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इल्म से मिलती है तरक्की और इज्जत
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Updated Mon, 23 May 2016 11:40 PM IST
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बिजनौर में जामा मस्जिद में इजलास को खिताब करते मौलाना।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के गजरौला शिव में शब-ए बारात पर जिलेभर में अमनो-अमान की दुआ की गई। गुनाहों से तौबा कर अल्लाह से उससे निजात दिलाने की दुआ की।
कब्रिस्तानों में जाकर अपने मरहूम परिजनों की मगफिरत की दुआ की गई। सोमवार को मुस्लिमों ने रोजा भी रखा।
मोहल्ला चाहशीरी में आयोजित इजलास को खिताब करते हुए दारुल उलूम देवबंद से आए मौलाना नौशाद आलम ने कहा कि अल्लाहताला ने इंसान को अपनी इबादत के लिए पैदा किया है। अगर हम अल्लाह का शुक्र अदा करेंगे, तो अल्लाह हमें तरक्की से नवाजेगा। मौलाना अनवारूल हक ने कहा कि इल्म चाहे दीन का हो या दुनिया का, इंसान को तरक्की और इज्जत देता है।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में कदम-कदम पर स्कूल, कॉलेज और मदरसे कायम हैं। अगर ऐसे में भी हमारे बच्चे अनपढ़ रह जाएं, तो यह बहुत बड़ी बदकिस्मती होगी। मौलाना साजिद ने कुरान का हाफिज बनने को बहुत बड़ी उपलब्धि बताया। सदारत कारी मुनीर आलम व निजामत मौलाना खुर्रम सईद ने की।
इजलास में कारी अब्दुल कादिर, मोहम्मद इरफान प्रतापगढ़ी, हाफिज मोहम्मद सलमान, मुफ्ती हिफ्जान आदि मौजूद रहे।
गांव गजरौला शिव स्थित जामा मस्जिद में मुफ्ती मोहम्मद इशाक ने कहा कि शब-ए बारात को अगर बंदा अल्लाह को सच्चे दिल से याद करे, तो अल्लाह उस पर बेशुमार रहमतें बरसाता है। उन्होंने मुल्क की तरक्की व बारिश के लिए रो रोकर दुआ कराई। इसके अलावा जंदरपुर, अलाउदीनपुर, मंडावली आदि में भी इबादत की गई।
कब्रिस्तानों में जाकर अपने मरहूम परिजनों की मगफिरत की दुआ की गई। सोमवार को मुस्लिमों ने रोजा भी रखा।
मोहल्ला चाहशीरी में आयोजित इजलास को खिताब करते हुए दारुल उलूम देवबंद से आए मौलाना नौशाद आलम ने कहा कि अल्लाहताला ने इंसान को अपनी इबादत के लिए पैदा किया है। अगर हम अल्लाह का शुक्र अदा करेंगे, तो अल्लाह हमें तरक्की से नवाजेगा। मौलाना अनवारूल हक ने कहा कि इल्म चाहे दीन का हो या दुनिया का, इंसान को तरक्की और इज्जत देता है।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में कदम-कदम पर स्कूल, कॉलेज और मदरसे कायम हैं। अगर ऐसे में भी हमारे बच्चे अनपढ़ रह जाएं, तो यह बहुत बड़ी बदकिस्मती होगी। मौलाना साजिद ने कुरान का हाफिज बनने को बहुत बड़ी उपलब्धि बताया। सदारत कारी मुनीर आलम व निजामत मौलाना खुर्रम सईद ने की।
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इजलास में कारी अब्दुल कादिर, मोहम्मद इरफान प्रतापगढ़ी, हाफिज मोहम्मद सलमान, मुफ्ती हिफ्जान आदि मौजूद रहे।
गांव गजरौला शिव स्थित जामा मस्जिद में मुफ्ती मोहम्मद इशाक ने कहा कि शब-ए बारात को अगर बंदा अल्लाह को सच्चे दिल से याद करे, तो अल्लाह उस पर बेशुमार रहमतें बरसाता है। उन्होंने मुल्क की तरक्की व बारिश के लिए रो रोकर दुआ कराई। इसके अलावा जंदरपुर, अलाउदीनपुर, मंडावली आदि में भी इबादत की गई।
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