{"_id":"57d3087e4f1c1b9679318026","slug":"substandard-materials-purchased-at-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में खरीदी गई घटिया सामग्री ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में खरीदी गई घटिया सामग्री
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:37 AM IST
विज्ञापन
बिजनौर में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में मार्च के महीने में क्रय की गई वस्तुओं की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। डीएम के निर्देश पर खरीदी गई वस्तुओं के जांच कराने के आदेश दिए गए थे। जांच में क्रय की गई वस्तुओं की गुणवत्ता मानक के अनुसार नहीं पाई गई।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में मार्च के महीने में काफी सामान क्रय किया गया था। सामान की खरीदारी आनन-फानन में किए जाने से संदेह के घेरे में आ गई थी। कस्तूरबा स्कूलों के लिए वाटर कूलर, कूलर स्टैंड, एयर कूलर, प्रोटीन पैन पाउडर, प्रोजेक्टर, अलमारी, कंप्यूटर टेबल, पंखे, मिक्सर ग्लैंडर सहित कई वस्तुओं की खरीदारी की गई थी। बेसिक शिक्षा विभाग के दो अधिकारी भी संदेह के घेरे में आ गए थे। सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी पर मनमाने ढंग से खरीदारी कराने के आरोप लगाए गए थे। जांच में सामान घटिया होना पाया गया है, जिस फर्म से सामान खरीदा गया है उस फर्म के कुल भुगतान की 30 प्रतिशत की धनराशि की कटौती करने को कहा गया है।
उधर, बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने कहा कि प्रकरण सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी के समक्ष हैं। उनके संज्ञान में अभी जांच रिपोर्ट का मामला नहीं है।
विज्ञापन
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में मार्च के महीने में काफी सामान क्रय किया गया था। सामान की खरीदारी आनन-फानन में किए जाने से संदेह के घेरे में आ गई थी। कस्तूरबा स्कूलों के लिए वाटर कूलर, कूलर स्टैंड, एयर कूलर, प्रोटीन पैन पाउडर, प्रोजेक्टर, अलमारी, कंप्यूटर टेबल, पंखे, मिक्सर ग्लैंडर सहित कई वस्तुओं की खरीदारी की गई थी। बेसिक शिक्षा विभाग के दो अधिकारी भी संदेह के घेरे में आ गए थे। सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी पर मनमाने ढंग से खरीदारी कराने के आरोप लगाए गए थे। जांच में सामान घटिया होना पाया गया है, जिस फर्म से सामान खरीदा गया है उस फर्म के कुल भुगतान की 30 प्रतिशत की धनराशि की कटौती करने को कहा गया है।
विज्ञापन
उधर, बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने कहा कि प्रकरण सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी के समक्ष हैं। उनके संज्ञान में अभी जांच रिपोर्ट का मामला नहीं है।