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Bijnor News: संघर्ष से पहले टूट रहा धैर्य, लोग कर रहे आत्महत्या

Sun, 07 Dec 2025 12:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Sun, 07 Dec 2025 12:36 AM IST
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Patience is breaking before the struggle, people are committing suicide
बिजनौर। संघर्ष से पहले ही लोगों को धैर्य टूट रहा है। छोटी-छोटी बातों को लोग दिल से लगा लेते हैं। यहीं समस्या आत्महत्या का कारण बनकर सामने आ रही है। जिले में आए दिन आत्महत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में अब शनिवार को हीमपुर दीपा क्षेत्र में एक पिता ने अपने छोटे बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पिछले एक माह में 10 से ज्यादा लोगों ने आत्महत्या करने जैसा खतरनाक कदम उठा चुके हैं। कोई बीमारी, प्रेम प्रसंग, कर्ज, पढ़ाई से परेशान तो कोई पारिवारिक हिंसा सहित अन्य समस्याओं की वजह से आत्महत्या कर रहे हैं। ऐसे में मनोचिकित्सक लोगों को अपनी परेशानी परिवार के साथ साझा करने की सलाह दे रहे हैं।
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केस नंबर एक
गजरौला शिव में गृह क्लेश से तंग आकर विवाहिता निधि ने 18 जनवरी को पहले अपनी छोटी बच्ची को जहरीला पदार्थ खिलाया और फिर फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। उसका अपने पति अश्वनि से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
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केस नंबर दो
शेरकोट थाना क्षेत्र के गांव वाजिदपुर में 30 वर्षीय महिला आसिफा का 18 अक्तूबर को कब्रिस्तान के पास एक शहतूत के पेड़ से लटका मिला। एक दिन पहले उसका अपने पति नूर आलम से विवाद हुआ था। इसके बाद आसिफा घर से निकल गई थी।
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केस नंबर तीन
धामपुर के गांव पीपला के रहने वाले 21 वर्षीय विपुल कुमार और नगीना के हुर्रनंगला निवासी उसकी प्रेमिका ने 30 नवंबर को एक दूसरे से फोन पर बात करते हुए जहर निगलकर जान दे दी।
केस नंबर चार
बिजनौर बैराज के गेट नंबर 17 के सामने बीएसएफ के जवान राहुल (31) ने बेटे प्रणव (18 माह) को गोद में लेकर 24 अगस्त को गंगा में छलांग लगा दी। पत्नी के वियोग में जवान ने यह आत्मघाती कदम उठाया। इस घटना से पांच दिन पहले राहुल की पत्नी मनीषा ठाकुर भी बैराज से गंगा में कूद गई थी।

आत्महत्या करने के कारण

सामाजिक तौर पर दूरी

मानसिक बीमारी (तनाव, घबराहट, बीमारी के बारे में नहीं बताना, बाइपोलर डिसऑर्डर, डिस्टीमिया, नशे की आदत)

आवेश में आने की प्रवृत्ति
-आपसी संबंध खराब होने पर

-आर्थिक समस्या
ऐसे हो सकती है आत्महत्या की रोकथाम

-सामाजिक संबंध अच्छे होने चाहिए

-मानसिक बीमारी का इलाज कराएं

-मानसिक बीमारी के बारे में खुलकर बात करें

आत्महत्या करने से पहले आने वाले विचार
-अचानक से संपत्ति का प्लान करना
-विरासत की बात करना

-आत्महत्या के बारे में ज्यादा बात करना

-व्यवहार में बदलाव होना

-उम्मीद टूटना, जीवन में कुछ नहीं बचा जैसे विचार आना

आत्महत्या किसी भी समस्या का हल नहीं है। मानसिक बीमारी और खराब रिश्ते सबसे अधिक आत्महत्या का कारण बन रहे हैं। अच्छे सामाजिक संबंध आत्महत्या रोकने में काफी मददगार होते हैं। समस्या होने पर तुरंत अपने परिवार के लोगों से बात करनी चाहिए।
....डॉ. नितिन कुमार, मनोरोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
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