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यूपी बोर्ड के माध्यमिक विद्यालयों के नाम का सत्यापन होगा
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विद्यालयों के नाम का होगा सत्यापन
बिजनौर। जिले के यूपी बोर्ड के माध्यमिक विद्यालयों के नाम का सत्यापन होगा। शासन ने विद्यालयों की सूची डीआईओएस दफ्तर को भेज दी है। ऐसा बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की मार्कशीट में विद्यालय के नाम में होने वाली गलती को दूर करने के लिए किया जा रहा है। विद्यालयों से सत्यापन करके 22 फरवरी तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसके बाद स्कूल नाम में कोई त्रुटि रहने पर विद्यालय जिम्मेदार होंगे।
जिले में यूपी बोर्ड के 387 विद्यालय हैं। विद्यालयों के हाईस्कूल व इंटर के लाखों छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं। छात्रों की परीक्षा की मार्कशीट में हर साल बड़े पैमाने पर विद्यालय के नाम आदि की स्पेलिंग की गलत होने की शिकायत रहती है। वर्ष 2020 की परीक्षा में भी दर्जनों मार्कशीट में गलती मिली थी। डीआईओएस दफ्तर के अनुसार विद्यालय के नाम की हिंदी व अंग्रेजी के नाम की स्पेलिंग गलती अधिक थी।
मार्कशीट में किसी भी प्रकार की गलती का शुद्धिकरण प्रयागराज से होता है। डीआईओएस दफ्तर के माध्यम से मार्कशीट प्रयागराज जाती है। बताया गया कि किसी भी प्रकार के शुद्धिकरण में कई-कई महीने लग जाते हैं। मार्कशीट में गलती होने से अनेक छात्र आगे की पढ़ाई से वंचित हो जाते हैं। शासन तक मामले की शिकायत पहुंची, जिसपर शासन ने विद्यालयों के नाम की हिंदी व अंग्रेजी स्पेलिंग का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि जिले के विद्यालयों की सूची सभी विद्यालयों को भेज दी है। विद्यालयों से सत्यापन करके 22 फरवरी तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। सत्यापित रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। इसके बाद स्कूल नाम में कोई त्रुटि रहने पर विद्यालय जिम्मेदार होंगे।
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बिजनौर। जिले के यूपी बोर्ड के माध्यमिक विद्यालयों के नाम का सत्यापन होगा। शासन ने विद्यालयों की सूची डीआईओएस दफ्तर को भेज दी है। ऐसा बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की मार्कशीट में विद्यालय के नाम में होने वाली गलती को दूर करने के लिए किया जा रहा है। विद्यालयों से सत्यापन करके 22 फरवरी तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसके बाद स्कूल नाम में कोई त्रुटि रहने पर विद्यालय जिम्मेदार होंगे।
जिले में यूपी बोर्ड के 387 विद्यालय हैं। विद्यालयों के हाईस्कूल व इंटर के लाखों छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं। छात्रों की परीक्षा की मार्कशीट में हर साल बड़े पैमाने पर विद्यालय के नाम आदि की स्पेलिंग की गलत होने की शिकायत रहती है। वर्ष 2020 की परीक्षा में भी दर्जनों मार्कशीट में गलती मिली थी। डीआईओएस दफ्तर के अनुसार विद्यालय के नाम की हिंदी व अंग्रेजी के नाम की स्पेलिंग गलती अधिक थी।
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मार्कशीट में किसी भी प्रकार की गलती का शुद्धिकरण प्रयागराज से होता है। डीआईओएस दफ्तर के माध्यम से मार्कशीट प्रयागराज जाती है। बताया गया कि किसी भी प्रकार के शुद्धिकरण में कई-कई महीने लग जाते हैं। मार्कशीट में गलती होने से अनेक छात्र आगे की पढ़ाई से वंचित हो जाते हैं। शासन तक मामले की शिकायत पहुंची, जिसपर शासन ने विद्यालयों के नाम की हिंदी व अंग्रेजी स्पेलिंग का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि जिले के विद्यालयों की सूची सभी विद्यालयों को भेज दी है। विद्यालयों से सत्यापन करके 22 फरवरी तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। सत्यापित रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। इसके बाद स्कूल नाम में कोई त्रुटि रहने पर विद्यालय जिम्मेदार होंगे।
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