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शांत क्षेत्र में आतिशबाजी पर लगी रोक
बिजनौर/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:05 AM IST
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police
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिले में भी रात आठ बजे से दस बजे तक ही आतिशबाजी की जाएगी। शांत क्षेत्रों की 100 मीटर की परिधि में आतिशबाजी पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। मानक से अधिक आवाज के पटाखे बनाने व बेचने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। आतिशबाजी की आवाज नापने के लिए पुलिस को साउंड मीटर दिलाने को कहा गया है।
डीएम अटल कुमार राय ने बताया कि पांच नवंबर को धनतेरस, छह व सात नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी। इस मौके पर बाजार में उपभोक्ताओं की भारी भीड़ होती है। इस दौरान संभावित आगजनी, विस्फोट पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आतिशबाजी की दुकानों व गोदामों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। किसी भी दशा में आतिशबाजी शाम आठ बजे से पहले व रात दस बजे के बाद नहीं होगी।
शांत क्षेत्र जैसे अस्पताल, शैक्षिक क्षेत्र, न्यायालय, धार्मिक स्थल या सक्षक अधिकारी द्वारा घोषित किसी क्षेत्र की 100 मीटर की परिधि में आतिशबाजी नहीं होगी। आबादी के बीच बेचे जा रहे पटाखों को तुरंत कब्जे में ले लिया जाएगा। पटाखों की आवाज 145 डीबी से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस तरह के पटाखे बनाने व बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। सार्वजनिक रास्तों पर पटाखे न चलाएं। डीएम के अनुसार इन आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
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उधर, दीपावली का त्योहर नजदीक आते ही मिलावटखोरी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है। अफसरों के अनुसार जल्द ही अभियान की शुुुरुआत कर दी जाएगी। इसके लिए दो टीम का गठन किया गया। विशेषकर दूध तथा दूध से बने पेय एवं खाद्य पदार्थों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाएगी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार अभियान का मुख्य एजेंडा दूध और दूध से बने पदार्थों पर रहेगा।
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डीएम अटल कुमार राय ने बताया कि पांच नवंबर को धनतेरस, छह व सात नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी। इस मौके पर बाजार में उपभोक्ताओं की भारी भीड़ होती है। इस दौरान संभावित आगजनी, विस्फोट पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आतिशबाजी की दुकानों व गोदामों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। किसी भी दशा में आतिशबाजी शाम आठ बजे से पहले व रात दस बजे के बाद नहीं होगी।
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शांत क्षेत्र जैसे अस्पताल, शैक्षिक क्षेत्र, न्यायालय, धार्मिक स्थल या सक्षक अधिकारी द्वारा घोषित किसी क्षेत्र की 100 मीटर की परिधि में आतिशबाजी नहीं होगी। आबादी के बीच बेचे जा रहे पटाखों को तुरंत कब्जे में ले लिया जाएगा। पटाखों की आवाज 145 डीबी से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस तरह के पटाखे बनाने व बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। सार्वजनिक रास्तों पर पटाखे न चलाएं। डीएम के अनुसार इन आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
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उधर, दीपावली का त्योहर नजदीक आते ही मिलावटखोरी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है। अफसरों के अनुसार जल्द ही अभियान की शुुुरुआत कर दी जाएगी। इसके लिए दो टीम का गठन किया गया। विशेषकर दूध तथा दूध से बने पेय एवं खाद्य पदार्थों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाएगी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार अभियान का मुख्य एजेंडा दूध और दूध से बने पदार्थों पर रहेगा।