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वरदान से कम नहीं गरीब बच्चों के लिए आरटीई
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वरदान से कम नहीं गरीब बच्चों के लिए आरटीई
बिजनौर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों में जनपद के करीब 308 बच्चे निशुल्क ज्ञान प्राप्त कर अपना भविष्य संवार रहे हैं। इस योजना के तहत शैक्षिक सत्र में तीन चरण में प्रवेश होते हैं। पहले व दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया पूर्ण होने पर 308 बच्चों को प्रवेश दिला दिया गया है। तीसरे चरण की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए 15 जून को लॉटरी सिस्टम से स्कूलों का चयन किया जाएगा। चयनित बच्चों को नर्सरी में जुलाई के पहले सप्ताह में प्रवेश दिला दिया जाएगा।
गरीब परिवार के बच्चों को आरटीई के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश दिलाया जाता है। योजना के तहत पहले तथा दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। पहले चरण में लॉटरी के माध्यम से 234 बच्चों का चयन कर उन्हें विकल्प वाले स्कूलों में प्रवेश दिला दिया गया था। दूसरे चरण में 170 बच्चों का चयन कर उन्हें उनके द्वारा फार्म में भरे स्कूलों में प्रवेश दिला दिया था। आरटीई के तहत तीसरे चरण में प्रवेश लेने के लिए इच्छुक व्यक्तियों ने अपने बच्चों के आरटीई के तहत आवेदन कर दिए हैं। इस योजना में ऑनलाइन फार्म भरे गए हैं। उसके बाद की प्रक्रिया पूर्ण कर प्रवेश कराए जाएंगे। अभिभावकों के ऑनलाइन आवेदन पत्रों की जांच के उपरांत 15 जून को डीएम की उपस्थिति में लॉटरी सिस्टम के माध्यम से उन्हें स्कूल आवंटन कर दिया जाएगा। इस योजना में बच्चों को प्रारंभिक पढ़ाई नर्सरी से कक्षा एक के लिए ही स्कूलों में निशुल्क प्रवेश दिलाया जाता है।
आरटीई के तहत पहले व दूसरे चरण में प्रवेश दिला दिए गए थे। दोनों चरणों में 308 बच्चों को निशुल्क निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया। तीसरे चरण में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। डीएम की उपस्थिति में 15 जून को लॉटरी के मध्यम स्कूलों का आवंटन किया जाएगा।
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- जयकरन यादव, बीएसए
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बिजनौर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों में जनपद के करीब 308 बच्चे निशुल्क ज्ञान प्राप्त कर अपना भविष्य संवार रहे हैं। इस योजना के तहत शैक्षिक सत्र में तीन चरण में प्रवेश होते हैं। पहले व दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया पूर्ण होने पर 308 बच्चों को प्रवेश दिला दिया गया है। तीसरे चरण की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए 15 जून को लॉटरी सिस्टम से स्कूलों का चयन किया जाएगा। चयनित बच्चों को नर्सरी में जुलाई के पहले सप्ताह में प्रवेश दिला दिया जाएगा।
गरीब परिवार के बच्चों को आरटीई के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश दिलाया जाता है। योजना के तहत पहले तथा दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। पहले चरण में लॉटरी के माध्यम से 234 बच्चों का चयन कर उन्हें विकल्प वाले स्कूलों में प्रवेश दिला दिया गया था। दूसरे चरण में 170 बच्चों का चयन कर उन्हें उनके द्वारा फार्म में भरे स्कूलों में प्रवेश दिला दिया था। आरटीई के तहत तीसरे चरण में प्रवेश लेने के लिए इच्छुक व्यक्तियों ने अपने बच्चों के आरटीई के तहत आवेदन कर दिए हैं। इस योजना में ऑनलाइन फार्म भरे गए हैं। उसके बाद की प्रक्रिया पूर्ण कर प्रवेश कराए जाएंगे। अभिभावकों के ऑनलाइन आवेदन पत्रों की जांच के उपरांत 15 जून को डीएम की उपस्थिति में लॉटरी सिस्टम के माध्यम से उन्हें स्कूल आवंटन कर दिया जाएगा। इस योजना में बच्चों को प्रारंभिक पढ़ाई नर्सरी से कक्षा एक के लिए ही स्कूलों में निशुल्क प्रवेश दिलाया जाता है।
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आरटीई के तहत पहले व दूसरे चरण में प्रवेश दिला दिए गए थे। दोनों चरणों में 308 बच्चों को निशुल्क निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया। तीसरे चरण में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। डीएम की उपस्थिति में 15 जून को लॉटरी के मध्यम स्कूलों का आवंटन किया जाएगा।
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- जयकरन यादव, बीएसए