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Bijnor News: बिजनौर के कूड़े में रोज निकल रही एक टन पॉलिथीन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही अधिकारी पॉलिथीन की बिक्री पर लगाम कसने का दावा कर रहे हैं। मगर, विभागीय आंकड़े कुछ और ही गवाही दे रहे हैं। बिजनौर शहर के कूड़े में रोजाना एक टन पॉलिथीन का मिश्रण है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में ही पाॅलिथीन का कितना ज्यादा उपयोग हो रहा है।
सरकार ने साल 2018 में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा था। इसके बावजूद भी धड़ल्ले से खुलेआम पॉलिथीन का इस्तेमाल हो रहा है। बाजारों से लेकर घरों तक पॉलिथीन का कूड़ा खूब नजर आ रहा है। बिजनौर नगरपालिका की आबादी 171759 है।
सफाई निरीक्षक गोविंद चौधरी ने बताया कि इस आबादी का रोजाना करीब 50 टन कूड़ा रहता है। इसमें करीब एक टन कूड़ा सिर्फ पॉलिथीन का ही है। शहर के कूड़े को खत्म करने के लिए कूड़ा निस्तारण केंद्र भी बना हुआ है। सुबह के समय मोहल्लों से कूड़ा एकत्र कर केंद्र तक पहुंचाती हैं। आखिर क्यों, इतनी सख्ती के बाद भी पॉलिथीन का उपयोग बंद नहीं हो रहा है। यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
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सुबह से शाम तक कूड़ेदान में लग जाता है पॉलिथीन का ढेर
शहर में जगह-जगह कूड़ेदान रखे हुए हैं। इनमें सुबह से शाम तक आसपास का कूड़ा एकत्र किया जाता है। मगर इनमें पॉलिथीन का ढेर भी अलग दिखाई देता है। फल, सब्जी से लेकर घरेलू सामान तक पॉलिथीन में जा रहा है। प्रतिबंध के बावजूद भी पॉलिथीन का उपयोग कम नहीं हो रहा है।
व्यापारी अनिल गंभीर का कहना है कि पॉलिथीन बनाने वाली फैक्टरियों पर भी पाबंदी लगानी चाहिए। ताकि बाजार में पॉलिथीन न आने पाए। साथ ही लोग भी जागरूक होकर अपने साथ घर से कपड़े का थैला लेकर बाजार आएं।
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अनुराग ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक पूर्णत: बंद होनी चाहिए। इसका पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है। अधिकारियों को धरातल पर उतरकर काम करना होगा। साथ ही लोगों को प्लास्टिक के प्रयोग से होने वाली हानि के बारे में बताया जाना चाहिए।
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पूर्व एडीजीसी हुकम सिंह का कहना है कि पॉलिथीन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लोग खाली प्लाट में पॉलिथीन डाल देते हैं। इसे बेसहारा पशु खा लेते हैं, जो उन्हें नुकसान पहुंचाती है। इसलिए लोगों को जागरूक होकर पॉलिथीन का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
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पॉलिथीन को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। आगे भी अभियान चलाकर पॉलिथीन जब्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी। पॉलिथीन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लोग खुद भी जागरूक होकर पॉलिथीन का प्रयोग न करें। - विकास कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका, बिजनौर
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बिजनौर। भले ही अधिकारी पॉलिथीन की बिक्री पर लगाम कसने का दावा कर रहे हैं। मगर, विभागीय आंकड़े कुछ और ही गवाही दे रहे हैं। बिजनौर शहर के कूड़े में रोजाना एक टन पॉलिथीन का मिश्रण है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में ही पाॅलिथीन का कितना ज्यादा उपयोग हो रहा है।
सरकार ने साल 2018 में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा था। इसके बावजूद भी धड़ल्ले से खुलेआम पॉलिथीन का इस्तेमाल हो रहा है। बाजारों से लेकर घरों तक पॉलिथीन का कूड़ा खूब नजर आ रहा है। बिजनौर नगरपालिका की आबादी 171759 है।
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सफाई निरीक्षक गोविंद चौधरी ने बताया कि इस आबादी का रोजाना करीब 50 टन कूड़ा रहता है। इसमें करीब एक टन कूड़ा सिर्फ पॉलिथीन का ही है। शहर के कूड़े को खत्म करने के लिए कूड़ा निस्तारण केंद्र भी बना हुआ है। सुबह के समय मोहल्लों से कूड़ा एकत्र कर केंद्र तक पहुंचाती हैं। आखिर क्यों, इतनी सख्ती के बाद भी पॉलिथीन का उपयोग बंद नहीं हो रहा है। यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
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सुबह से शाम तक कूड़ेदान में लग जाता है पॉलिथीन का ढेर
शहर में जगह-जगह कूड़ेदान रखे हुए हैं। इनमें सुबह से शाम तक आसपास का कूड़ा एकत्र किया जाता है। मगर इनमें पॉलिथीन का ढेर भी अलग दिखाई देता है। फल, सब्जी से लेकर घरेलू सामान तक पॉलिथीन में जा रहा है। प्रतिबंध के बावजूद भी पॉलिथीन का उपयोग कम नहीं हो रहा है।
व्यापारी अनिल गंभीर का कहना है कि पॉलिथीन बनाने वाली फैक्टरियों पर भी पाबंदी लगानी चाहिए। ताकि बाजार में पॉलिथीन न आने पाए। साथ ही लोग भी जागरूक होकर अपने साथ घर से कपड़े का थैला लेकर बाजार आएं।
अनुराग ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक पूर्णत: बंद होनी चाहिए। इसका पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है। अधिकारियों को धरातल पर उतरकर काम करना होगा। साथ ही लोगों को प्लास्टिक के प्रयोग से होने वाली हानि के बारे में बताया जाना चाहिए।
पूर्व एडीजीसी हुकम सिंह का कहना है कि पॉलिथीन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लोग खाली प्लाट में पॉलिथीन डाल देते हैं। इसे बेसहारा पशु खा लेते हैं, जो उन्हें नुकसान पहुंचाती है। इसलिए लोगों को जागरूक होकर पॉलिथीन का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
पॉलिथीन को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। आगे भी अभियान चलाकर पॉलिथीन जब्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी। पॉलिथीन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लोग खुद भी जागरूक होकर पॉलिथीन का प्रयोग न करें। - विकास कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका, बिजनौर