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लेखपालों ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 16 Jul 2016 12:45 AM IST
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नजीबाबाद तहसील परिसर में प्रदर्शन करते लेखपाल संघ कार्यकर्ता ।
- फोटो : अमर उजाला
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धामपुर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने एक दिवसीय कार्य बहिष्कार कर छह सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
शुक्रवार को संघ के पदाधिकारी तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर विभिन्न मांगों को लेकर तहसीलदार डा. जगन्नाथ सिंह को ज्ञापन सौंपा। संघ ने ज्ञापन में शासन से एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, पदनाम, शैक्षिक योग्यता परिवर्तन, मंडलीय स्थानांतरण नीति में परिवर्तन, प्रोन्नति के अवसरों में वृद्धि सहित आदि मांग की। आरोप है कि इन मांगों को लेकर संघ लंबे समय से आंदोलन करता आ रहा है, लेकिन सरकार संघ की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। 17 जुलाई से 22 अगस्त तक संघ ने कार्यालय में काली पट्टी बांधकर कार्य करने का निर्णय लिया। चेताया कि यदि शीघ्र ही सरकार ने विसंगति को दूर नहीं किया तो 30 अगस्त को विधानसभा का घेराव होगा। ज्ञापन देने में लोकेंद्र सिंह, अमरेश दत्त, नरेंद्र कुमार, अक्षय कुमार, राजवीर सिंह, अरुण कुमार, राकेश कुमार, राहुल देव रहे।
उधर, नगीना में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की नगीना शाखा ने राजस्व मंत्री को संबोधित लेखपाल संघ संवर्ग की मांगों के संबंध में शासनादेश निर्गत कराए जाने की मांग को लेकर एक छह सूत्री ज्ञापन एसडीएम प्रदीप कुमार को सौंपा।
दिए ज्ञापन में लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर कराने, लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक व शैक्षिक योग्यता स्नातक कराने, लेखपाल संवर्ग का कॉडर पूर्व की तरह जनपद स्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन कराने, पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक पदों का सृजन कराने, नायब तहसीलदार प्रोन्नति हेतु राजस्व परिषद के प्रस्ताव के अनुसार नियमावली में संशोधन, सुनिश्चित पेंशन की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई। साथ ही 15 अगस्त 2016 तक नियमावली में संशोधन नहीं किया जाता तो आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। ज्ञापन पर जिला मंत्री नरेन्द्र सिंह, पूर्व अध्यक्ष अजब सिंह, महामंत्री दिनेश, अभिजीत सिंह के हस्ताक्षर हैं।
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सरकार की उदासीनता पर रोष
नजीबाबाद में प्रांतीय आह्वान पर लेखपालों ने वेतन विसंगति दूर किए जाने विभिन्न मांगों को लेकर सरकार की उदासीनता पर रोष व्यक्त किया। लेखपालों ने राजस्व मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। उप्र लेखपाल संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष दीपक त्यागी, जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, तहसील अध्यक्ष चंद्रप्रकाश, सचिव मुकेश कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविंद सिंह, सुरेशचंद्र, खुशीराम भारती, धर्मेंद्र सिंह, इमरान अख्तर, नीरज कुमार, राकेश कुमार के नेतृत्व में लेखपालों का प्रतिनिधि मंडल एसडीएम शिशिर कुमार यादव से मिला। लेखपालों ने प्रदेश के राजस्व मंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में लेखपालों ने एसीपी रिपोर्ट से जुड़ी वेतन विसंगति दूर करने, वेतन उच्चीकरण करने, मंडलीय स्थानांतरण नीति में परिवर्तन, प्रोन्नति अवसरों में वृद्धि, नई पेंशन व्यवस्था की विसंगति दूर करने, लेखपाल सवर्ग का पद नाम परिवर्तित करने तथा शैक्षिक योग्यता स्नातक करके वेतनमान 5200- 20200 ग्रेड पे 2800 रुपये किए जाने की मांगे शामिल थीं। लेखपाल संघ ने चेतावनी दी यदि तत्काल मांगे स्वीकार नहीं हुई तो 16 अगस्त को तहसील दिवस कार्य बहिष्कार, 17 से 22 अगस्त तक कार्य दिवसों में काली पट्टी के साथ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने 23 से 29 अगस्त 2016 तक पूर्ण कार्य बहिष्कार के साथ मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन होगा। इसके बाद 30 अगस्त को लखनऊ विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
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शुक्रवार को संघ के पदाधिकारी तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर विभिन्न मांगों को लेकर तहसीलदार डा. जगन्नाथ सिंह को ज्ञापन सौंपा। संघ ने ज्ञापन में शासन से एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, पदनाम, शैक्षिक योग्यता परिवर्तन, मंडलीय स्थानांतरण नीति में परिवर्तन, प्रोन्नति के अवसरों में वृद्धि सहित आदि मांग की। आरोप है कि इन मांगों को लेकर संघ लंबे समय से आंदोलन करता आ रहा है, लेकिन सरकार संघ की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। 17 जुलाई से 22 अगस्त तक संघ ने कार्यालय में काली पट्टी बांधकर कार्य करने का निर्णय लिया। चेताया कि यदि शीघ्र ही सरकार ने विसंगति को दूर नहीं किया तो 30 अगस्त को विधानसभा का घेराव होगा। ज्ञापन देने में लोकेंद्र सिंह, अमरेश दत्त, नरेंद्र कुमार, अक्षय कुमार, राजवीर सिंह, अरुण कुमार, राकेश कुमार, राहुल देव रहे।
उधर, नगीना में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की नगीना शाखा ने राजस्व मंत्री को संबोधित लेखपाल संघ संवर्ग की मांगों के संबंध में शासनादेश निर्गत कराए जाने की मांग को लेकर एक छह सूत्री ज्ञापन एसडीएम प्रदीप कुमार को सौंपा।
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दिए ज्ञापन में लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर कराने, लेखपाल संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक व शैक्षिक योग्यता स्नातक कराने, लेखपाल संवर्ग का कॉडर पूर्व की तरह जनपद स्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन कराने, पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक पदों का सृजन कराने, नायब तहसीलदार प्रोन्नति हेतु राजस्व परिषद के प्रस्ताव के अनुसार नियमावली में संशोधन, सुनिश्चित पेंशन की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई। साथ ही 15 अगस्त 2016 तक नियमावली में संशोधन नहीं किया जाता तो आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। ज्ञापन पर जिला मंत्री नरेन्द्र सिंह, पूर्व अध्यक्ष अजब सिंह, महामंत्री दिनेश, अभिजीत सिंह के हस्ताक्षर हैं।
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सरकार की उदासीनता पर रोष
नजीबाबाद में प्रांतीय आह्वान पर लेखपालों ने वेतन विसंगति दूर किए जाने विभिन्न मांगों को लेकर सरकार की उदासीनता पर रोष व्यक्त किया। लेखपालों ने राजस्व मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। उप्र लेखपाल संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष दीपक त्यागी, जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, तहसील अध्यक्ष चंद्रप्रकाश, सचिव मुकेश कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविंद सिंह, सुरेशचंद्र, खुशीराम भारती, धर्मेंद्र सिंह, इमरान अख्तर, नीरज कुमार, राकेश कुमार के नेतृत्व में लेखपालों का प्रतिनिधि मंडल एसडीएम शिशिर कुमार यादव से मिला। लेखपालों ने प्रदेश के राजस्व मंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन में लेखपालों ने एसीपी रिपोर्ट से जुड़ी वेतन विसंगति दूर करने, वेतन उच्चीकरण करने, मंडलीय स्थानांतरण नीति में परिवर्तन, प्रोन्नति अवसरों में वृद्धि, नई पेंशन व्यवस्था की विसंगति दूर करने, लेखपाल सवर्ग का पद नाम परिवर्तित करने तथा शैक्षिक योग्यता स्नातक करके वेतनमान 5200- 20200 ग्रेड पे 2800 रुपये किए जाने की मांगे शामिल थीं। लेखपाल संघ ने चेतावनी दी यदि तत्काल मांगे स्वीकार नहीं हुई तो 16 अगस्त को तहसील दिवस कार्य बहिष्कार, 17 से 22 अगस्त तक कार्य दिवसों में काली पट्टी के साथ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने 23 से 29 अगस्त 2016 तक पूर्ण कार्य बहिष्कार के साथ मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन होगा। इसके बाद 30 अगस्त को लखनऊ विधानसभा का घेराव किया जाएगा।