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नगर की संगीत प्रतिभा ने कव्वाली गायन से बॉलीवुड में दी दस्तक
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‘द जोकर’ फिल्म की कव्वाली में शाहरुख खान ने बिखेरे जलवे
नजीबाबाद। युवा संगीत प्रेमी शाहरुख खान ने कव्वाली, गीत, गजल, गायन और वाद्य यंत्र संचालन में महारथ हासिल करने के साथ बॉलीवुड में भी दस्तक दी है। ‘द जोकर’ फिल्म में शाहरुख खान ने कव्वाली गाकर दर्शकों का दिल जीता।
आकाशवाणी, दूरदर्शन पर गायन के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने वाले शाहरुख खान ने एमएक्स प्लेयर पर हाल ही में रिलीज हुई निर्मात-निर्देशक रणविजय सिंह, प्रोड्यूसर इकबाल अहमद की फिल्म ‘द जोकर’ में कव्वाली के जरिए फिल्मी पर्दे पर अपने कॅरिअर का आगाज किया। शाहरुख ने मशहूर शायर महेंद्र अश्क और सरफराज साबरी के कलाम ‘तेरे दरबार में बेकसों की सुनी जाती है, झोली हर मांगने वाली की भरी जाती है...’ पर कव्वाली पेश कर अपनी अंदर छिपी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
आकाशवाणी नजीबाबाद के संगीत विभाग में कार्यरत सनव्वर अली खां के पुत्र शाहरुख खान ने नगर के पब्लिक मॉंटेसरी स्कूल से संगीत मंच की शुरुआत की। अपने दादा मशहूर सारंगी वादक मकसूद हुसैन खां, पिता सनव्वर अली खां से संगीत की शिक्षा शाहरुख खान को विरासत में मिली। आकाशवाणी के बी हाई ग्रेड कलाकार शाहरुख गीत, भजन, गजल, कव्वाली गायन के साथ विभिन्न वाद्य यंत्रों को बजाने की महारथ से आकाशवाणी सहित देश-विदेश के संगीत मंचों के माध्यम से श्रोताओं की दिलों की धड़कन बनते आए हैं। (
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नजीबाबाद। युवा संगीत प्रेमी शाहरुख खान ने कव्वाली, गीत, गजल, गायन और वाद्य यंत्र संचालन में महारथ हासिल करने के साथ बॉलीवुड में भी दस्तक दी है। ‘द जोकर’ फिल्म में शाहरुख खान ने कव्वाली गाकर दर्शकों का दिल जीता।
आकाशवाणी, दूरदर्शन पर गायन के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने वाले शाहरुख खान ने एमएक्स प्लेयर पर हाल ही में रिलीज हुई निर्मात-निर्देशक रणविजय सिंह, प्रोड्यूसर इकबाल अहमद की फिल्म ‘द जोकर’ में कव्वाली के जरिए फिल्मी पर्दे पर अपने कॅरिअर का आगाज किया। शाहरुख ने मशहूर शायर महेंद्र अश्क और सरफराज साबरी के कलाम ‘तेरे दरबार में बेकसों की सुनी जाती है, झोली हर मांगने वाली की भरी जाती है...’ पर कव्वाली पेश कर अपनी अंदर छिपी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
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आकाशवाणी नजीबाबाद के संगीत विभाग में कार्यरत सनव्वर अली खां के पुत्र शाहरुख खान ने नगर के पब्लिक मॉंटेसरी स्कूल से संगीत मंच की शुरुआत की। अपने दादा मशहूर सारंगी वादक मकसूद हुसैन खां, पिता सनव्वर अली खां से संगीत की शिक्षा शाहरुख खान को विरासत में मिली। आकाशवाणी के बी हाई ग्रेड कलाकार शाहरुख गीत, भजन, गजल, कव्वाली गायन के साथ विभिन्न वाद्य यंत्रों को बजाने की महारथ से आकाशवाणी सहित देश-विदेश के संगीत मंचों के माध्यम से श्रोताओं की दिलों की धड़कन बनते आए हैं। (
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