फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Swaheri understood the value of daughters

स्वाहेड़ी ने समझा बेटियों का मान

Fri, 24 Jan 2020 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jan 2020 12:03 AM IST
विज्ञापन
Swaheri understood the value of daughters
स्वाहेड़ी ने समझा बेटियों का मान
विज्ञापन

बिजनौर। अगर बेटा घर का चिराग है तो बेटी घर की लक्ष्मी। यह बात अगर कोई न मानता हो तो वह गांव स्वाहेड़ी से सीख ले सकता है। देश में करीब पांच साल से बेटी बचाने के साथ उसकी पढ़ाई को प्रेरित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन गांव स्वाहेड़ी में करीब डेढ़ दशक से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया जा रहा है। गांव में कन्या भ्रूण हत्या की कोई बात नहीं करता है।
कभी गांव स्वाहेड़ी आपसी रंजिश के लिए जाना जाता था, लेकिन इसके बाद गांव में आर्य समाज का प्रभाव बढ़ा। सभी परिवारों के सदस्य आर्य समाज से जुड़े। सभी त्योहारों पर गांवों में हवन होने लगे। आर्य समाज से जुड़े लोगों ने कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अभियान चलाया। गांव में करीब डेढ़ दशक पहले बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया गया। गांवों में जो भी हवन होता तो उसमें बेटे के बजाए बेटी को माता पिता के साथ यजमान बनाया जाने लगा। दूसरे गांव वाले जब फरवरी में होने वाले बड़े हवन में शामिल होने आते तो वह भी गांव स्वाहेड़ी की इस परंपरा से दूर नहीं रह पाए।
विज्ञापन

आज गांव से बाहर भी कई परिवारों में यज्ञ में बेटी को यजमान बनाया जाता है। गांव में बेटियों की शिक्षा पर भी जोर दिया गया। शहर से करीब दस किलोमीटर दूर बसे इस गांव की बेटियां स्कूल बस, रोडवेज व निजी वाहनों से पढ़ने के लिए बिजनौर आती हैं। किसी की पढ़ाई पर कोई रोक नहीं है। गांव की हनी चौधरी प्रोफेसर बन चुकी है। गांव की आकांक्षा चौधरी देश की दूसरे रैंक की पैराशूटर है, तो स्वाति चौधरी भी शूटिंग में नाम कमा रही है। गांव की लगभग हर बेटी साक्षर है। इस गांव की बेटियों से निरक्षरता का दंश काफी पहले खत्म किया जा चुका है। गांव की युवतियां प्राइवेट जॉब करने के लिए बिजनौर आती हैं। आर्य समाज के संरक्षक मनोज आर्य के अनुसार गांव वाले बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान से काफी पहले से जुड़े हैं। बेटी तो समाज का मान सम्मान हैं। बेटी बचाने बेटी पढ़ाने के अभियान से देश का एक एक परिवार जुड़ना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed