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प्रीमियम काटने के विरोध में बैंकों में जड़े ताले
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 07 Sep 2016 11:35 PM IST
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मंडावर में पीएनबी पर तालाबंदी करते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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मंडावर में फसल बीमा पर प्रीमियम काटने के विरोध में भाकियू के बैनर तले किसानों ने बुधवार को बैंकों में तालाबंदी करते हुए स्टाफ को बंधक बना लिया और बाद थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए। प्रीमियम वापस न करने पर बैंक मैनेजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी। किसानों के तेवर देख बैंक मैनेजर के आश्वासन पर किसानों ने बैंक पर जड़े ताले खोल दिए।
भाकियू के बैनर तले किसान सहकारी समिति में एकत्र हुए किसान प्रदर्शन करते हुए पीएनबी पहुंचे। वहां उन्होंने करीब 12 बजे उपभोक्ताओं को बाहर निकालकर बैंक गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद किसान एसबीआई और सहकारी समिति पहुंचे और वहां भी स्टाफ को बैंक स्टाफ को अंदर बंद कर ताला जड़ दिया। बाद में किसान ट्रैक्टर ट्राली सहित थाने पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। भाकियू जिलाध्यक्ष राम अवतार सिंह ने कहा कि बैंकों द्वारा किसानों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने बैंकों के मैनेजरों को थाने में बुलवाया। एसबीआई के मैनेजर राकेश वाजपेयी व सहकारी समिति के मैनेजर धर्मवीर सिंह थाने आ गए। पीएनबी के मैनेजर शशिकांत ने थाने आने से मना कर दिया। एसबीआई के मैनेजर ने बताया कि उन्होंने प्रीमियम नहीं काटे जाने के बारे में बताने व सहकारी समिति के मैनेजर द्वारा काटे गए प्रीमियम को लौटाने के संबंध में कार्रवाई करने पर उनको वापस भेज दिया गया। कुछ देर बाद पहुंचे पीएनबी के मैनेजर शशिकांत यादव ने 38 लाख का प्रीमियम काटे जाने के बारे में बताया।
उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया। इस पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
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भाकियू के बैनर तले किसान सहकारी समिति में एकत्र हुए किसान प्रदर्शन करते हुए पीएनबी पहुंचे। वहां उन्होंने करीब 12 बजे उपभोक्ताओं को बाहर निकालकर बैंक गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद किसान एसबीआई और सहकारी समिति पहुंचे और वहां भी स्टाफ को बैंक स्टाफ को अंदर बंद कर ताला जड़ दिया। बाद में किसान ट्रैक्टर ट्राली सहित थाने पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। भाकियू जिलाध्यक्ष राम अवतार सिंह ने कहा कि बैंकों द्वारा किसानों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने बैंकों के मैनेजरों को थाने में बुलवाया। एसबीआई के मैनेजर राकेश वाजपेयी व सहकारी समिति के मैनेजर धर्मवीर सिंह थाने आ गए। पीएनबी के मैनेजर शशिकांत ने थाने आने से मना कर दिया। एसबीआई के मैनेजर ने बताया कि उन्होंने प्रीमियम नहीं काटे जाने के बारे में बताने व सहकारी समिति के मैनेजर द्वारा काटे गए प्रीमियम को लौटाने के संबंध में कार्रवाई करने पर उनको वापस भेज दिया गया। कुछ देर बाद पहुंचे पीएनबी के मैनेजर शशिकांत यादव ने 38 लाख का प्रीमियम काटे जाने के बारे में बताया।
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उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया। इस पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।