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Bijnor News: अफसर भी अब विद्यालय का चयन कर बनाएंगे निपुण
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खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी, जिला समन्वयक को भी विद्यालयों को निपुण बनाने का मिलेगा दायित्व
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का अच्छा माहौल बनाने के लिए नए नए प्रयास किए जा रहे हैं। परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षा दो तक के छात्र-छात्राओं को भाषा व गणित में होशियार बनाया जा रहा है। इसके लिए अब शिक्षक ही नहीं जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी, जिला समन्वयक भी एक-एक स्कूल को निपुण बनाने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
जनपद में 2120 परिषदीय स्कूलों में से 1355 प्राथमिक, 376 उच्च प्राथमिक, 389 कंपोजिट स्कूल है। जिले के 1355 प्राथमिक, 389 कंपोजिट स्कूलों में निपुण भारत अभियान के तहत कक्षा एक व दो के छात्र छात्राओं को पढ़ाई में पूर्ण कर विद्यालयों को निपुण बनाने की तैयारी चल रही है।
विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ खंड शिक्षा अधिकारियों, स्पेशल रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी), संकुल शिक्षकों को भी विद्यालय निपुण बनाने का दायित्व दिया जाएगा। न्याय पंचायत स्तर पर पांच-पांच शिक्षकों को संकुल शिक्षक बनाया गया है। इन्हें भी एक एक विद्यालय निपुण बनाने की जिम्मेदारी दी जा रही है। ताकि परिषदीय स्कूलों में प्री प्राइमरी से कक्षा दो तक के छात्र गणित और भाषा विषय में पढ़ाई में होशियार रहे।
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जिला समन्वयक विवेक बंसल ने बताया कि निपुण भारत अभियान के तहत छात्रों की प्रारंभिक शिक्षा स्तर मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ताकि आगे छात्रों को पढ़ने में कठिनाई न आए।
कक्षा दो तक के छात्र छात्राओं को पढ़ाई में निपुण बनाने का कार्य चल रहा है। हर खंड शिक्षा अधिकारी को भी बीआरसी केंद्र के आसपास के एक विद्यालय को निपुण बनाने का जिम्मेदारी दी जाएगी। उनकी जवाबदेही तय की गई। - योगेंद्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का अच्छा माहौल बनाने के लिए नए नए प्रयास किए जा रहे हैं। परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षा दो तक के छात्र-छात्राओं को भाषा व गणित में होशियार बनाया जा रहा है। इसके लिए अब शिक्षक ही नहीं जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारी, एसआरजी, जिला समन्वयक भी एक-एक स्कूल को निपुण बनाने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
जनपद में 2120 परिषदीय स्कूलों में से 1355 प्राथमिक, 376 उच्च प्राथमिक, 389 कंपोजिट स्कूल है। जिले के 1355 प्राथमिक, 389 कंपोजिट स्कूलों में निपुण भारत अभियान के तहत कक्षा एक व दो के छात्र छात्राओं को पढ़ाई में पूर्ण कर विद्यालयों को निपुण बनाने की तैयारी चल रही है।
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विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ खंड शिक्षा अधिकारियों, स्पेशल रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी), संकुल शिक्षकों को भी विद्यालय निपुण बनाने का दायित्व दिया जाएगा। न्याय पंचायत स्तर पर पांच-पांच शिक्षकों को संकुल शिक्षक बनाया गया है। इन्हें भी एक एक विद्यालय निपुण बनाने की जिम्मेदारी दी जा रही है। ताकि परिषदीय स्कूलों में प्री प्राइमरी से कक्षा दो तक के छात्र गणित और भाषा विषय में पढ़ाई में होशियार रहे।
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जिला समन्वयक विवेक बंसल ने बताया कि निपुण भारत अभियान के तहत छात्रों की प्रारंभिक शिक्षा स्तर मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ताकि आगे छात्रों को पढ़ने में कठिनाई न आए।
कक्षा दो तक के छात्र छात्राओं को पढ़ाई में निपुण बनाने का कार्य चल रहा है। हर खंड शिक्षा अधिकारी को भी बीआरसी केंद्र के आसपास के एक विद्यालय को निपुण बनाने का जिम्मेदारी दी जाएगी। उनकी जवाबदेही तय की गई। - योगेंद्र कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी