकारी, कलक्ट्रेट के कंट्रोल रूम पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट व जिला विकास अधिकारी तैनात रहेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। निकाय चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री एवं पत्रों को दाखिल करने का सिलसिला चल रहा है, लेकिन भाजपा, सपा ने अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं की है। इसकी वजह पार्टी इस बार टिकट की घोषणा होने के उपरांत पार्टी में होने वाले विद्रोह को शांत रखना चाहती है। क्योंकि पिछले निकाय चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज लोगों से पार्टी को नुकसान हुआ था।
भारतीय जनता पार्टी और सपा दोनों ही पार्टियां टिकटों को लेकर मंथन कर रही हैं। खासतौर से टिकट न मिलने वालों को मनाने के तरीके भी तलाशे जा रहे हैं। क्योंकि इनके विद्रोही होने और निर्दलीय चुनाव लड़ने का खतरा सबसे ज्यादा है। पिछले चुनाव में भी निर्दलीय प्रत्याशियों ने सभी को पछाड़कर सबसे ज्यादा आठ सीटें निकाल ली थीं। पार्टी के सूत्रों की माने तो कमेटी ने भारी मंथन के उपरांत नगर पालिका अध्यक्ष के टिकट का सेमीफाइनल कर सूची मुख्यालय को भेज दी है। इस टिकट मांगने वाले सभी दावेदारों को मनाकर रखा है। प्रत्याशियों के नामों का फाइनल मुख्यालय के निर्देश पर ही होगा। शुक्रवार देर शाम सभासद पदों की सूची घोषित होने की संभावना है और अध्यक्ष पदों के लिए प्रत्याशियों को घोषणा शनिवार को होने की संभावना है।
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हार-जीत के कम अंतर में महत्वपूर्ण होंगे कर्मचारियों के मतपत्र
जिले में 4500 से 5000 कर्मचारियों के मतपत्र आते हैं। इनमें स्थानीय स्तर के भी होते हैं तो कुछ दूसरे जिलों में भी आएंगे। ऐसे में हार जीत के कम अंतर पर यह मतपत्र प्रत्याशी की किस्मत का फैसला करेंगे। पिछले चुनाव में कितने कर्मचारियों के मतपत्र आए थे।
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जिले में बनाए गए सात कंट्रोल रूम
जिले में निकाय चुनाव को लेकर प्रशासन ने सख्ती बरत रहा है। चुनावों पर निगरानी के लिए सात कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इनमें पीडब्लूडी गेस्ट हाउस, कलक्ट्रेट, सदर तहसील बिजनौर, धामपुर तहसील, नगीना तहसील, चांदपुर तहसील और नजीबाबाद तहसीलों में कंट्रोल रूम बनाएं है। तहसील स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी संबंधित तहसील के नायब तहसीलदारों को दी है, जबकि पीडब्लूडी गेस्ट हाउस की जिम्मेदारी जिला आबकारी, कलक्ट्रेट के कंट्रोल रूम पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट व जिला विकास अधिकारी तैनात रहेंगे।