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Bijnor News: फाइलेरिया की शंका, रात में बजेगा मरीज खोजने का डंका
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-सभी ब्लॉकों में फाइलेरिया के मरीज खोजने के लिए किया जा रहा सर्वे
-दिन में हुई जांच में नहीं मिलता है फाइलेरिया का लार्वा
-22 गांवों में 22 टीम रात में सर्वे कर फाइलेरिया का मरीज खोजेंगी
-300 स्लाइड सर्वे के दौरान एक गांव में बनाई जाएंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में अब रोगी खोजने का सर्वे रात में होगा। जी हां, फाइलेरिया के मरीजों को खोजने के लिए जिले के 22 गांवों में यह सर्वे किया जा रहा है। फाइलेरिया का लार्वा दिन में खून के अंदर चला जाता है। जो जांच में पकड़ में नहीं आता है। जबकि रात में लार्वा खून से बाहर निकलकर त्वचा पर आ जाता है। जिससे रात में जांच करने पर वह पकड़ में आएगा।
फाइलेरिया एक घातक बीमारी है। फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलती है। इसके काटने से शरीर में वुचेरिया बेंक्राफ्टी नाम का परजीवी प्रवेश कर जाता है। क्यूलेक्स मच्छर माइक्रो फाइलेरिया लार्वा को जन्म देता है। जो किसी व्यक्ति के खून में रात के समय फैलता है। जिसका पता ब्लड टेस्ट के जरिए लगाया जा सकता है।
बिजनौर में अभी तक फाइलेरिया का कोई मरीज नहीं मिला है। चिकित्सकों का कहना है कि इस बीमारी को फैलने में कई साल लगते हैं। इसलिए अगर किसी मरीज में फाइलेरिया का लार्वा होगा तो उसका जांच के बाद इलाज किया जा सकता है। इसलिए बिजनौर के प्रत्येक ब्लॉक के दो गांवों का सर्वे किया जा रहा है।
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प्रत्येक गांव में एक टीम करेगी सर्वे-
मलेरिया विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक गांव में एक टीम सर्वे करेगी। एक टीम में चार सदस्य होंगे। जिनमें आशा, एएनएम या वीसीपीएम, लैब टैक्नीशियन, हेल्थ सुपरवाइजर शामिल रहेंगे। ये टीम रात आठ बजे से 12 बजे तक गांवों में सर्वे करेगी। क्योंकि फाइलेरिया का लार्वा रात में ही पकड़ में आ सकता है।
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प्रत्येक गांव में बनाई जाएगी 300 स्लाइड-
सर्वे के दौरान प्रत्येक टीम एक गांव में लक्षणों के आधार पर 300 लोगों की स्लाइड बनाएगी। जिसके चलते बिजनौर में सभी टीमें में 22 गांवों से 6600 स्लाइड बनाई जाएंगी। साथ ही मौके पर मौजूद लैब टेक्नीशियन खून की जांच करेगा। इससे साफ हो सकेगा कि व्यक्ति में फाइलेरिया का लार्वा है या नहीं।
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फाइलेरिया के लक्षण-
-बुखार, उल्टी, बदन में खुजली होना
-पुरुषों के जननांग व उसके आसपास दर्द व सूजन की समस्या होना
-हाथों, पैरों में सूजन आना
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इन गांवों में हो रहा फाइलेरिया का सर्वे-
बिजनौर के गांव कासमपुरगढ़ी, पुरैनी, बल्दिया, कुम्हारपुरा, स्याऊ, दरबाड़ा, अकबरपुर चौंगावा, इस्सेपुर, मंडावली, फरीदपुर काजी, भनेड़ा, मेमन सादात, साफियाबाद, खलीलपुर, मेमला, मधी, धमरौला, छजुपुरा, सदरुद्धीन नगर, मिमला में सर्वे किया जा रहा है।
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वर्जन::
जिले में 22 गांवों में फाइलेरिया के मरीज खोजने के लिए सर्वे किया जा रहा है। बृहस्पतिवार रात आठ बजे से टीम सर्वे करेंगी। क्योंकि दिन में फाइलेरिया का लार्वा जांच में नहीं आता है। सर्वे में ही मौके पर लैब टेक्नीशियन जांच करेंगी।....आशुतोष सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी, बिजनौर
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-दिन में हुई जांच में नहीं मिलता है फाइलेरिया का लार्वा
-22 गांवों में 22 टीम रात में सर्वे कर फाइलेरिया का मरीज खोजेंगी
-300 स्लाइड सर्वे के दौरान एक गांव में बनाई जाएंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में अब रोगी खोजने का सर्वे रात में होगा। जी हां, फाइलेरिया के मरीजों को खोजने के लिए जिले के 22 गांवों में यह सर्वे किया जा रहा है। फाइलेरिया का लार्वा दिन में खून के अंदर चला जाता है। जो जांच में पकड़ में नहीं आता है। जबकि रात में लार्वा खून से बाहर निकलकर त्वचा पर आ जाता है। जिससे रात में जांच करने पर वह पकड़ में आएगा।
फाइलेरिया एक घातक बीमारी है। फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलती है। इसके काटने से शरीर में वुचेरिया बेंक्राफ्टी नाम का परजीवी प्रवेश कर जाता है। क्यूलेक्स मच्छर माइक्रो फाइलेरिया लार्वा को जन्म देता है। जो किसी व्यक्ति के खून में रात के समय फैलता है। जिसका पता ब्लड टेस्ट के जरिए लगाया जा सकता है।
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बिजनौर में अभी तक फाइलेरिया का कोई मरीज नहीं मिला है। चिकित्सकों का कहना है कि इस बीमारी को फैलने में कई साल लगते हैं। इसलिए अगर किसी मरीज में फाइलेरिया का लार्वा होगा तो उसका जांच के बाद इलाज किया जा सकता है। इसलिए बिजनौर के प्रत्येक ब्लॉक के दो गांवों का सर्वे किया जा रहा है।
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प्रत्येक गांव में एक टीम करेगी सर्वे-
मलेरिया विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक गांव में एक टीम सर्वे करेगी। एक टीम में चार सदस्य होंगे। जिनमें आशा, एएनएम या वीसीपीएम, लैब टैक्नीशियन, हेल्थ सुपरवाइजर शामिल रहेंगे। ये टीम रात आठ बजे से 12 बजे तक गांवों में सर्वे करेगी। क्योंकि फाइलेरिया का लार्वा रात में ही पकड़ में आ सकता है।
प्रत्येक गांव में बनाई जाएगी 300 स्लाइड-
सर्वे के दौरान प्रत्येक टीम एक गांव में लक्षणों के आधार पर 300 लोगों की स्लाइड बनाएगी। जिसके चलते बिजनौर में सभी टीमें में 22 गांवों से 6600 स्लाइड बनाई जाएंगी। साथ ही मौके पर मौजूद लैब टेक्नीशियन खून की जांच करेगा। इससे साफ हो सकेगा कि व्यक्ति में फाइलेरिया का लार्वा है या नहीं।
फाइलेरिया के लक्षण-
-बुखार, उल्टी, बदन में खुजली होना
-पुरुषों के जननांग व उसके आसपास दर्द व सूजन की समस्या होना
-हाथों, पैरों में सूजन आना
इन गांवों में हो रहा फाइलेरिया का सर्वे-
बिजनौर के गांव कासमपुरगढ़ी, पुरैनी, बल्दिया, कुम्हारपुरा, स्याऊ, दरबाड़ा, अकबरपुर चौंगावा, इस्सेपुर, मंडावली, फरीदपुर काजी, भनेड़ा, मेमन सादात, साफियाबाद, खलीलपुर, मेमला, मधी, धमरौला, छजुपुरा, सदरुद्धीन नगर, मिमला में सर्वे किया जा रहा है।
वर्जन::
जिले में 22 गांवों में फाइलेरिया के मरीज खोजने के लिए सर्वे किया जा रहा है। बृहस्पतिवार रात आठ बजे से टीम सर्वे करेंगी। क्योंकि दिन में फाइलेरिया का लार्वा जांच में नहीं आता है। सर्वे में ही मौके पर लैब टेक्नीशियन जांच करेंगी।....आशुतोष सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी, बिजनौर