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सूखी रोटी खा रहे मासूमों को देख छलके आंसू, मदद को बढ़े हाथ
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भूख। नगीना के गांव जलालपुर सुल्तान में बुजुर्ग महिला प्रमोद देवी की पौत्री को जब भूख लगी तो बिना ?
- फोटो : BIJNOR
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बिजनौर। प्लेट में एक सूखी रोटी को तीन मासूम भाई बहन खा रहे हैं। प्लेट में न सब्जी है और न दाल। मासूमों को सूखी रोटी खाता देख मदद के लिए पहुंचे लोगों के आंसू छलक आए। दरअसल तीनों मासूम अपनी गरीब दादी के साथ रहते हैं। बच्चों के सिर से मां बाप साया नहीं है। गरीबी में वृद्धा अपने पौत्र-पौत्रियों के लिए राशन भी नहीं जुटा पाती है।
नगीना से चार किमी की दूर पर गांव है जलालपुर सुल्तान। यहां 75 वर्षीय प्रमोद देवी अपने दो साल के पौत्र और तीन पौत्री के साथ रहती है। बुजुर्ग महिला के बेटे और बहू की मौत हो चुकी है। उम्र के आखिरी पड़ाव में वृद्धा मजदूरी भी नहीं कर सकती। ऐसे में मासूमों का लालन पोषण कैसे हो। शनिवार को अमर उजाला अखबार में खबर पढ़कर तमाम सामाजिक लोग मदद के लिए वृद्धा की झोपड़ी में पहुंचे। उस वक्त तीनों मासूम एक प्लेट में रोटी खा रहे थे, जिसमें न दाल थी और न सब्जी। मासूमों को सूखी रोटी खाता देख लोगों को आंसू छलक आए।
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कोई कपड़े, कोई राशन लेकर पहुंचा
खबर प्रकाशित होने के बाद ब्लॉक प्रमुख पति विकास राजपूत फल-अनाज लेकर पहुंचे। डा. विमल चौधरी फल-सब्जी और राशन लेकर पहुंचे। हरवेंन्दर सिंह हुंदेल अफजलगढ़, सारिया व्यापारी सलीम, कृष्ण सखा संघ और ओम सेवा संस्थान के सदस्य सौरभ राजवंशी, गोपाल त्यागी, नरोत्तम सिंह, नितिन त्यागी, मोहित सिंघल भी मदद के लिए अनाज और कपड़े लेकर पहुंचे।
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सारथी हम संस्था ने कहा, हम बनवाएंगे मकान
सारथी हम संस्था के अध्यक्ष डॉ.दीपेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी संस्था ने रजाई और राशन महिला को पहुंचवा दिया है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग महिला की झोपड़ी की जगह पक्का मकान संस्था बनवाकर देगी। संस्था जल्द मकान निर्माण शुरू करा देगी। इस दौरान विशाल चौधरी, हिमांशू चौधरी, सचिन अग्रवाल, मोहित चौधरी आदि मौजूद रहे।
मैं भी अनाथ...
जिस पर बीतती है, दर्द वो समझता है। मैं भी अनाथ हूं, एक बेटा और बहू होने के बावजूद या तो रोटी खुद बनानी पड़ती है या होटल से मंगानी पड़ती है। मैं भी अनाथ ही हूं और अनाथ हुए बच्चों का दर्द समझता हूं। खबर पढ़ते ही मदद के लिए पहुंचा हूं। यह कहते कहते मदद के लिए पहुंचे एक व्यक्ति के आंसू छलक आए।
पेंशन के लिए कराएं आवेदन
ब्लॉक प्रमुख पति विकास राजपूत अपने संग एडीओ समाज कल्याण को लेकर पहुंचे थे। मौके पर ही वृद्धा के बेटे और बहू का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिए। वहीं पेंशन के फार्म भी भरवाए। साथ ही बिजली बिल का बकाया बढ़ता देख जल्द ही गरीब वृद्धा के कनेक्शन को कटवाने के लिए बिजली विभाग के एसडीओ को फोन किया। वहीं राशन डीलर को भी फोन कर पर्याप्त राशन देने के लिए कहा।
अफसरों के कान पर नहीं रेंगी जूं
सामाजिक लोग तो मदद के लिए गांव पहुंच गए लेकिन अफसरों ने जाना गंवारा नहीं समझा। प्रशासन की ओर से न गांव का पंचायत सचिव पहुंचा, न ही लेखपाल और न ही कोई अन्य अधिकारी। जबकि चार किलोमीटर दूर नगीना में तहसील दिवस में मुख्यालय से कई अधिकारी पहुंचे थे।
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नगीना से चार किमी की दूर पर गांव है जलालपुर सुल्तान। यहां 75 वर्षीय प्रमोद देवी अपने दो साल के पौत्र और तीन पौत्री के साथ रहती है। बुजुर्ग महिला के बेटे और बहू की मौत हो चुकी है। उम्र के आखिरी पड़ाव में वृद्धा मजदूरी भी नहीं कर सकती। ऐसे में मासूमों का लालन पोषण कैसे हो। शनिवार को अमर उजाला अखबार में खबर पढ़कर तमाम सामाजिक लोग मदद के लिए वृद्धा की झोपड़ी में पहुंचे। उस वक्त तीनों मासूम एक प्लेट में रोटी खा रहे थे, जिसमें न दाल थी और न सब्जी। मासूमों को सूखी रोटी खाता देख लोगों को आंसू छलक आए।
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कोई कपड़े, कोई राशन लेकर पहुंचा
खबर प्रकाशित होने के बाद ब्लॉक प्रमुख पति विकास राजपूत फल-अनाज लेकर पहुंचे। डा. विमल चौधरी फल-सब्जी और राशन लेकर पहुंचे। हरवेंन्दर सिंह हुंदेल अफजलगढ़, सारिया व्यापारी सलीम, कृष्ण सखा संघ और ओम सेवा संस्थान के सदस्य सौरभ राजवंशी, गोपाल त्यागी, नरोत्तम सिंह, नितिन त्यागी, मोहित सिंघल भी मदद के लिए अनाज और कपड़े लेकर पहुंचे।
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सारथी हम संस्था ने कहा, हम बनवाएंगे मकान
सारथी हम संस्था के अध्यक्ष डॉ.दीपेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी संस्था ने रजाई और राशन महिला को पहुंचवा दिया है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग महिला की झोपड़ी की जगह पक्का मकान संस्था बनवाकर देगी। संस्था जल्द मकान निर्माण शुरू करा देगी। इस दौरान विशाल चौधरी, हिमांशू चौधरी, सचिन अग्रवाल, मोहित चौधरी आदि मौजूद रहे।
मैं भी अनाथ...
जिस पर बीतती है, दर्द वो समझता है। मैं भी अनाथ हूं, एक बेटा और बहू होने के बावजूद या तो रोटी खुद बनानी पड़ती है या होटल से मंगानी पड़ती है। मैं भी अनाथ ही हूं और अनाथ हुए बच्चों का दर्द समझता हूं। खबर पढ़ते ही मदद के लिए पहुंचा हूं। यह कहते कहते मदद के लिए पहुंचे एक व्यक्ति के आंसू छलक आए।
पेंशन के लिए कराएं आवेदन
ब्लॉक प्रमुख पति विकास राजपूत अपने संग एडीओ समाज कल्याण को लेकर पहुंचे थे। मौके पर ही वृद्धा के बेटे और बहू का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिए। वहीं पेंशन के फार्म भी भरवाए। साथ ही बिजली बिल का बकाया बढ़ता देख जल्द ही गरीब वृद्धा के कनेक्शन को कटवाने के लिए बिजली विभाग के एसडीओ को फोन किया। वहीं राशन डीलर को भी फोन कर पर्याप्त राशन देने के लिए कहा।
अफसरों के कान पर नहीं रेंगी जूं
सामाजिक लोग तो मदद के लिए गांव पहुंच गए लेकिन अफसरों ने जाना गंवारा नहीं समझा। प्रशासन की ओर से न गांव का पंचायत सचिव पहुंचा, न ही लेखपाल और न ही कोई अन्य अधिकारी। जबकि चार किलोमीटर दूर नगीना में तहसील दिवस में मुख्यालय से कई अधिकारी पहुंचे थे।

नगीना के गांव जलालपुर सुल्तान में बुजुर्ग महिला प्रमोद देवी को लिहाफ देते सारथी हम फाउंडेशन के स?- फोटो : BIJNOR

नगीना के गांव जलालपुर सुल्तान में बुजुर्ग महिला प्रमोद देवी हालचाल जानने पहुंचे ब्लॉक प्रमुख पत- फोटो : BIJNOR