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तापमान गिरा, 16 एमएम दर्ज की गई बारिश
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तापमान गिरा, 16 एमएम दर्ज की गई बारिश
बिजनौर/मंडावर। रविवार को जिले में झमाझम बारिश हुई। जिन किसानों के खेतों में धान और उड़द की फसल कटी हुई है उन्हें नुकसान होने का अंदेशा है। इसके अलावा बारिश से सब्जी की फसलों को भी नुकसान होगा। हालांकि बारिश गन्ने और चारे के लिए मुफीद बताई जा रही है। बारिश और हवा के झोकों से मौसम में भी ठंडक आ गया है।
रविवार को सुबह से ही बूूंदाबांदी होती रही। करीब नौ बजे से झमाझम बारिश होने लगी और हवा के झोंके भी आए। दोपहर दो बजे तक 16 एमएम बारिश हो गई। हवा के झोंकों से धान की फसल कई जगह गिर गई। धान की फसल खेतों में तैयार खड़ी है और कटाई भी चल रही है। खादर में कई जगह खेतों में पानी भी भर गया है। धान और उड़द की कटी फसल वाले खेत में पानी भरने से फसल के अंकुरित होने का खतरा रहता है। गिरी फसल वाले खेत में पानी भरने पर फसल अंकुरित नहीं होती है। जिन किसानों की फसल कटी पड़ी है, वे बारिश से परेशान हैं। इसके अलावा गोभी, गाजर आदि की फसलों के लिए भी बारिश नुकसानदायक साबित होगी। गन्ने, चारे आदि के लिए बारिश मुफीद बताई जा रही है। चीनी मिलों का संचालन शुरू होने वाला है। किसान मिल चलने से पहले गन्ने की सिंचाई करने में लगे थे। बारिश से सिंचाई की जरूरत पूरी हो जाएगी। मंडावर में अच्छी बारिश होने से गांव खानपुर माधो सहित कुछ जगह पर जलभराव हो गया। जिला कृषि अधिकारी डा.अवधेश मिश्रा के अनुसार बारिश से धान और उड़द की कट चुकी फसलों और सब्जियों को नुकसान होगा। गन्ने के लिए बारिश फायदेमंद है।
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बिजनौर/मंडावर। रविवार को जिले में झमाझम बारिश हुई। जिन किसानों के खेतों में धान और उड़द की फसल कटी हुई है उन्हें नुकसान होने का अंदेशा है। इसके अलावा बारिश से सब्जी की फसलों को भी नुकसान होगा। हालांकि बारिश गन्ने और चारे के लिए मुफीद बताई जा रही है। बारिश और हवा के झोकों से मौसम में भी ठंडक आ गया है।
रविवार को सुबह से ही बूूंदाबांदी होती रही। करीब नौ बजे से झमाझम बारिश होने लगी और हवा के झोंके भी आए। दोपहर दो बजे तक 16 एमएम बारिश हो गई। हवा के झोंकों से धान की फसल कई जगह गिर गई। धान की फसल खेतों में तैयार खड़ी है और कटाई भी चल रही है। खादर में कई जगह खेतों में पानी भी भर गया है। धान और उड़द की कटी फसल वाले खेत में पानी भरने से फसल के अंकुरित होने का खतरा रहता है। गिरी फसल वाले खेत में पानी भरने पर फसल अंकुरित नहीं होती है। जिन किसानों की फसल कटी पड़ी है, वे बारिश से परेशान हैं। इसके अलावा गोभी, गाजर आदि की फसलों के लिए भी बारिश नुकसानदायक साबित होगी। गन्ने, चारे आदि के लिए बारिश मुफीद बताई जा रही है। चीनी मिलों का संचालन शुरू होने वाला है। किसान मिल चलने से पहले गन्ने की सिंचाई करने में लगे थे। बारिश से सिंचाई की जरूरत पूरी हो जाएगी। मंडावर में अच्छी बारिश होने से गांव खानपुर माधो सहित कुछ जगह पर जलभराव हो गया। जिला कृषि अधिकारी डा.अवधेश मिश्रा के अनुसार बारिश से धान और उड़द की कट चुकी फसलों और सब्जियों को नुकसान होगा। गन्ने के लिए बारिश फायदेमंद है।

बिजनौर में रविवार को हुई बारिश में छाता लगाकर जाती महिला और युवती।- फोटो : BIJNOR
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