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प्राचार्य और शिक्षक की खींचतान में फंसी प्रयोगात्मक परीक्षा
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प्राचार्य और शिक्षक की खींचतान में फंसी प्रयोगात्मक परीक्षा
धामपुर। आरएसएम डिग्री कॉलेज में कृषि संकाय तृतीय व पंचम सेमेस्टर के छात्रों ने कालेज में जमकर हंगामा किया। कालेज प्राचार्य डा. रंजन अग्रवाल के कार्यालय कक्ष में धरना देकर उनका घेराव किया। प्राचार्य और संबंधित विषय के शिक्षक के बीच चल रही खींचतान के चलते तृतीय व पंचम सेमेस्टर के छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा अधर में लटक गई है। प्रयोगात्मक परीक्षा का अंतिम दिन शनिवार है। जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है।
कोरोना के चलते दो साल से बंद कॉलेज खुला और प्रदेश सरकार ने परीक्षा कराई तो कालेज में छात्रों और कालेज प्रशासन के बीच अखाड़ा शुरू हो गया। छात्र रचित शर्मा, आदेश कुमार, विनोद यादव, हिमांशु, सोनू, महेंद्र का कहना है कि उनके प्रैक्टीकल की तारीख एक माह पहले आ चुकी है। पर प्राचार्य ने परीक्षा कराने के लिए संबंधित विषय के शिक्षक को आंतरिक परीक्षक बनाकर परीक्षा कराने का प्रयास नहीं किया। शिक्षक और प्राचार्य के बीच वर्चस्व की लड़ाई को लेकर उनका नुकसान हो रहा है। छात्रों की इस लड़ाई में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी कूद पड़े।
परिषद के विभाग संयोजक शशिकांत वालिया ने कहा कि प्राचार्य एवं शिक्षकों के आपसी विवाद में छात्रों का नुकसान हो रहा है। जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द समस्या समाधान नहीं हुआ तो प्राचार्य को कार्यालय में नहीं घुसने दिया जाएगा। प्राचार्य डा. रंजन अग्रवाल ने कहा कि लगे आरोप गलत हैं। वह परीक्षा कराने चाहते हैं। इसके लिए उनके द्वारा लैटर जारी किया गया है। पर संबंधित शिक्षक परीक्षा कराने के पक्ष में नहीं है। विश्वविद्यालय को रिपोर्ट भेज कर प्रयोगात्मक की दूसरी तारीख ली जाएगी। बच्चों की परीक्षा जरूर कराई जाएगी।
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इस मामले में संबंधित विषय के शिक्षक डा. सौराज सिंह का कहना है कि वह पिछले 15 साल से परीक्षा कराते आ रहे हैं। पर प्राचार्य इस बार उन्हें आंतरिक परीक्षक बनाकर परीक्षा नहीं कराने चाहते हैं। वे पंतनगर विश्वविद्यालय के शिक्षक को आंतरिक परीक्षक बना परीक्षा संपन्न कराने चाहते हैं। जबकि पंतनगर के संबंधित शिक्षक ने परीक्षक बनने से इंकार कर दिया है। वह परीक्षा लेने को धामपुर कालेज में नहीं आना चाहते।
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धामपुर। आरएसएम डिग्री कॉलेज में कृषि संकाय तृतीय व पंचम सेमेस्टर के छात्रों ने कालेज में जमकर हंगामा किया। कालेज प्राचार्य डा. रंजन अग्रवाल के कार्यालय कक्ष में धरना देकर उनका घेराव किया। प्राचार्य और संबंधित विषय के शिक्षक के बीच चल रही खींचतान के चलते तृतीय व पंचम सेमेस्टर के छात्रों की प्रयोगात्मक परीक्षा अधर में लटक गई है। प्रयोगात्मक परीक्षा का अंतिम दिन शनिवार है। जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है।
कोरोना के चलते दो साल से बंद कॉलेज खुला और प्रदेश सरकार ने परीक्षा कराई तो कालेज में छात्रों और कालेज प्रशासन के बीच अखाड़ा शुरू हो गया। छात्र रचित शर्मा, आदेश कुमार, विनोद यादव, हिमांशु, सोनू, महेंद्र का कहना है कि उनके प्रैक्टीकल की तारीख एक माह पहले आ चुकी है। पर प्राचार्य ने परीक्षा कराने के लिए संबंधित विषय के शिक्षक को आंतरिक परीक्षक बनाकर परीक्षा कराने का प्रयास नहीं किया। शिक्षक और प्राचार्य के बीच वर्चस्व की लड़ाई को लेकर उनका नुकसान हो रहा है। छात्रों की इस लड़ाई में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी कूद पड़े।
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परिषद के विभाग संयोजक शशिकांत वालिया ने कहा कि प्राचार्य एवं शिक्षकों के आपसी विवाद में छात्रों का नुकसान हो रहा है। जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द समस्या समाधान नहीं हुआ तो प्राचार्य को कार्यालय में नहीं घुसने दिया जाएगा। प्राचार्य डा. रंजन अग्रवाल ने कहा कि लगे आरोप गलत हैं। वह परीक्षा कराने चाहते हैं। इसके लिए उनके द्वारा लैटर जारी किया गया है। पर संबंधित शिक्षक परीक्षा कराने के पक्ष में नहीं है। विश्वविद्यालय को रिपोर्ट भेज कर प्रयोगात्मक की दूसरी तारीख ली जाएगी। बच्चों की परीक्षा जरूर कराई जाएगी।
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इस मामले में संबंधित विषय के शिक्षक डा. सौराज सिंह का कहना है कि वह पिछले 15 साल से परीक्षा कराते आ रहे हैं। पर प्राचार्य इस बार उन्हें आंतरिक परीक्षक बनाकर परीक्षा नहीं कराने चाहते हैं। वे पंतनगर विश्वविद्यालय के शिक्षक को आंतरिक परीक्षक बना परीक्षा संपन्न कराने चाहते हैं। जबकि पंतनगर के संबंधित शिक्षक ने परीक्षक बनने से इंकार कर दिया है। वह परीक्षा लेने को धामपुर कालेज में नहीं आना चाहते।