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अमानगढ़ में फिर से होगी रॉयल बंगार टाइगर की गणना
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अमानगढ़ में फिर होगी रॉयल बंगाल टाइगर की गणना
बिजनौर। अमानगढ़ वन रेंज में फिर से रॉयल बंगाल टाइगर की गिनती की जाएगी। वन विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसी महीने रेंज के वन क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगा दिए जाएंगे। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम बाघों की गणना करेगी।
बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। देश में पहली बार बाघों की गणना कैमरों की मदद से की गई है। 2009 में पहली बार जब बाघों की गणना हुई थी तब अमानगढ़ रेंज में 12 बाघ मिले थे। लेकिन पिछले साल हुई गणना में जिले में बाघों की संख्या बढ़कर 22 हो गई थी। इसके बाद भी एक बाघिन के साथ दो शावक मिले थे। जबकि गणना में शावक नहीं दिखे थे। अमानगढ़ रेंज में पहली बार बाघों की गणना ट्रैप कैमरे से की गई थी। ट्रैप कैमरे के सामने आते ही बाघ का फोटो खिंच जाता है। इसके बाद विशेषज्ञों द्वारा फोटो की गहनता से अध्य्यन करके बाघों की गणना की जाती है। कद, काठी, हाव भाव आदि के आधार पर विशेषज्ञों की टीम ने बाघों की गणना करते हैं। इस बार फिर से बाघों की गणना करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिये अमानगढ़ रेंज में 90 ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे। विशेषज्ञों की टीम एक दो दिन में ही इसके लिए अमानगढ़ पहुंचने वाली है। जिस क्षेत्र में बाघ की आवक ज्यादा देखी जाती है वहां पर कैमरे लगाए जाएंगे। डीएफओ डाक्टर एम सेम्मारन के मुताबिक बाघों की गणना के लिए फिर से तैयारी की जा रही है। ट्रैप कैमरे लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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बिजनौर। अमानगढ़ वन रेंज में फिर से रॉयल बंगाल टाइगर की गिनती की जाएगी। वन विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसी महीने रेंज के वन क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगा दिए जाएंगे। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम बाघों की गणना करेगी।
बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। देश में पहली बार बाघों की गणना कैमरों की मदद से की गई है। 2009 में पहली बार जब बाघों की गणना हुई थी तब अमानगढ़ रेंज में 12 बाघ मिले थे। लेकिन पिछले साल हुई गणना में जिले में बाघों की संख्या बढ़कर 22 हो गई थी। इसके बाद भी एक बाघिन के साथ दो शावक मिले थे। जबकि गणना में शावक नहीं दिखे थे। अमानगढ़ रेंज में पहली बार बाघों की गणना ट्रैप कैमरे से की गई थी। ट्रैप कैमरे के सामने आते ही बाघ का फोटो खिंच जाता है। इसके बाद विशेषज्ञों द्वारा फोटो की गहनता से अध्य्यन करके बाघों की गणना की जाती है। कद, काठी, हाव भाव आदि के आधार पर विशेषज्ञों की टीम ने बाघों की गणना करते हैं। इस बार फिर से बाघों की गणना करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिये अमानगढ़ रेंज में 90 ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे। विशेषज्ञों की टीम एक दो दिन में ही इसके लिए अमानगढ़ पहुंचने वाली है। जिस क्षेत्र में बाघ की आवक ज्यादा देखी जाती है वहां पर कैमरे लगाए जाएंगे। डीएफओ डाक्टर एम सेम्मारन के मुताबिक बाघों की गणना के लिए फिर से तैयारी की जा रही है। ट्रैप कैमरे लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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