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पानीपत खटीमा हाईवे : सिर्फ दो पुलों पर डाले गए स्लैब, छह अधूरे
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- छह पुल, तीन अंडर पास और एक ओवर ब्रिज अभी है निर्माणाधीन
- छोइया नदी के पुल पर रखें जाने हैं गार्डर, बान नदी के पुल पर स्लैब डालना बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/कोतवाली देहात। यूं तो पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे का निर्माण मई 2023 तक पूरा कर लिया जाना था। मगर, अभी करीब एक साल और लग सकता है। रास्ते में पड़ने वाली दो नहरों के पुलों पर स्लैब डाल दिए गए हैं जबकि दो नदियों और चार नहरों के पुल अभी आधे अधूरे हैं। उधर, ओवरब्रिज को भी पूरा होने में वक्त लगेगा।
बिजनौर से कोतवाली मार्ग तक मार्ग में कहीं सड़क पक्की तो कहीं कच्ची। यह हालात पिछले दो सालों से बने हुए हैं। बारिश हो जाती है तो लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। पिछले दिनों बरसात के कारण सड़क पर बान नदी का पानी बहने लगा था, जिसके चलते पांच से छह दिनों तक सड़क पर वाहन कीचड़ में फंसते रहे। खबरें प्रकाशित हुई तो नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने सड़क का मौका मुआयना किया। जिन्होंने निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद निर्माण ने कुछ गति पकड़ी।
पीली चौकी और गांव महेश्वरी जट के पास वाले दो पुलों पर आनन फानन स्लैब डाल दिए गए। हालांकि नहर के इन दोनों पुलों को सड़क से जोड़ना बाकी रह गया है। उधर अंडर पास की बात करें तो सिर्फ पीलीचौकी का ही चालू हो पाया है। बाकी वीकेआईटी के पास, बरुकी और महेश्वरी जट का अंडर पास सड़क से नहीं जोड़ा सका है।
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इनके अलावा छोइया नदी के निर्माणाधीन पुल के पिलर खड़े हो गए हैं जबकि गार्डर रखने और स्लैब डालने का काम बाकी है। बान नदी के पुल के गार्डर रख दिए गए हैं और स्लैब यहां भी डाला जाना बाकी है। साथ ही तीन नहरों के पुल भी अभी अधूरे हैं।
ओवर ब्रिज निर्माण में लगेगा ज्यादा वक्त
कोतवाली देहात में 750 मीटर लंबा ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है। जिसके लिए तीन पिलर बना दिए गए हैं। बाकी एक एक कर पिलर बनाने का काम चल रहा है। निर्माण कंपनी के सूत्रों की मानें तो ओवर ब्रिज के चालू होने में अभी वक्त लगेगा। वहीं सड़क और पुलों के निर्माण भी आठ से दस महीने का वक्त लग सकता है।
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- छोइया नदी के पुल पर रखें जाने हैं गार्डर, बान नदी के पुल पर स्लैब डालना बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/कोतवाली देहात। यूं तो पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे का निर्माण मई 2023 तक पूरा कर लिया जाना था। मगर, अभी करीब एक साल और लग सकता है। रास्ते में पड़ने वाली दो नहरों के पुलों पर स्लैब डाल दिए गए हैं जबकि दो नदियों और चार नहरों के पुल अभी आधे अधूरे हैं। उधर, ओवरब्रिज को भी पूरा होने में वक्त लगेगा।
बिजनौर से कोतवाली मार्ग तक मार्ग में कहीं सड़क पक्की तो कहीं कच्ची। यह हालात पिछले दो सालों से बने हुए हैं। बारिश हो जाती है तो लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। पिछले दिनों बरसात के कारण सड़क पर बान नदी का पानी बहने लगा था, जिसके चलते पांच से छह दिनों तक सड़क पर वाहन कीचड़ में फंसते रहे। खबरें प्रकाशित हुई तो नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने सड़क का मौका मुआयना किया। जिन्होंने निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद निर्माण ने कुछ गति पकड़ी।
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पीली चौकी और गांव महेश्वरी जट के पास वाले दो पुलों पर आनन फानन स्लैब डाल दिए गए। हालांकि नहर के इन दोनों पुलों को सड़क से जोड़ना बाकी रह गया है। उधर अंडर पास की बात करें तो सिर्फ पीलीचौकी का ही चालू हो पाया है। बाकी वीकेआईटी के पास, बरुकी और महेश्वरी जट का अंडर पास सड़क से नहीं जोड़ा सका है।
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इनके अलावा छोइया नदी के निर्माणाधीन पुल के पिलर खड़े हो गए हैं जबकि गार्डर रखने और स्लैब डालने का काम बाकी है। बान नदी के पुल के गार्डर रख दिए गए हैं और स्लैब यहां भी डाला जाना बाकी है। साथ ही तीन नहरों के पुल भी अभी अधूरे हैं।
ओवर ब्रिज निर्माण में लगेगा ज्यादा वक्त
कोतवाली देहात में 750 मीटर लंबा ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है। जिसके लिए तीन पिलर बना दिए गए हैं। बाकी एक एक कर पिलर बनाने का काम चल रहा है। निर्माण कंपनी के सूत्रों की मानें तो ओवर ब्रिज के चालू होने में अभी वक्त लगेगा। वहीं सड़क और पुलों के निर्माण भी आठ से दस महीने का वक्त लग सकता है।