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बैराज घाट का होगा कायापलट
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 07 Jul 2016 11:48 PM IST
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नमामि गंगे के कार्यक्रम में मंचासीन अतिथिगण।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत जिले के बैराज घाट का जीर्णोद्धार होगा। बालावाली तथा विदुरकुटी में नए घाट बनेंगे। साथ ही गंगा का गांवों में जाने वाले पानी का ट्रीटमेंट करके सिंचाई योग्य बनाने की योजना है। बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन बृहस्पतिवार को सांसद भारतेंद्र सिंह तथा विधायक रुचिवीरा ने संयुक्त रूप से किया।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गंगा को स्वच्छ एवं प्रदूषण रहित बनाने का कार्यक्रम है। प्रथम चरण में गंगा किनारे बने पुराने घाटों समेत नए घाट बनाने के लिए स्थान चयन के बारे में सर्वे किया गया था। अब इन घाटों पर होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके तहत बिजनौर के एक बैंक्वटहॉल में बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों की कार्यशाला हुई। केंद्रीय स्वच्छता मिशन मंत्रालय में एडिशनल डायरेक्टर बाबू नायर मिशन में कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि राजेंद्र स्वरूप के अनुसार बैराज घाट का कायापलट होगा। घाट पर प्रवेश द्वार, पूजा स्थल, महिलाओं एवं पुरुषों के अलग-अलग चेंज रूम समेत स्नान करते समय सुरक्षा के लिए रेलिंग बनेंगी। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा रहे ।
q गोबर के उपलों से होगा प्रदूषण कम ः बिजनौर। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गोबर के उपलों से शवदाह करने की योजना है। इससे लकड़ी की खपत का लोड कम होगा।
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q बालावाली से बलिया तक गंगा की सफाईः बिजनौर। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि राजेंद्र स्वरूप के अनुसार यूपी में बालावाली से लेकर बलिया तक गंगा किनारे बने पुराने एवं नए घाटों का जीर्णोद्धार की व्यापक योजना है। बिजनौर को इस कार्यक्रम में प्राथमिकता पर लिया गया है। काम पूरी तेजी के साथ किया जाएगा।
नया शवदाह स्थल बनेगा
बैराज घाट पर बने शवदाह स्थल का प्रयोग नहीं हो रहा है। नया शवदाह स्थल बनेगा। इसमें प्रार्थना हाल, शव को नहलाने से लेकर सभी क्रियाकर्मों को करने की व्यवस्था होगी। शवदाह की तकनीक में बदलाव होगा। अभी तक शवदाह में 350-400 किलोग्राम लकड़ी का इस्तेमाल होता है। इसके लिए इंप्रूवड वुड तकनीक का प्रयोग होगा। इसमें शव दाह में मात्र 150 किलो लकड़ी लगेगी। प्रदूषण भी कम होगा। विदुर कुटी तथा बालावाली में घाट तथा शवदाह स्थल बनेंगे। नेहरू युवा केंद्र का सहयोग रहा।
गंगा के मैले पानी का होगा ट्रीटमेंट
बिजनौर । गंगा किनारे बसे गांवों के निवासियों को राहत देने वाली खबर है। गांवों में गंगा का पानी बरसात या बाढ़ के कारण घुस जाता है। उस पानी को सिंचाई के लिए स्वच्छ बनाने के लिए आईआईटी ने ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया है। गंदे पानी को ड्रिल करके साफ करेंगे।
शुक्रताल में नमामि गंगे परियोजना का शुभारंभ
मोरना में केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को लेकर शुक्रताल के गंगा घाट पर नमामि गंगे परियोजना का शुभारंभ किया। इस दौरान बालियान ने कहा कि तीर्थनगरी में गंगा की धारा लाना उनकी प्राथमिकता रहेगा। शुक्रताल की यह प्रमुख मांग है, इसके लिए एक हफ्ते में पायलट प्रोजेक्ट तैयार होगा। जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय की ओर से नमामि गंगे के अन्तर्गत विभिन्न परियोजनाओं के शुभारंभ के मौके पर डॉ संजीव बालियान ने कहा कि अगर अपनी संस्कृति को जीवित रखना है तो गंगा के अस्तित्व को बचाने की जंग के लिए हमें आगे आना होगा। शुक्रताल गंगा घाट को देश के सबसे सुंदर घाट बनाया जाएगा। तीर्थनगरी शुक्रताल में मुख्य गंगा की धारा लाना उनकी प्राथमिकता में है। इसके लिए एक सप्ताह में पायलट प्रोजेक्ट का प्लान तैयार किया जाएगा। गंगा की मुख्य धारा आने पर पर्यटक स्वयं आने लगेंगे। गंगा के साथ-साथ काली नदी, सोलानी नदी, हिंडन नदी का सफाई कार्य किया जाएगा। गंगा खादर में गंगा की जमीन पर किसी भी सूरत में अवैध कब्जे नहीं होने दिए जाएंगे। किसी किसान का उत्पीड़न नहीं होगा। मंत्री डॉ बालियान ने कहा कि देश में नमामि गंगे परियोजना के तहत 25 हजार 325 गंगा घाटों को खूबसूरत बनाने को लेकर विशाल प्रोजेक्ट्स पर कार्य आरम्भ किए जा चुके हैं। देश में करोड़ों लोगों को जीवन देने वाली मां गंगा को स्वच्छ निर्मल बनाना ही उनका लक्ष्य है। किसानों को लाभान्वित करने के लिए कृषक सिंचाई को लेकर देश के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने 50 हजार करोड़ की परियोजना लागू की है। इस मौके पर उन्होंने नेहरू युवा केंद्र से जुड़े युवाओं को प्रमाण प्रत्र देकर सम्मानित किया।
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राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत गंगा को स्वच्छ एवं प्रदूषण रहित बनाने का कार्यक्रम है। प्रथम चरण में गंगा किनारे बने पुराने घाटों समेत नए घाट बनाने के लिए स्थान चयन के बारे में सर्वे किया गया था। अब इन घाटों पर होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके तहत बिजनौर के एक बैंक्वटहॉल में बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों की कार्यशाला हुई। केंद्रीय स्वच्छता मिशन मंत्रालय में एडिशनल डायरेक्टर बाबू नायर मिशन में कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि राजेंद्र स्वरूप के अनुसार बैराज घाट का कायापलट होगा। घाट पर प्रवेश द्वार, पूजा स्थल, महिलाओं एवं पुरुषों के अलग-अलग चेंज रूम समेत स्नान करते समय सुरक्षा के लिए रेलिंग बनेंगी। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष उदयन वीरा रहे ।
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q गोबर के उपलों से होगा प्रदूषण कम ः बिजनौर। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गोबर के उपलों से शवदाह करने की योजना है। इससे लकड़ी की खपत का लोड कम होगा।
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q बालावाली से बलिया तक गंगा की सफाईः बिजनौर। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि राजेंद्र स्वरूप के अनुसार यूपी में बालावाली से लेकर बलिया तक गंगा किनारे बने पुराने एवं नए घाटों का जीर्णोद्धार की व्यापक योजना है। बिजनौर को इस कार्यक्रम में प्राथमिकता पर लिया गया है। काम पूरी तेजी के साथ किया जाएगा।
नया शवदाह स्थल बनेगा
बैराज घाट पर बने शवदाह स्थल का प्रयोग नहीं हो रहा है। नया शवदाह स्थल बनेगा। इसमें प्रार्थना हाल, शव को नहलाने से लेकर सभी क्रियाकर्मों को करने की व्यवस्था होगी। शवदाह की तकनीक में बदलाव होगा। अभी तक शवदाह में 350-400 किलोग्राम लकड़ी का इस्तेमाल होता है। इसके लिए इंप्रूवड वुड तकनीक का प्रयोग होगा। इसमें शव दाह में मात्र 150 किलो लकड़ी लगेगी। प्रदूषण भी कम होगा। विदुर कुटी तथा बालावाली में घाट तथा शवदाह स्थल बनेंगे। नेहरू युवा केंद्र का सहयोग रहा।
गंगा के मैले पानी का होगा ट्रीटमेंट
बिजनौर । गंगा किनारे बसे गांवों के निवासियों को राहत देने वाली खबर है। गांवों में गंगा का पानी बरसात या बाढ़ के कारण घुस जाता है। उस पानी को सिंचाई के लिए स्वच्छ बनाने के लिए आईआईटी ने ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया है। गंदे पानी को ड्रिल करके साफ करेंगे।
शुक्रताल में नमामि गंगे परियोजना का शुभारंभ
मोरना में केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को लेकर शुक्रताल के गंगा घाट पर नमामि गंगे परियोजना का शुभारंभ किया। इस दौरान बालियान ने कहा कि तीर्थनगरी में गंगा की धारा लाना उनकी प्राथमिकता रहेगा। शुक्रताल की यह प्रमुख मांग है, इसके लिए एक हफ्ते में पायलट प्रोजेक्ट तैयार होगा। जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय की ओर से नमामि गंगे के अन्तर्गत विभिन्न परियोजनाओं के शुभारंभ के मौके पर डॉ संजीव बालियान ने कहा कि अगर अपनी संस्कृति को जीवित रखना है तो गंगा के अस्तित्व को बचाने की जंग के लिए हमें आगे आना होगा। शुक्रताल गंगा घाट को देश के सबसे सुंदर घाट बनाया जाएगा। तीर्थनगरी शुक्रताल में मुख्य गंगा की धारा लाना उनकी प्राथमिकता में है। इसके लिए एक सप्ताह में पायलट प्रोजेक्ट का प्लान तैयार किया जाएगा। गंगा की मुख्य धारा आने पर पर्यटक स्वयं आने लगेंगे। गंगा के साथ-साथ काली नदी, सोलानी नदी, हिंडन नदी का सफाई कार्य किया जाएगा। गंगा खादर में गंगा की जमीन पर किसी भी सूरत में अवैध कब्जे नहीं होने दिए जाएंगे। किसी किसान का उत्पीड़न नहीं होगा। मंत्री डॉ बालियान ने कहा कि देश में नमामि गंगे परियोजना के तहत 25 हजार 325 गंगा घाटों को खूबसूरत बनाने को लेकर विशाल प्रोजेक्ट्स पर कार्य आरम्भ किए जा चुके हैं। देश में करोड़ों लोगों को जीवन देने वाली मां गंगा को स्वच्छ निर्मल बनाना ही उनका लक्ष्य है। किसानों को लाभान्वित करने के लिए कृषक सिंचाई को लेकर देश के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने 50 हजार करोड़ की परियोजना लागू की है। इस मौके पर उन्होंने नेहरू युवा केंद्र से जुड़े युवाओं को प्रमाण प्रत्र देकर सम्मानित किया।