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पहाड़ों पर बारिश से मची तबाही
अमर उजाला बिजनौर
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:35 AM IST
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जान हथेली पर रखकर बनेली नदी को पार करते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में बारिश ने कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों मे तबाही मचाई है। पानी से कालागढ़ कोटद्वार मोटर मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। डीएफओ कोका रोजा के अनुसार मौसमी नदियों ने कई जगह से रास्ते को अवरुद्ध कर दिया है।
पर्वतीय इलाकों में हो रही बारिश का पानी कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों पर क़हर बनकर टूटा है। डीएफओ कोका रोजा ने बताया धौलखंड स्रोत, गूजर स्रोत, नीम स्रोत आदि में आए पानी ने मार्ग को क्षति पहुंचाई है। इन स्रोतों में मंगलवार की सायंकाल भी तेज पानी चल रहा है। पानी यूपी के बिजनौर जिला के वीरभानवाला आदि गांव को जा रहा है। गश्ती दलों को सतर्क किया गया है।
रामगंगा बांध के नियंत्रण कक्ष के अनुसार दोपहर को बांध का जलस्तर 336 मीटर को पार कर गया है। बांध में मारचूला से काफी पानी आ रहा है। दोपहर को हरेवली से नदी में 25 हजार क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। यह पानी पहाड़ों से नदी आ रहा है।
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इस बीच, बाढ़ का पानी हरेवली क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में घुस गया है। लोगों ने गांवों से पलायन शुरू कर दिया है। बैलगाड़ियों व अन्य साधनों से गांववासी सुरक्षित स्थानों पर जा रहे थे। लोगों का कहना है कि उनके गांवों में ऐसी बाढ़ आज तक नहीं देखी गई है। ऐसा लग रहा है कि जैसे पहाड़ी क्षेत्र में बादल फट गया हो। जिन गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है। उनमें अधिकांश गांव ओगली नदी व सूखा स्रोत नदी के किनारे बसे हैं।
यह पूरा क्षेत्र साहुवाला वन रेंज में आता है। गुरदयाल सिंह, गुरतीम सिंह आदि ने कहा कि इन नदियों में केवल वन क्षेत्र का ही पानी आता है। हालांकि सोमवार रात करीब नौ बजे क्षेत्र के गांव मधुपुरी, कुआखेड़ा, वीरभानवाला, चंपतपुर चकला, मीरापुर, भोगपुर में सोमवार की रात उनके गांवों में इन नदियों का बाढ़ का पानी अचानक घुस आया। इससे ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। इन गांवों में तीन से चार फिट तक पानी लोगों के घरों में घुस गया।
लोगों के घरों में कुछ भी सामान खाने व नहाने को नहीं बचा। हजारों हेक्टेयर क्षेत्रफल में लहलहाती फसलें बाढ़ के पानी में डूबने से बर्बाद हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ राहत के नाम पर भी मंगलवार शाम तक उन्हें कुछ भी मुहैया नहीं हो सका। सुखविंदर सिंह, तारा सिंह, घनजीत सिंह, सुरजीत सिंह, अमर सिंह, लक्खा सिंह और गुरदयाल सिंह का कहना है कि प्रशासन को तुरंत मदद मुहैया करानी चाहिए।
थाना मंडावर के गांव मिर्जापुर उर्फ चंद्रभानपुर निवासी महेंद्र सिंह, जोगेंद्र सिंह, मांगे राम, सुनील, सुरेंद्र आदि ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने गांव को गंगानदी के पानी से खतरा बताया है।
डीएम को दिए पत्र में कहा है कि गंगा नदी के बहाव ग्रामीणों के लिए खतरा बना हुआ है। गंगा नदी का पानी गांव से करीब 200 मीटर की दूरी पर है। स्कूली बच्चे भी खतरा मोल लेकर आ जा रहे हैं।
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पर्वतीय इलाकों में हो रही बारिश का पानी कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों पर क़हर बनकर टूटा है। डीएफओ कोका रोजा ने बताया धौलखंड स्रोत, गूजर स्रोत, नीम स्रोत आदि में आए पानी ने मार्ग को क्षति पहुंचाई है। इन स्रोतों में मंगलवार की सायंकाल भी तेज पानी चल रहा है। पानी यूपी के बिजनौर जिला के वीरभानवाला आदि गांव को जा रहा है। गश्ती दलों को सतर्क किया गया है।
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रामगंगा बांध के नियंत्रण कक्ष के अनुसार दोपहर को बांध का जलस्तर 336 मीटर को पार कर गया है। बांध में मारचूला से काफी पानी आ रहा है। दोपहर को हरेवली से नदी में 25 हजार क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। यह पानी पहाड़ों से नदी आ रहा है।
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इस बीच, बाढ़ का पानी हरेवली क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में घुस गया है। लोगों ने गांवों से पलायन शुरू कर दिया है। बैलगाड़ियों व अन्य साधनों से गांववासी सुरक्षित स्थानों पर जा रहे थे। लोगों का कहना है कि उनके गांवों में ऐसी बाढ़ आज तक नहीं देखी गई है। ऐसा लग रहा है कि जैसे पहाड़ी क्षेत्र में बादल फट गया हो। जिन गांवों में बाढ़ का पानी घुसा है। उनमें अधिकांश गांव ओगली नदी व सूखा स्रोत नदी के किनारे बसे हैं।
यह पूरा क्षेत्र साहुवाला वन रेंज में आता है। गुरदयाल सिंह, गुरतीम सिंह आदि ने कहा कि इन नदियों में केवल वन क्षेत्र का ही पानी आता है। हालांकि सोमवार रात करीब नौ बजे क्षेत्र के गांव मधुपुरी, कुआखेड़ा, वीरभानवाला, चंपतपुर चकला, मीरापुर, भोगपुर में सोमवार की रात उनके गांवों में इन नदियों का बाढ़ का पानी अचानक घुस आया। इससे ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। इन गांवों में तीन से चार फिट तक पानी लोगों के घरों में घुस गया।
लोगों के घरों में कुछ भी सामान खाने व नहाने को नहीं बचा। हजारों हेक्टेयर क्षेत्रफल में लहलहाती फसलें बाढ़ के पानी में डूबने से बर्बाद हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ राहत के नाम पर भी मंगलवार शाम तक उन्हें कुछ भी मुहैया नहीं हो सका। सुखविंदर सिंह, तारा सिंह, घनजीत सिंह, सुरजीत सिंह, अमर सिंह, लक्खा सिंह और गुरदयाल सिंह का कहना है कि प्रशासन को तुरंत मदद मुहैया करानी चाहिए।
थाना मंडावर के गांव मिर्जापुर उर्फ चंद्रभानपुर निवासी महेंद्र सिंह, जोगेंद्र सिंह, मांगे राम, सुनील, सुरेंद्र आदि ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने गांव को गंगानदी के पानी से खतरा बताया है।
डीएम को दिए पत्र में कहा है कि गंगा नदी के बहाव ग्रामीणों के लिए खतरा बना हुआ है। गंगा नदी का पानी गांव से करीब 200 मीटर की दूरी पर है। स्कूली बच्चे भी खतरा मोल लेकर आ जा रहे हैं।