{"_id":"5856c94d4f1c1ba960c06059","slug":"no-electricity-will-not-vote","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली नहीं तो वोट नहीं डालेंगे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली नहीं तो वोट नहीं डालेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Dec 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में ब्लॉक नजीबाबाद के गांव मोटाढांक के लोगों को आजादी के बाद से अब तक बिजली जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिली है। प्रधान अनीता दुदपुड़ी ने गणतंत्र दिवस से पहले गांव में बिजली सुविधा मुहैया कराने की मांग की है। गांव के लोगों ने कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
डीएम को दिए पत्र में कहा गया है कि मोटाढांक बिजनौर जिले के आखिरी झोर पर स्थित है। पंचायत में मोटाढांक, चतरूवाला व देवेंद्र नगर कोड़िया गांव आते हैं। गांव में आने का रास्ता उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र से है। पंचायत का वर्ष 1970 में विद्युतीकरण हुआ। इसके अंतर्गत कुछ घरों में बिजली पहुंच गई। आरोप है कि 70 प्रतिशत आबादी वर्तमान में बिजली की सुविधा से वंचित है। नलकूप ठप है, लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। गांव के बच्चे कंप्यूटर शिक्षा से दूर हैं। ग्रामवासियों ने बिजली की मांग पूरा नहीं होने पर विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। प्रधान ने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री आदि को भी भेजी है।
विज्ञापन
डीएम को दिए पत्र में कहा गया है कि मोटाढांक बिजनौर जिले के आखिरी झोर पर स्थित है। पंचायत में मोटाढांक, चतरूवाला व देवेंद्र नगर कोड़िया गांव आते हैं। गांव में आने का रास्ता उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र से है। पंचायत का वर्ष 1970 में विद्युतीकरण हुआ। इसके अंतर्गत कुछ घरों में बिजली पहुंच गई। आरोप है कि 70 प्रतिशत आबादी वर्तमान में बिजली की सुविधा से वंचित है। नलकूप ठप है, लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। गांव के बच्चे कंप्यूटर शिक्षा से दूर हैं। ग्रामवासियों ने बिजली की मांग पूरा नहीं होने पर विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। प्रधान ने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री आदि को भी भेजी है।
विज्ञापन