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नए किरादारी कानूनों से विवादों का होगा त्वरित निस्तारण
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नए किराएदारी कानूनों से विवादों का होगा त्वरित निस्तारण
बिजनौर। विवादों के निपटारे के लिए किराया प्राधिकरण के गठन से भविष्य में किराएदारों व मकान मालिकों के विवादों का त्वरित निस्तारण हो सकेगा। अधिवक्ताओं ने इस कदम को क्रांतिकारी बताते हुए कहा है कि इससे किराएदारी विवाद में लंबी कानूनी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी।
अधिवक्ता अमित अग्रवाल का कहना है कि प्रस्तावित आदर्श किराया अधिनियम का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि अनुबंध की अवधि में किराएदार को तब तक घर से नहीं निकाला जा सकता जब तक दोनों पक्षों में सहमति न बन जाए। इससे किराएदारों को सुरक्षा मिलेगी तथा उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जा सकेगा।
अधिवक्ता मुकेश भटनागर का कहना है कि नए किराएदारी अधिनियम में अनुबंध के दौरान मकान मालिक पानी और सीवर लाइन को बंद नहीं कर सकते और न ही किराएदार की बिजली काट सकते हैं। जबकि अब तक यह होता आया है कि विवाद की स्थिति में मकान मालिक किराएदार की बिजली, पानी बंद कर देते थे, जिससे किराएदार का उत्पीड़न होता था।
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अधिवक्ता गौरव अग्रवाल का कहना है कि आदर्श किराया अधिनियम से मकान मालिकों को फायदा होगा। मकान मालिकों व किराएदारों के विवादों का निस्तारण जल्द होगा। वाणिज्यिक संपत्ति पर हर वर्ष सात प्रतिशत की तथा घरेलू संपत्ति पर पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी से मकान मालिकों को सुरक्षा मिलेगी तथा अनावश्यक विवादों में कमी आएगी।
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बिजनौर। विवादों के निपटारे के लिए किराया प्राधिकरण के गठन से भविष्य में किराएदारों व मकान मालिकों के विवादों का त्वरित निस्तारण हो सकेगा। अधिवक्ताओं ने इस कदम को क्रांतिकारी बताते हुए कहा है कि इससे किराएदारी विवाद में लंबी कानूनी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी।
अधिवक्ता अमित अग्रवाल का कहना है कि प्रस्तावित आदर्श किराया अधिनियम का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि अनुबंध की अवधि में किराएदार को तब तक घर से नहीं निकाला जा सकता जब तक दोनों पक्षों में सहमति न बन जाए। इससे किराएदारों को सुरक्षा मिलेगी तथा उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जा सकेगा।
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अधिवक्ता मुकेश भटनागर का कहना है कि नए किराएदारी अधिनियम में अनुबंध के दौरान मकान मालिक पानी और सीवर लाइन को बंद नहीं कर सकते और न ही किराएदार की बिजली काट सकते हैं। जबकि अब तक यह होता आया है कि विवाद की स्थिति में मकान मालिक किराएदार की बिजली, पानी बंद कर देते थे, जिससे किराएदार का उत्पीड़न होता था।
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अधिवक्ता गौरव अग्रवाल का कहना है कि आदर्श किराया अधिनियम से मकान मालिकों को फायदा होगा। मकान मालिकों व किराएदारों के विवादों का निस्तारण जल्द होगा। वाणिज्यिक संपत्ति पर हर वर्ष सात प्रतिशत की तथा घरेलू संपत्ति पर पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी से मकान मालिकों को सुरक्षा मिलेगी तथा अनावश्यक विवादों में कमी आएगी।