{"_id":"660c54a458e67496c80b9534","slug":"suraj-gets-life-imprisonment-for-murder-of-child-bijnor-news-c-27-1-smrt1006-121624-2024-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: बच्चे की हत्या में सूरज को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: बच्चे की हत्या में सूरज को उम्रकैद
Wed, 03 Apr 2024 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 03 Apr 2024 12:25 AM IST
विज्ञापन
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामलाल ने तांत्रिक विद्या के चक्कर में तीन वर्षीय बालक की गला काटकर की गई जघन्य हत्या में सूरज को दोषी पाया। जिसके चलते कोर्ट ने सूरज को आजीवन कारावास एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा के अनुसार थाना हीमपुर दीपा के गांव पिलाना में 30 सितंबर 2019 को करीब साढ़े तीन बजे धर्मवीर सिंह का तीन वर्षीय पौत्र आयुष गांव में बनी रविदास धर्मशाला पर खेल रहा था। आयुष को गांव के ही सूरज ने आकर पकड़ लिया और धर्मशाला पर खड़े पीपल के पेड़ के नीचे चाकू से उसकी गर्दन काट दी। परिवार वाले गंभीर घायल बच्चे को चिकित्सक के पास चांदपुर ले जा रहे थे, तब उसकी मौत हो गई। इस घटना की रिपोर्ट आयुष के बाबा धर्मवीर सिंह ने सूरज के विरुद्ध दर्ज कराई थी। पुलिस ने सूरज की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू को दो अक्तूबर 2019 को एक खेत से बरामद किया था। बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया था कि धारदार हथियार के वार से बच्चे की श्वांसनाली, खाने की नली व मुख्य धमनियां कट गई थी। जिस कारण उसकी की मौत हुई। धर्मवीर का कहना था कि उसके पौत्र आयुष की हत्या तांत्रिक विद्या के चक्कर में सूरज ने की है। अदालत ने इस मामले में उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर सूरज को अबोध बच्चे आयुष की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा के अनुसार थाना हीमपुर दीपा के गांव पिलाना में 30 सितंबर 2019 को करीब साढ़े तीन बजे धर्मवीर सिंह का तीन वर्षीय पौत्र आयुष गांव में बनी रविदास धर्मशाला पर खेल रहा था। आयुष को गांव के ही सूरज ने आकर पकड़ लिया और धर्मशाला पर खड़े पीपल के पेड़ के नीचे चाकू से उसकी गर्दन काट दी। परिवार वाले गंभीर घायल बच्चे को चिकित्सक के पास चांदपुर ले जा रहे थे, तब उसकी मौत हो गई। इस घटना की रिपोर्ट आयुष के बाबा धर्मवीर सिंह ने सूरज के विरुद्ध दर्ज कराई थी। पुलिस ने सूरज की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू को दो अक्तूबर 2019 को एक खेत से बरामद किया था। बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया था कि धारदार हथियार के वार से बच्चे की श्वांसनाली, खाने की नली व मुख्य धमनियां कट गई थी। जिस कारण उसकी की मौत हुई। धर्मवीर का कहना था कि उसके पौत्र आयुष की हत्या तांत्रिक विद्या के चक्कर में सूरज ने की है। अदालत ने इस मामले में उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर सूरज को अबोध बच्चे आयुष की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन