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रेलवे पुल को बचाने की कवायद
अमर उजाला बिजनौर
Updated Wed, 10 Aug 2016 12:10 AM IST
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नजीबाबाद/बड़िया (बिजनौर)। सुकरो नदी के पुल के रखरखाव में रेलवे अधिकारियों की चूक रेलवे के लिए सिरदर्द बन गई है। पिलर गिरने के बाद से कोटद्वार ब्रांच लाइन पर ट्रेनों का आवागमन तीन सप्ताह से ठप है। जीएम रेलवे बुधवार को क्षतिग्रस्त रेलवे पुल का निरीक्षण करेंगे। नजीबाबाद-कोटद्वार रेलवे ब्रांच लाइन के सुकरो नदी पर बने रेल पुल का क्षतिग्रस्त पिलर बनवाकर रेल चलाने और नया पुल बनाने को लेकर रेलवे असमंजस में है।
रेलवे बड़ौदा हाउस के महाप्रबंधक एके पूठिया बुधवार को क्षतिग्रस्त हुए रेलवे पुल का निरीक्षण करेंगे। जीएम बुधवार की तड़के मसूरी एक्सप्रेस से नजीबाबाद पहुंचेंगे। डीआरएम मुरादाबाद प्रमोद कुमार ने पुल का पिलर ढहने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया था। उन्होंने गिरे हुए पिलर पर आने वाले गॉर्डर ज्वांइट को समाप्त कर 20.6 मीटर लंबा एक गॉर्डर पुल पर रखने के निर्देश दिए थे।
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रेलवे बड़ौदा हाउस के महाप्रबंधक एके पूठिया बुधवार को क्षतिग्रस्त हुए रेलवे पुल का निरीक्षण करेंगे। जीएम बुधवार की तड़के मसूरी एक्सप्रेस से नजीबाबाद पहुंचेंगे। डीआरएम मुरादाबाद प्रमोद कुमार ने पुल का पिलर ढहने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया था। उन्होंने गिरे हुए पिलर पर आने वाले गॉर्डर ज्वांइट को समाप्त कर 20.6 मीटर लंबा एक गॉर्डर पुल पर रखने के निर्देश दिए थे।
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