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साहिबजादों को नमन करने के लिए उमड़ी संगत
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नजीबाबाद के बड़िया में गुरुमति समागम में पहुंचे श्रद्घालु।
- फोटो : NAZIBABAD
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नजीबाबाद। गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों की स्मृति में विशाल गुरुमति समागम बड़िया गुरुद्वारे में आयोजित किया गया। शबद गुरुबाणी के साथ शुरू हुए समागम में चारों साहिबजादों के त्याग और बलिदान को याद किया गया।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा बड़िया के ग्रंथी ज्ञानी मंजीत सिंह, प्रधान सरदार गुरदेव सिंह, सचिव नरेंद्र सिंह संधू के नेतृत्व में बड़िया गुरुद्वारे में रविवार को गुरुमति समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथावाचक शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर पंजाब ज्ञानी जगदेव सिंह, ज्ञानी गुरभेज सिंह, ग्रंथी ज्ञानी मंजीत सिंह ने कथावाचन किया। कथावाचकों ने गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतह सिंह के त्याग और बलिदान की गाथा का बखान करते हुए उन्हें नमन किया। रागी कीर्तन जत्था के भाई कवंल जीत सिंह, जोगिंदर सिंह ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर भी सिख विद्वानों ने संगत को कथावाचन से निहाल किया।
गुरुमति समागम के समापन पर गुरु का लंगर बरताया गया। इस अवसर पर गुरुचरण सिंह, सरदार इकबाल सिंह, नरेंद्र पाल सिंह, अरवेल सिंह, पूर्व प्रधान सरदूल सिंह, रतनलाल, गुरमेज सिंह, दलवीर सिंह, गुरमीत सिंह, वरिंदर सिंह बांठ, सर्वदयाल सिंह, परमजीत, मंजिंदर सिंह, बीबी शिंदर कौर, बीबी अमरजीत कौर, बीबी जसविंदर सिंह कौर सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग उपस्थित रहे।
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गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा बड़िया के ग्रंथी ज्ञानी मंजीत सिंह, प्रधान सरदार गुरदेव सिंह, सचिव नरेंद्र सिंह संधू के नेतृत्व में बड़िया गुरुद्वारे में रविवार को गुरुमति समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथावाचक शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर पंजाब ज्ञानी जगदेव सिंह, ज्ञानी गुरभेज सिंह, ग्रंथी ज्ञानी मंजीत सिंह ने कथावाचन किया। कथावाचकों ने गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतह सिंह के त्याग और बलिदान की गाथा का बखान करते हुए उन्हें नमन किया। रागी कीर्तन जत्था के भाई कवंल जीत सिंह, जोगिंदर सिंह ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर भी सिख विद्वानों ने संगत को कथावाचन से निहाल किया।
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गुरुमति समागम के समापन पर गुरु का लंगर बरताया गया। इस अवसर पर गुरुचरण सिंह, सरदार इकबाल सिंह, नरेंद्र पाल सिंह, अरवेल सिंह, पूर्व प्रधान सरदूल सिंह, रतनलाल, गुरमेज सिंह, दलवीर सिंह, गुरमीत सिंह, वरिंदर सिंह बांठ, सर्वदयाल सिंह, परमजीत, मंजिंदर सिंह, बीबी शिंदर कौर, बीबी अमरजीत कौर, बीबी जसविंदर सिंह कौर सहित बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग उपस्थित रहे।
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