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एनआरएचएम घोटाले की जांच हो गई शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 22 Sep 2016 12:30 AM IST
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बिजनौर में एनआरएचएम में फर्जी भुगतान कर करोड़ों रुपये का घोटाला प्रकाश में आया है। सीएमओ डॉ. सुखबीर ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बैंक खाते खंगालने शुरू कर दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग में एनआरएचएम के तहत तीन करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है। घोटाले में बिना किसी बिल वाउचर और चेक इश्यू रजिस्टर में एंट्री किए बिना चार फर्मों को करीब तीन करोड़ का भुगतान किया गया है। यह भुगतान 11 जून 2016 व 26 जुलाई 2016 को दस बार में किए गए थे। इनके एप्रूवल पर पूर्व सीएमओ व एसीएमओ के हस्ताक्षर भी था। यह भुगतान उन्नाव डिस्टिलरीज ब्रेवरीज, एनकिचन कल्याण समिति कानपुर, सरकार ट्रैवल और गणपति एंटरप्राइजेज को किया गया है। यह घोटाला ड्रग्स एंड कंज्यूमेबल्स, डाइट मोबिलिटी सपोर्ट फील्ड विजिट, ऑपरेशनल कास्ट ऑफ आबीएसके, इनोवेशन, प्रिंटिंग एवं एमसीपी कार्ड सेफ मैथर्ड बुकलेटस, एवं अदर एक्टीविटीज आदि मदों के पर किया गया है। सीएमओ डा.सुखबीर सिंह ने पूर्व सीएमओ व एसीएमओ के हस्ताक्षर मिलान किए।
उसके बाद संबंधित मामले में सीएमओ ने बैंक जाकर खाते भी खंगाले।
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स्वास्थ्य विभाग में एनआरएचएम के तहत तीन करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया है। घोटाले में बिना किसी बिल वाउचर और चेक इश्यू रजिस्टर में एंट्री किए बिना चार फर्मों को करीब तीन करोड़ का भुगतान किया गया है। यह भुगतान 11 जून 2016 व 26 जुलाई 2016 को दस बार में किए गए थे। इनके एप्रूवल पर पूर्व सीएमओ व एसीएमओ के हस्ताक्षर भी था। यह भुगतान उन्नाव डिस्टिलरीज ब्रेवरीज, एनकिचन कल्याण समिति कानपुर, सरकार ट्रैवल और गणपति एंटरप्राइजेज को किया गया है। यह घोटाला ड्रग्स एंड कंज्यूमेबल्स, डाइट मोबिलिटी सपोर्ट फील्ड विजिट, ऑपरेशनल कास्ट ऑफ आबीएसके, इनोवेशन, प्रिंटिंग एवं एमसीपी कार्ड सेफ मैथर्ड बुकलेटस, एवं अदर एक्टीविटीज आदि मदों के पर किया गया है। सीएमओ डा.सुखबीर सिंह ने पूर्व सीएमओ व एसीएमओ के हस्ताक्षर मिलान किए।
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उसके बाद संबंधित मामले में सीएमओ ने बैंक जाकर खाते भी खंगाले।