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एनआरएलएम की सदस्य मनरेगा में बनेंगी मेट
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एनआरएलएम की सदस्य मनरेगा में बनेंगी मेट
धामपुर। विकास विभाग की ओर से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों में शामिल सदस्यों को मनरेगा योजना के अंतर्गत मेट की नौकरी दी जाएगी। पंचायतों में मनरेगा के तहत कार्यरत 25 श्रमिकों पर एक मेट तैनात होगी।
खंड विकास अधिकारी अंबरीश कुमार शर्मा ने बताया कि सरकार की मंशा है कि महिलाओं को अधिक से अधिक सशक्त बनाया जाए। इसके लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम का व्यापक स्तर से संचालन हो रहा है। हर गांव और पंचायत में मिशन के तहत महिलाओं की ओर से स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा रहा है। एक-एक समूह में करीब 11-11 महिलाओं को शामिल कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा कार्यक्रम चल रहा है। इस योजना के तहत गांवों में योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों का लेखाजोखा रखने के लिए अब इन स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को मेट की नौकरी दी जाएगी। 25-25 श्रमिकों पर एक मेट की तैनाती होनी है। धामपुर ब्लॉक में करीब दस हजार पंजीकृत श्रमिक हैं। मनरेगा के तहत पंचायतों में करीब 250 से अधिक प्रकार के काम हैं।
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धामपुर। विकास विभाग की ओर से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों में शामिल सदस्यों को मनरेगा योजना के अंतर्गत मेट की नौकरी दी जाएगी। पंचायतों में मनरेगा के तहत कार्यरत 25 श्रमिकों पर एक मेट तैनात होगी।
खंड विकास अधिकारी अंबरीश कुमार शर्मा ने बताया कि सरकार की मंशा है कि महिलाओं को अधिक से अधिक सशक्त बनाया जाए। इसके लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम का व्यापक स्तर से संचालन हो रहा है। हर गांव और पंचायत में मिशन के तहत महिलाओं की ओर से स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा रहा है। एक-एक समूह में करीब 11-11 महिलाओं को शामिल कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा कार्यक्रम चल रहा है। इस योजना के तहत गांवों में योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों का लेखाजोखा रखने के लिए अब इन स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को मेट की नौकरी दी जाएगी। 25-25 श्रमिकों पर एक मेट की तैनाती होनी है। धामपुर ब्लॉक में करीब दस हजार पंजीकृत श्रमिक हैं। मनरेगा के तहत पंचायतों में करीब 250 से अधिक प्रकार के काम हैं।
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