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मरीज को मिली छुट्टी, नहीं आई जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट
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मरीज को मिली छुट्टी, नहीं आई जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट
बिजनौर। जिला अस्पताल में भर्ती किए गए कोरोना संक्रमित मरीज को छुट्टी दे दी गई है। लेकिन उसकी जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। विभाग को अब तक यह नहीं पता है कि मरीज कौन से वैरिएंट से संक्रमित हुआ था।
जिला मुख्यालय के पास के एक गांव निवासी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। वह कुछ दिन पहले ही दुबई से लौटा था। विदेश से लौटे व्यक्ति के संक्रमित मिलने पर विभाग में हड़कंप मच गया था। उसे देखरेख के लिए जिला अस्पताल में बने एल टू कोविड सेंटर में रखा गया था, जबकि उसमें संक्रमण का कोई गंभीर लक्षण भी नहीं था। उसके संपर्क में आए सभी लोग व परिजनों में कोरोना संक्रमण नहीं मिला था। व्यक्ति को उसी दिन से अस्पताल में रखकर निगरानी जा रही थी। उसका सैंपल लेकर जीनोम सिक्वेंसिंग जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। व्यक्ति को सात दिन तक जिला अस्पताल में रखा गया। इस दौरान उसे स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी नहीं हुई।
उसे सोमवार को घर भेज दिया गया। हालांकि उसे घर में दस दिन आइसोलेशन में ही रहने को कहा गया है। मरीज को तो विभाग ने जिला अस्पताल से भेज दिया, लेकिन अभी तक प्रशासन को यह पता नहीं चला है कि वह कोरोना के कौन से वैरिएंट ओमिक्रॉन या डेल्टा से संक्रमित हुआ था। सात दिन बाद भी उसकी जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट नहीं आई है। सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय के अनुसार मरीज में कोई गंभीर लक्षण नहीं था। नियम के अनुसार उसे घर भेजा गया है। जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट लखनऊ से आनी है।
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बिजनौर। जिला अस्पताल में भर्ती किए गए कोरोना संक्रमित मरीज को छुट्टी दे दी गई है। लेकिन उसकी जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। विभाग को अब तक यह नहीं पता है कि मरीज कौन से वैरिएंट से संक्रमित हुआ था।
जिला मुख्यालय के पास के एक गांव निवासी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। वह कुछ दिन पहले ही दुबई से लौटा था। विदेश से लौटे व्यक्ति के संक्रमित मिलने पर विभाग में हड़कंप मच गया था। उसे देखरेख के लिए जिला अस्पताल में बने एल टू कोविड सेंटर में रखा गया था, जबकि उसमें संक्रमण का कोई गंभीर लक्षण भी नहीं था। उसके संपर्क में आए सभी लोग व परिजनों में कोरोना संक्रमण नहीं मिला था। व्यक्ति को उसी दिन से अस्पताल में रखकर निगरानी जा रही थी। उसका सैंपल लेकर जीनोम सिक्वेंसिंग जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। व्यक्ति को सात दिन तक जिला अस्पताल में रखा गया। इस दौरान उसे स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी नहीं हुई।
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उसे सोमवार को घर भेज दिया गया। हालांकि उसे घर में दस दिन आइसोलेशन में ही रहने को कहा गया है। मरीज को तो विभाग ने जिला अस्पताल से भेज दिया, लेकिन अभी तक प्रशासन को यह पता नहीं चला है कि वह कोरोना के कौन से वैरिएंट ओमिक्रॉन या डेल्टा से संक्रमित हुआ था। सात दिन बाद भी उसकी जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट नहीं आई है। सीएमएस डॉ. अरुण कुमार पांडेय के अनुसार मरीज में कोई गंभीर लक्षण नहीं था। नियम के अनुसार उसे घर भेजा गया है। जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट लखनऊ से आनी है।
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