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गन्ना कोल्हूओं को चलाने की तैयारी
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गन्ना कोल्हुओं को चलाने की तैयारी
हल्दौर। क्षेत्र में गन्ना कोल्हुओं के संचालन की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। संचालकों ने कोल्हू की मरम्मत व सफाई कार्य शुरू कर दिया है। चीनी मिलों ने किसानों को उनके गन्ने का समस्त बकाया भुगतान नहीं दिया है। ऐसे में आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान भी अपने जरूरी खर्चों को पूरा करने और नगद धनराशि पाने के लिए कोल्हुओं के शीघ्र चालू होने की बेसब्री से प्रतीक्षा करने में लगे हैं।
अम्हेड़ा, सोतखेड़ी, अशरीफपुर, पैजनियां, खासपुरा, जनुलावद्दीनपुर, सोतखेड़ी, कीकर, खजूरी आदि गांव में दर्जनों पावर कोल्हुओं के संचालन की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इन गांवों में हर साल सहारनपुर, रुड़की, मुजफ्फरनगर, जानसठ, मेरठ, हरिद्वार, कलियर शरीफ आदि बाहरी क्षेत्रों से संचालक आकर पावर कोल्हू लगाते हैं। हर साल क्षेत्र में शारदीय नवरात्रों में अधिकांश पावर कोल्हुओं का संचालन शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार संचालक अपने कोल्हू पहले ही चलाने की तैयारी में है। शुरुआती दौर में मंडी में गुड़ की महंगे दामों में खरीद-फरोख्त होती है। इससे गुड़ व्यापारियों को अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद रहती है।
चांदपुर मंडी के गुड़ व्यापारी कपिल कुमार गोयल का कहना है कि गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत में बाजार में नए गुड़ की अधिक मांग होती है। संचालकों को गन्ने की खरीदारी भी मुनासिब दामों और भरपूर मात्रा में हो जाती है। गांव अम्हेड़ा में कोल्हू संचालन की तैयारी में जुटे उत्तराखंड राज्य के रुड़की निवासी संचालक शहजाद अहमद का कहना है कि कोल्हू की मरम्मत व सफाई कार्य किया जा रहा है। शीघ्र ही गन्ने की खरीदारी कर गुड़ बनाने कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कोल्हुओं पर गन्ना बेचने से किसानों को नगद धनराशि प्राप्त होती है। ऐसे में आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान भी क्षेत्र में कोल्हुओं के शीघ्र चालू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि कोल्हुओं से उन्हें नगद धनराशि प्राप्त होती है, साथ ही गन्ने की फसल की समय से कटाई हो जाने पर उन्हें गेहूं, गन्ना व अन्य फसलों की बुवाई के लिए उचित समय मिल जाता है।
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हल्दौर। क्षेत्र में गन्ना कोल्हुओं के संचालन की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। संचालकों ने कोल्हू की मरम्मत व सफाई कार्य शुरू कर दिया है। चीनी मिलों ने किसानों को उनके गन्ने का समस्त बकाया भुगतान नहीं दिया है। ऐसे में आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान भी अपने जरूरी खर्चों को पूरा करने और नगद धनराशि पाने के लिए कोल्हुओं के शीघ्र चालू होने की बेसब्री से प्रतीक्षा करने में लगे हैं।
अम्हेड़ा, सोतखेड़ी, अशरीफपुर, पैजनियां, खासपुरा, जनुलावद्दीनपुर, सोतखेड़ी, कीकर, खजूरी आदि गांव में दर्जनों पावर कोल्हुओं के संचालन की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इन गांवों में हर साल सहारनपुर, रुड़की, मुजफ्फरनगर, जानसठ, मेरठ, हरिद्वार, कलियर शरीफ आदि बाहरी क्षेत्रों से संचालक आकर पावर कोल्हू लगाते हैं। हर साल क्षेत्र में शारदीय नवरात्रों में अधिकांश पावर कोल्हुओं का संचालन शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार संचालक अपने कोल्हू पहले ही चलाने की तैयारी में है। शुरुआती दौर में मंडी में गुड़ की महंगे दामों में खरीद-फरोख्त होती है। इससे गुड़ व्यापारियों को अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद रहती है।
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चांदपुर मंडी के गुड़ व्यापारी कपिल कुमार गोयल का कहना है कि गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत में बाजार में नए गुड़ की अधिक मांग होती है। संचालकों को गन्ने की खरीदारी भी मुनासिब दामों और भरपूर मात्रा में हो जाती है। गांव अम्हेड़ा में कोल्हू संचालन की तैयारी में जुटे उत्तराखंड राज्य के रुड़की निवासी संचालक शहजाद अहमद का कहना है कि कोल्हू की मरम्मत व सफाई कार्य किया जा रहा है। शीघ्र ही गन्ने की खरीदारी कर गुड़ बनाने कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कोल्हुओं पर गन्ना बेचने से किसानों को नगद धनराशि प्राप्त होती है। ऐसे में आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान भी क्षेत्र में कोल्हुओं के शीघ्र चालू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि कोल्हुओं से उन्हें नगद धनराशि प्राप्त होती है, साथ ही गन्ने की फसल की समय से कटाई हो जाने पर उन्हें गेहूं, गन्ना व अन्य फसलों की बुवाई के लिए उचित समय मिल जाता है।

हल्दौर क्षेत्र में काल्हू चलाने की तैयारी करते काल्हू स्वामी।- फोटो : BIJNOR
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