{"_id":"6984f981297750c3ae028147","slug":"the-71-kg-kalash-kanwar-bears-immense-faith-of-shiva-devotees-bijnor-news-c-27-1-smrt1025-171674-2026-02-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: 71 किलो वजन की कलश कांवड़ पर भारी शिवभक्तों की आस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: 71 किलो वजन की कलश कांवड़ पर भारी शिवभक्तों की आस्था
विज्ञापन
धामपुर। हरिद्वार से गंगा जल भरकर कांवड़ लाने सिलसिला चालू हो चुका है। सड़कों पर भगवान शिव के जयकारे गूंजने लगे हैं। महाकाल गंगाजल कांवड़ लेकर पीलीभीत नगरिया कालोनी के शिवभक्तों का जत्था भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए धामपुर से होकर निकला। इनकी महाकाल कलश कांवड़ का लगभग 71 किलोग्राम वजन है। जिसे वह आपस में अपने कंधों पर बारी बारी से लेकर जा रहे हैं।
जत्थे में शामिल शिव भक्तों ने बताया कि वह पहली बार महाकाल गंगाजल कलश कांवड़ लेकर आ रहे हैं। शिव भक्त शिवा, मनीष, संदीप, पवित्र, राजीव, करण और आदित्य ने बताया कि वह सभी नगरिया कॉलोनी के निवासी है। इंटर कॉलेज के 11वीं कक्षा के छात्र हैं। वह पिछले कई सालों से खड़ी कांवड़ लेकर आ रहे थे। इस बार वह अपने गुरुजी पवन मंडल विश्वजीत के आशीर्वाद से महाकाल गंगाजल कलश कावड़ लेकर आ रहे हैं। उनकी केवल (एक ही कामना है कि उनका देश विश्व में शक्तिशाली और समृद्व हो। इसी कामना के साथ वह पैदल महाकाल कलश कांवड़ लेकर गंतव्य की ओर जा रहे हैं।
बताया कि वह 27 जनवरी को हरिद्वार में पहुंचे थे। एक फरवरी को उन्होंने गंगाजल भरा और वह पीलीभीत के लिए रवाना हुए हैं। उन्हें अभी तक मार्ग में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई और न ही थकावट महसूस हो रही हैं। शिव भोले पिछली सालों की तरह से इस बार भी उनकी कांवड़ को मंजिल तक पहुंचाएंगे। ऐसा भगवान शंकर से उन्हें पूर्ण रूप से भरोसा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जत्थे में शामिल शिव भक्तों ने बताया कि वह पहली बार महाकाल गंगाजल कलश कांवड़ लेकर आ रहे हैं। शिव भक्त शिवा, मनीष, संदीप, पवित्र, राजीव, करण और आदित्य ने बताया कि वह सभी नगरिया कॉलोनी के निवासी है। इंटर कॉलेज के 11वीं कक्षा के छात्र हैं। वह पिछले कई सालों से खड़ी कांवड़ लेकर आ रहे थे। इस बार वह अपने गुरुजी पवन मंडल विश्वजीत के आशीर्वाद से महाकाल गंगाजल कलश कावड़ लेकर आ रहे हैं। उनकी केवल (एक ही कामना है कि उनका देश विश्व में शक्तिशाली और समृद्व हो। इसी कामना के साथ वह पैदल महाकाल कलश कांवड़ लेकर गंतव्य की ओर जा रहे हैं।
विज्ञापन
बताया कि वह 27 जनवरी को हरिद्वार में पहुंचे थे। एक फरवरी को उन्होंने गंगाजल भरा और वह पीलीभीत के लिए रवाना हुए हैं। उन्हें अभी तक मार्ग में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई और न ही थकावट महसूस हो रही हैं। शिव भोले पिछली सालों की तरह से इस बार भी उनकी कांवड़ को मंजिल तक पहुंचाएंगे। ऐसा भगवान शंकर से उन्हें पूर्ण रूप से भरोसा है।
विज्ञापन