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छोईया नदी का पानी देख टीम दंग
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:51 PM IST
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गंगा बैराज पर सर्वे करने पहुंची नेशनल गंगा स्वच्छ मिशन की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में नमामि गंगा योजना की नेशनल गंगा स्वच्छ मिशन की टीम छोईया नदी का काला पानी देखकर दंग रह गई। छोईया नदी की गंदगी का असर आसपास के गांवों में भूगर्भ जल पर भी पड़ रहा है। टीम ने गांव अगरी में नल चलाकर देखा तो पानी काला आया। ग्रामीणों ने बताया कि पानी प्रदूषित होने से यहां और आसपास के गांवों के पांच लोगों की मौत हर साल कैंसर से हो जाती है। टीम ने रिपोर्ट से गंगा एवं जल संसाधन मंत्रालय को अवगत करा दिया है।
गंगा के किनारे बसे जिले में शनिवार व रविवार को मंत्रालय की टीम ने निरीक्षण किया। इसकी निगरानी केंद्रीय मंत्री उमा भारती कर रही हैं। बिजनौर में टीम ने गंगा में समाहित होने वाली नदियों व नालों का निरीक्षण किया। टीम में शामिल कृतिका कौशिक व निधि गंगा विचार मंच के जिला संयोजक सौरभ सिंघल के साथ टीम नगीना रोड स्थित छोईया नदी के पुल पर पहुंची। यहां नदी का पानी एकदम स्वच्छ मिला। टीम नदी का पानी देखने अगरी के पास गई तो वहां पानी एकदम काला, बदबूदार और कैमिकलयुक्त था। पक्षी भी धारा तो क्या, आसपास भी नहीं दिखे। टीम ने गांव में नल चलाकर देखा तो इसका पानी भी नदी के प्रभाव से काला आ रहा था।
गांववालों ने टीम को बताया कि कुछ साल पहले तक नदी का पानी एकदम साफ था, लेकिन अब यह इतना प्रदूषित और बदबूदार हो गया है कि नदी की धारा के आसपास भी खड़े नहीं रह सकते। नदी का पानी जमीन में जाने से भूगर्भ जल भी दूषित हो गया है। छोइया के आसपास के गांवों में हर साल पांच-सात गांव वालों की कैंसर से मौत हो जाती है। गांववालों ने बताया कि छोईया नदी का पानी धोखे से कोई पशु या जानवर पी ले तो उसकी मौत हो जाती है। टीम ने छोईया नदी की हालत के बारे में मंत्रालय के अधिकारियों को अवगत करा दिया है। टीम को गांव रावली में मालन नदी का पानी साफ मिला।
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कंभौर का पानी भी प्रदूषित
छोईया नदी के प्रदूषित जल का असर आसपास के गांवों तक भी पहुंचने लगा है। अगरी के लोगों ने टीम को बताया कि गांव कंभौर में भी नलों से गंदा पानी निकल रहा है, जबकि वह छोईया नदी से काफी दूरी पर है। अगरी के लोगों ने बताया कि वे नल के बजाय सबमर्सिबल का पानी ही पीते हैं। पशुओं को भी सबमर्सिबल का पानी ही पिला रहे हैं। बिजली न होने से पानी न भरे तो उनके सामने दिक्कत आ जाती है।
निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
टीम ने गंगा बैराज पर बनाए जा रहे घाट, शवदाह गृह व विदुर कुटी पर हो रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। गंगा बैराज घाट पर रेलिंग लगाने को कहा। सीवर लाइन के ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण कर इसे जल्दी चलाने को कहा। टीम ने डीएम जगतराज व सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी से भी वार्ता की। इस दौरान जल निगम के एई गौरव चौधरी, जेई रविकांत गौतम सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
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गंगा के किनारे बसे जिले में शनिवार व रविवार को मंत्रालय की टीम ने निरीक्षण किया। इसकी निगरानी केंद्रीय मंत्री उमा भारती कर रही हैं। बिजनौर में टीम ने गंगा में समाहित होने वाली नदियों व नालों का निरीक्षण किया। टीम में शामिल कृतिका कौशिक व निधि गंगा विचार मंच के जिला संयोजक सौरभ सिंघल के साथ टीम नगीना रोड स्थित छोईया नदी के पुल पर पहुंची। यहां नदी का पानी एकदम स्वच्छ मिला। टीम नदी का पानी देखने अगरी के पास गई तो वहां पानी एकदम काला, बदबूदार और कैमिकलयुक्त था। पक्षी भी धारा तो क्या, आसपास भी नहीं दिखे। टीम ने गांव में नल चलाकर देखा तो इसका पानी भी नदी के प्रभाव से काला आ रहा था।
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गांववालों ने टीम को बताया कि कुछ साल पहले तक नदी का पानी एकदम साफ था, लेकिन अब यह इतना प्रदूषित और बदबूदार हो गया है कि नदी की धारा के आसपास भी खड़े नहीं रह सकते। नदी का पानी जमीन में जाने से भूगर्भ जल भी दूषित हो गया है। छोइया के आसपास के गांवों में हर साल पांच-सात गांव वालों की कैंसर से मौत हो जाती है। गांववालों ने बताया कि छोईया नदी का पानी धोखे से कोई पशु या जानवर पी ले तो उसकी मौत हो जाती है। टीम ने छोईया नदी की हालत के बारे में मंत्रालय के अधिकारियों को अवगत करा दिया है। टीम को गांव रावली में मालन नदी का पानी साफ मिला।
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कंभौर का पानी भी प्रदूषित
छोईया नदी के प्रदूषित जल का असर आसपास के गांवों तक भी पहुंचने लगा है। अगरी के लोगों ने टीम को बताया कि गांव कंभौर में भी नलों से गंदा पानी निकल रहा है, जबकि वह छोईया नदी से काफी दूरी पर है। अगरी के लोगों ने बताया कि वे नल के बजाय सबमर्सिबल का पानी ही पीते हैं। पशुओं को भी सबमर्सिबल का पानी ही पिला रहे हैं। बिजली न होने से पानी न भरे तो उनके सामने दिक्कत आ जाती है।
निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
टीम ने गंगा बैराज पर बनाए जा रहे घाट, शवदाह गृह व विदुर कुटी पर हो रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। गंगा बैराज घाट पर रेलिंग लगाने को कहा। सीवर लाइन के ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण कर इसे जल्दी चलाने को कहा। टीम ने डीएम जगतराज व सीडीओ डा.इंद्रमणि त्रिपाठी से भी वार्ता की। इस दौरान जल निगम के एई गौरव चौधरी, जेई रविकांत गौतम सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।