फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   No oil in police car, how should women's help

पुलिस की गाड़ी में तेल नहीं, कैसे हो महिलाओं की हेल्प

Tue, 03 Dec 2019 10:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2019 10:57 PM IST
विज्ञापन
No oil in police car, how should women's help
पुलिस की गाड़ी में तेल नहीं, कैसे हो महिलाओं की हेल्प
विज्ञापन

बिजनौर। महिलाओं की सुरक्षा व उन्हें संरक्षित करने के लिए चलाई जा रही महिला हेल्पलाइन नंबर 181 की गाड़ी पांच महीने से तेल न होने की वजह से शोपीस बनी है। गाड़ी में तेल न होने से हेल्पलाइन नंबर पूरी तरह पुलिस पर निर्भर हो गई है। तेल न होने से हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली शिकायतों को बाद में पुलिस के पास ही डायवर्ट किया जाता है। हेल्पलाइन नंबर की गाड़ी से कोई फायदा महिलाओं को नहीं मिल रहा है।
महिलाओं के साथ होने वाली हिंसक घटनाओं से समाज में उबाल है। हैदराबाद में चिकित्सक बेटी के साथ हुई घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया है। महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में और कठोर कानून बनाने व उन्हें कड़ाई से लागू कराने की बात कही जा रही है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर काफी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवतियों आदि से छेड़खानी रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड का भी गठन किया है। महिलाओं को घरेलू हिंसा, छेड़खानी आदि से बचाने के लिए प्रदेश में हेल्पलाइन नंबर 181 भी चलाया जा रहा है। फोन कॉल पर तुरंत कार्रवाई के लिए जिले में एक गाड़ी तैनात है। इस गाड़ी को तेल शासन से आवंटित किया जाता है। एक निर्धारित कंपनी के पेट्रोल पंप से गाड़ी में तेल डाला जाता है। इसके लिए पहले हेल्पलाइन में तैनात स्टाफ को कूपन दिए जाते थे, लेकिन अब काफी समय से गाड़ी में तेल डालने के लिए कूपन आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जुलाई से गाड़ी में तेल नहीं डला है। 181 हेल्पलाइन नंबर की गाड़ी विकास भवन में खड़ी धूल फांक रही है। गाड़ी का स्टाफ भी खाली बैठने को मजबूर है।
विज्ञापन

ऐसे होता है काम
महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर की जाने वाली कॉल लखनऊ जाती है। वहां से संबंधित जिले में तैनात स्टाफ को मदद करने वाले के पास भेजा जाता है। गाड़ी से ही हेल्पलाइन नंबर का स्टाफ मदद के लिए जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इतना स्टाफ रहता है तैनात
हेल्पलाइन नंबर पर जिले में 14 पुलिस कांस्टेबिल व तीन काउंसलर तैनात हैं। महिला को सुरक्षा देना, परिवार की काउंसलिंग करना, महिला का मेडिकल/एफआईआर कराना गाड़ी पर तैनात स्टाफ का ही काम रहता है। यह नंबर 24 घंटे काम करता है।
जुलाई से नहीं तेल
हेल्पलाइन नंबर की गाड़ी में जुलाई से तेल नहीं है। ऐसे में 181 नंबर पर मदद मांगने वालों के लिए जिले का स्टाफ संबंधित थाने में फोन करता है। इसके अलावा अब तो कई बार लखनऊ में बैठा स्टाफ ही सीधे संबंधित थाने में फोन कर देता है।

गाड़ी में तेल खत्म होने के बाद आईं शिकायतें
महीना शिकायत
जुलाई 37
अगस्त 30
सितंबर 23
अक्तूबर 15
नवंबर 17
नोट:ये आंकड़े विकास भवन से लिए गए हैं।
शासन को लिखा गया पत्र
हेल्पलाइन नंबर के जिले के नोडल अधिकारी संजय कुमार के अनुसार हेल्पलाइन नंबर की गाड़ी में काफी समय से तेल नहीं है। इस संबंध में डीएम कार्यालय से शासन को पत्र लिखा जा चुका है। तेल की व्यवस्था होते ही फिर से गाड़ी का संचालन होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed