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आत्मिक सुख के लिए करें प्रयास:श्रीश्री
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 07 Feb 2017 11:54 PM IST
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नजीबाबाद स्थित गुरुकुल इंटरनेशनल एकेडमी में श्रीश्री रविशंकर।
- फोटो : अमर उजाला
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नजीबाबाद में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि सांसारिक जीवन को आनंदमयी बनाया जा सकता है। जरूरत है इच्छाओं पर नियंत्रण कर आत्मिक सुख की।
चंदनपुरा स्थित गुरुकुल इंटरनेशनल एकेडमी परिसर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अपने सुुख और दु:ख का कारण स्वयं मनुष्य ही है। मनुष्य स्वयं आनंद में रहना सीख ले तो चारों ओर आनंद ही आनंद की प्राप्ति होगी। यह तभी संभव है जब मनुष्य जीवन जीने की कला को सीख लेगा। श्रीश्री रविशंकर ने संस्थापक डॉ. विश्वपाल जयंत की उपस्थिति में योगीराज कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च सेंट का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान राजीव गुप्ता, दिनेश एलावादी, गोविंदराम, वेदपाल, एकेडमी के प्रधानाचार्य आरके धीमान मौजूद थे।
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चंदनपुरा स्थित गुरुकुल इंटरनेशनल एकेडमी परिसर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अपने सुुख और दु:ख का कारण स्वयं मनुष्य ही है। मनुष्य स्वयं आनंद में रहना सीख ले तो चारों ओर आनंद ही आनंद की प्राप्ति होगी। यह तभी संभव है जब मनुष्य जीवन जीने की कला को सीख लेगा। श्रीश्री रविशंकर ने संस्थापक डॉ. विश्वपाल जयंत की उपस्थिति में योगीराज कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च सेंट का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान राजीव गुप्ता, दिनेश एलावादी, गोविंदराम, वेदपाल, एकेडमी के प्रधानाचार्य आरके धीमान मौजूद थे।
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