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आजादी के अमृत महोत्सव पर हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन
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बिजनौर। आरबीडी महिला महाविद्यालय में आजादी के अमृत महोत्सव पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, उर्दू विभाग की 15 छात्राओं ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो. पारुल त्यागी ने फीता काटकर व मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया। काव्य पाठ प्रियंका, अंजुम, राधा, विशाखा, मुस्कान, ऋतिका, महजबीन, निगहत, शहरीन, कनिका कौशिक, आंचल, सना अजीज, नाजमीन, रोजी, नाजिश आदि छात्राओं ने किया। इस मौके पर डॉ. दयावती उपाध्याय, असि.प्रो. वर्षा आदि मौजूद रहे।
52 चित्रों से दिखाई विभाजन की विभीषिका
बिजनौर। आरबीडी महिला महाविद्यालय में हर घर तिरंगा सप्ताह के तहत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में 52 चित्रों के माध्यम से विभाजन की विभीषिका को दर्शाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कारगिल योद्धा मोहम्मद असद और प्राचार्या डॉ. पारुल त्यागी ने किया। डॉ. जकिया रफत ने बताया कि यह विस्थापन 20वीं सदी का सबसे बड़ा विस्थापन था। डॉ. मंजु चौधरी ने कहा कि यह दिन सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय संवेदना मजबूत करेगा। मोहम्मद असद ने भी कारगिल युद्ध के संस्मरण सुनाएं। उन्होंने बताया कि युद्ध में उन्हें अपना हाथ गंवाना पड़ा और उनकी टांग भी फैक्चर हो गई। इस मौके पर डॉ. मृदुल, डॉ. नीरू, डॉ. शताक्षी, अनु रानी, सर्वेश पाराशर, सीमाब, विकास भारती, जैद, श्यामल आदि मौजूद रहे।
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52 चित्रों से दिखाई विभाजन की विभीषिका
बिजनौर। आरबीडी महिला महाविद्यालय में हर घर तिरंगा सप्ताह के तहत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में 52 चित्रों के माध्यम से विभाजन की विभीषिका को दर्शाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कारगिल योद्धा मोहम्मद असद और प्राचार्या डॉ. पारुल त्यागी ने किया। डॉ. जकिया रफत ने बताया कि यह विस्थापन 20वीं सदी का सबसे बड़ा विस्थापन था। डॉ. मंजु चौधरी ने कहा कि यह दिन सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय संवेदना मजबूत करेगा। मोहम्मद असद ने भी कारगिल युद्ध के संस्मरण सुनाएं। उन्होंने बताया कि युद्ध में उन्हें अपना हाथ गंवाना पड़ा और उनकी टांग भी फैक्चर हो गई। इस मौके पर डॉ. मृदुल, डॉ. नीरू, डॉ. शताक्षी, अनु रानी, सर्वेश पाराशर, सीमाब, विकास भारती, जैद, श्यामल आदि मौजूद रहे।
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