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नजीबाबाद में आयोजित विस्थापित परिवार सम्मेलन में बंटवारे का दर्द सुनकर नम हो गईं आंखें
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Tue, 18 Oct 2016 05:05 PM IST
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बिजनौर के नजीबाबाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से परिवार प्रबोधन के बैनर तले विस्थापित परिवार सम्मेलन आयोजित किया गया। देश विभाजन के समय घटित हृदय विदारक घटनाओं को विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधियों ने साझा किया, तो हर किसी की आंख नम हो गई।
साहू छजमलदास रामरक्षपाल सरस्वती विद्या मंदिर में हुए सम्मेलन में मुख्य वक्ता आरएसएस के उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संघचालक डॉ.दर्शनलाल अरोड़ा ने कहा कि बंटवारे का दर्द सात दशक बाद भी लोग भुला नहीं पाए हैं। मुख्य अतिथि डॉ.विनोद चावला ने देेश के बंटवारे के बाद वर्तमान पाकिस्तान (तत्कालीन अखंड भारत) से भारत आए विस्थापित परिवारों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम अध्यक्ष सुरजीत सिंह वाधवा की अध्यक्षता में विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधियों केवल जुनेजा, देशराज ग्रोवर, नरेश कालरा, जुगल किशोर, वीरा साहनी, सुभाषचंद ने भी विचार रखे। विस्थापित परिवारों के सदस्य सम्मानित किए गए।
सम्मेलन में अजय कुमार, नागेंद्र कुमार, ललित कुमार, मूलचंद, सुनील कुमार, भूपाल सिंह शास्त्री, विपिन महेंद्रा, द्रवित कुमार, पंकज कुमार, डॉ. आशुतोष आदि उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य सुरेंद्र शर्मा ने संचालन कर अपने विचार रखे।
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साहू छजमलदास रामरक्षपाल सरस्वती विद्या मंदिर में हुए सम्मेलन में मुख्य वक्ता आरएसएस के उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संघचालक डॉ.दर्शनलाल अरोड़ा ने कहा कि बंटवारे का दर्द सात दशक बाद भी लोग भुला नहीं पाए हैं। मुख्य अतिथि डॉ.विनोद चावला ने देेश के बंटवारे के बाद वर्तमान पाकिस्तान (तत्कालीन अखंड भारत) से भारत आए विस्थापित परिवारों को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम अध्यक्ष सुरजीत सिंह वाधवा की अध्यक्षता में विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधियों केवल जुनेजा, देशराज ग्रोवर, नरेश कालरा, जुगल किशोर, वीरा साहनी, सुभाषचंद ने भी विचार रखे। विस्थापित परिवारों के सदस्य सम्मानित किए गए।
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सम्मेलन में अजय कुमार, नागेंद्र कुमार, ललित कुमार, मूलचंद, सुनील कुमार, भूपाल सिंह शास्त्री, विपिन महेंद्रा, द्रवित कुमार, पंकज कुमार, डॉ. आशुतोष आदि उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य सुरेंद्र शर्मा ने संचालन कर अपने विचार रखे।
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