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संपत्ति संबंधी विवादों में दखल न दे पुलिस : आईजी

Tue, 25 Jun 2019 12:00 AM IST
NAVEEN GUPTA ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर Published by: NAVEEN GUPTA Updated Tue, 25 Jun 2019 12:00 AM IST
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Police do not interfere in property disputes: IG
बिजनौर पुलिस लाइन में शिकायत सुनते आईजी रमित शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में आईजी मुरादाबाद रमित शर्मा ने कहा कि जिस थाना प्रभारी के भ्रष्टाचार की शिकायत मिलेगी उसे किसी सूरत में नहीं छोड़ेंगे। संपत्ति संबंधी विवाद में पुलिस का दखल नहीं मिलना चाहिए वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आईजी ने कहा कि पुलिस हर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करें। कहीं भी पुलिस की भूमिका संदिग्ध न पाई जाए।
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पुलिस लाइन में आयोजित अपराध गोष्ठी में आईजी ने जिले के अपराधों की थानावार समीक्षा की और अपराधों पर काबू पाने के थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश दिए। आईजी ने कहा कि थाना प्रभारी समेत किसी की भी भ्रष्टाचार की शिकायत उन्हें नहीं मिलनी चाहिए। अगर शिकायत मिली तो वे किसी को नहीं छोड़ेंगे। भूमि संबंधी विवाद में पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करे। कहीं ऐसा न लगे कि पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। ऐसा मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आईजी ने कहा कि हत्या व चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। हर हाल में क्राइम कंट्रोल होना चाहिए। चोरी होने पर बीट कांस्टेबल, हलका दरोगा को भी जिम्मेदार ठहराया जाए। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। चोरी कैसे हुई जवाब तलब किया जाए। आईजी ने मुख्यमंत्री के अतिक्रमण अभियान, ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी ढंग से सुधार करने के आदेश दिए हैं। जो मामले लंबित पड़े हैं उनमें त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। थाने में आने वालों का सम्मान हो। पुलिस रोज शाम को रूट मार्च करे। रोजाना शाम को जिले के किसी थाने में एसपी रूट मार्च में शामिल हों। गोष्ठी में एसपी संजीव त्यागी, एसपी सिटी लक्ष्मीनिवास मिश्र, एसपी देहात विश्वजीत श्रीवास्तव समेत जिले के सीओ व थाना प्रभारी मौजूद रहे।
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रूट मार्च कर संदिग्धों को दबोचा
आईजी रमित शर्मा ने रविवार रात शहर कोतवाली से शास्त्री चौक, जजी चौक, प्रदर्शनी चौक होते हुए पुलिस लाइन तक पैदल रूट मार्च किया। इस दौरान सड़क पर जो भी संदिग्ध दिखाई दिया उसकी तलाशी कराई। उसके बारे में जानकारी ली। पैदल रूट मार्च के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल आईजी के साथ रहा। आईजी ने प्रमुख चौराहों पर पुलिस व्यवस्था की भी जानकारी ली। इस दौरान सभी पुलिस अफसर उनके साथ रहे। सोमवार सुबह पुलिस लाइन के गेस्ट हाउस में आम जनता की समस्याएं सुनीं। जो भी समस्या लेकर आया उसका तुरंत निस्तारण कराया गया। तमाम फरियादी आईजी के पास पहुंचे और अपनी समस्याएं बताईं।
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वाहनों के निस्तारण के दिए निर्देश
आईजी ने रविवार रात शहर कोतवाली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बड़ी तादाद में कोतवाली में खड़े वाहनों का निस्तारण न होने पर नाराजगी जताई। कहा कि वाहनों से थाना अटा पड़ा है। इनका निस्तारण होना चाहिए। आईजी ने थाने में बीट कांस्टेबल रजिस्टर अधूरा मिलने, टॉयलेट गंदे मिलने पर भी नाराजगी व्यक्त की। मालखाने की हालत अच्छी मिली। उन्होंने मालखाना ठीक रखने पर वहां के इंचार्ज हैड कांस्टेबल दिनेश की तारीफ की। कहा कि रेंज के सभी थानों में मालखाने की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए। आईजी को एसपी ऑफिस के निरीक्षण के दौरान भी वहां के टॉयलेट गंदे मिले। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी व्यक्त की व सुधार करने के निर्देश दिए।



फर्जी नियुक्ति मामले में आईजी गंभीर
धामपुर (बिजनौर)। नहटौर थाने के गांव शादीपुर निवासी प्रीती की पुलिस में फर्जी नियुक्ति कराने के मामले में धामपुर थाने में तैनात सिपाही का नाम सामने आने को आईजी मुरादाबाद रमित शर्मा ने गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी से मामले की जांच कराने के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए। आईजी ने कहा कि फर्जी नियुक्ति का मामला मेरठ में दर्ज है। वहीं, इसकी जांच चल रही है। आईजी ने कहा कि पुलिस में फरजी नियुक्ति पाने वाली युवती के बयानों की जांच की होगी। युवती जिस पर आरोप लगा रही है, उस सिपाही की भी गहनता से जांच होगी। उन्होंने एसपी बिजनौर को निर्देशित किया है कि वह इस मामले में अपने स्तर से संज्ञान में लेकर कार्रवाई होगी। ऐसा नहीं है कि युवती के बयानों को दरकिनारे पर मामले को दबा दिया जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले दिनों की नहटौर के गांव शादीपुर निवासी प्रीति की पुलिस में भर्ती हुई थी। वह ट्रेनिंग पर चली गई थी। मगर, जांच में जब उसका फर्जी नियुक्ति पत्र पकड़ में आया तो मेरठ की पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। युवती के जेल जाने के बाद यह मामला उस समय और गहरा गया। जब युवती के पिता ने फर्जी नियुक्ति दिलाने के मामले में धामपुर थाने में तैनात एक सिपाही की भूमिका को संदिग्ध बता जांच कर कार्रवाई करने की मांग की।



महंत की हत्या के आरोपी की पत्नी आईजी से मिली
नूरपुर। महंत की हत्या में जेल भेजे गए तेजपाल के परिजनों ने उसे निर्दोष बताते हुए आईजी से मिलकर घटना की किसी उच्चाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।

गांव बाखराबाद खटाई में 19 जून की रात गांव से बाहर बने पीतांबर दास आश्रम के महंत सतपाल महाराज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने दो दिन पहले हत्या का खुलासा करते हुए गांव कुंडा खुर्द निवासी तेजपाल सिंह को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक तेजपाल ने महंत के तंत्र क्रिया करने से खफा होकर अपने एक अन्य साथी के साथ महंत की गोली मारकर हत्या की थी। उधर तेजपाल के परिजन उसे निर्दोष बता रहे हैं। उसकी पत्नी मोनिका ने एसपी को भी प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की थी। सोमवार को मोनिका गांव के कुछ लोगों के साथ बिजनौर जाकर पुलिस महानिरीक्षक से मिली और पति को निर्दोष बताते हुए घटना की किसी उच्चाधिकारी से जांच कराकर असली दोषियों को गिरफ्तार किए जाने की मांग की। उसने आईजी को बताया कि उसके पति की महंत से कोई दुश्मनी नहीं थी। घटना वाली रात वह घर में ही सोए हुए थे तथा पुलिस ने अगले दिन उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। पुलिस ने उसके पति की थाने में बेरहमी से पिटाई की और जबरदस्ती हत्या करने की बात कबूल करने का दबाव बनाया। आईजी ने तेजपाल के परिजनों को मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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