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मनोरोगियों में चेतना जगाएंगे चिकित्सक
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मनोरोगियों में चेतना जगाएंगे चिकित्सक
बिजनौर। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रत्येक बृहस्पतिवार को आठ में से चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मन चेतना दिवस मनाया जाएगा। इस दिन चिकित्सक यहां आने वाले मनोरोगियों की जांच कर उन्हें दवाई देंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर उन्हें रेफर भी किया जाएगा।
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महीने में एक बार ही मनोरोगियों की जांच की जाती थी। लेकिन अब प्रत्येक बृहस्पतिवार को टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर मनोरोगियों की जांच करेगी। सीएचसी नहटौर में डॉ. आशीष कुमार, किरतपुर में डॉ. वतन राज, धामपुर में डॉ. मानस चौहान, नगीना में डॉ. कुनाल मनोरोगियों की काउंसलिंग करने के साथ ही उन्हें उचित परामर्श देंगे। इसके साथ ही इन चिकित्सकों को इस माह प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिसके बाद चिकित्सक मनोरोगियों की काउंसलिंग कर दवाई देंगे। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि हर क्षेत्र में आशा व एएनएम को इसके बारे में जानकारी दे दी गई है। अगर उनके क्षेत्र में कोई भी मनोरोगी है तो वह हर बृहस्पतिवार को उसे सीएचसी में लेकर आएंगी।
ये हैं मनोरोगी के लक्षण
नींद नहीं आती, घबराहट, ज्यादा गुस्सा आना, सरदर्द या भारीपन रहना, आवश्यकता से अधिक सफाई या एक ही काम बार-बार करना, उदास या मायूस रहना, किसी काम में मन न लगना, आत्महत्या का विचार आना, बेवजह गाली देना, बेहोशी के दौरे आना या अन्य कोई असामान्य व्यवहार आदि होना मनोरोगी होने के लक्षण हैं।
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बिजनौर। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रत्येक बृहस्पतिवार को आठ में से चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मन चेतना दिवस मनाया जाएगा। इस दिन चिकित्सक यहां आने वाले मनोरोगियों की जांच कर उन्हें दवाई देंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर उन्हें रेफर भी किया जाएगा।
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महीने में एक बार ही मनोरोगियों की जांच की जाती थी। लेकिन अब प्रत्येक बृहस्पतिवार को टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर मनोरोगियों की जांच करेगी। सीएचसी नहटौर में डॉ. आशीष कुमार, किरतपुर में डॉ. वतन राज, धामपुर में डॉ. मानस चौहान, नगीना में डॉ. कुनाल मनोरोगियों की काउंसलिंग करने के साथ ही उन्हें उचित परामर्श देंगे। इसके साथ ही इन चिकित्सकों को इस माह प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। जिसके बाद चिकित्सक मनोरोगियों की काउंसलिंग कर दवाई देंगे। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि हर क्षेत्र में आशा व एएनएम को इसके बारे में जानकारी दे दी गई है। अगर उनके क्षेत्र में कोई भी मनोरोगी है तो वह हर बृहस्पतिवार को उसे सीएचसी में लेकर आएंगी।
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ये हैं मनोरोगी के लक्षण
नींद नहीं आती, घबराहट, ज्यादा गुस्सा आना, सरदर्द या भारीपन रहना, आवश्यकता से अधिक सफाई या एक ही काम बार-बार करना, उदास या मायूस रहना, किसी काम में मन न लगना, आत्महत्या का विचार आना, बेवजह गाली देना, बेहोशी के दौरे आना या अन्य कोई असामान्य व्यवहार आदि होना मनोरोगी होने के लक्षण हैं।
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