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मुन्ना बजरंगी: ऊधम सिंह ने कबूला हत्या में गैंग का हाथ, अब सुशील मूंछ की बारी

Tue, 14 Aug 2018 07:24 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 14 Aug 2018 07:24 PM IST
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Munna Bajrangi: Udham Singh accepted gang involvment in murder, Sushil moonch is next
बिजनौर के जजी में पेशी के लिए पहुंची अपराधी ऊधम सिंह - फोटो : अमर उजाला

वेस्ट यूपी के शातिर अपराधी ऊधम सिंह ने कहा है कि मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या कराने में उनके गैंग का हाथ रहा है। मुन्ना बजरंगी अपराध की दुनिया में खूब पैर उठा रहा था। सुनील राठी के दुश्मनों से सुनील की सुपारी ले रखी थी। ऊधम सिंह ने कहा कि दो साल पहले बिजनौर में मनोज राणा का कत्ल सुशील मूंछ, कपिल कटार व अरुण कबाड़ी ने कराया था। तीनों को उन्होंने खुला चैलेंज दिया। कहा कि जेल से बाहर आने पर मनोज राणा की हत्या के प्रतिशोध का बदला लिया जाएगा। बिजनौर में वर्चस्व जमाने को तीनों ने मनोज राणा की हत्या कराई थी।  

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इलाहाबाद की नैनी जेल से एक रंगदारी के मुकदमे के मामले में मंगलवार को बिजनौर जजी में सीजेएम कोर्ट में पेशी पर आए ऊधम सिंह ने पत्रकारों से कहा कि मुन्ना बजरंगी अब मुख्तार अंसारी से अलग हो गया था। संजीव जीवा को भी बजरंगी ने अपने से अलग कर दिया था। संजीव जीवा का भी मुन्ना बजरंगी के गैंग से कोई वास्ता नहीं था। संजीव जीवा फिलहाल शांत है। मुन्ना बजरंगी अपना अलग गैंग बनाकर काम कर रहा था। मुन्ना बजरंगी ने सुनील राठी के जानी दुश्मन चीनू पंडित व गांव टिकरी निवासी सोमपाल से सुनील राठी की सुपारी ले रखी थी। इसका पता उन्हें चल गया था। सुनील राठी व ऊधम सिंह एक हैं। सुनील राठी ने इसलिए ही बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी को मौत के घाट उतार दिया। सुनील राठी उनके भाई जैसा है।

कहा, मुन्ना बजरंगी के बाद अब सुशील मूंछ का नंबर
ऊधम सिंह ने कहा कि मुन्ना बजरंगी के बाद अब सुशील मूंछ का नंबर है। उन्होंने कहा कि दो साल पहले बिजनौर में मनोज राणा का कत्ल सुशील मूंछ ने कपिल कटार व बिजनौर निवासी अरुण कबाड़ी से अपना वर्चस्व जमाने के लिए कराया था। मनोज राणा उनका दोस्त था। जब वह बिजनौर जेल में बंद थे तो मनोज राणा उनकी मदद करता था। इस बात पर ही तीनों ने मिलकर बेकसूर मनोज राणा का कत्ल करा दिया।

 

 

जेल से बाहर आने पर तीनों से मनोज राणा की हत्या की प्रतिशोध का हर हाल में बदला लिया जाएगा, समय का इंतजार करे। जेल से बाहर आने में उन्हें अभी दो माह लगेंगे। उन्होंने कहा कि सुशील मूंछ व कपिल कटार ने पहले सुनील ढाका का कत्ल कराया। सुनील ढाका भी मेरठ के रविंद्र भूरा गैंग से जुड़ा था। सुनील ढाका भी उनका आदमी था। ऊधम सिंह ने आरोप लगाया कि सुशील मूंछ, कपिल कटार व अरुण कबाड़ी तीनों मिलकर बिजनौर में लोगों से अवैध रूप से पैसे की उगाही कर रहे हैं। बिजनौर जेल में जब वह बंद था तो इन तीनों को पता था कि ऊधम सिंह बिजनौर में पैसा वसूल रहा है, तीनों ने इस वजह से ही उन्हें बिजनौर जेल से भिजवा दिया। 
 

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ऊधम सिंह की धमकी के बाद हरकत में आई पुलिस  

ऊधम सिंह की, प्रतिशोध का बदला लेने की धमकी के बाद पुलिस हरकत में आ गई। सीओ सिटी महेश कुमार ने जजी पहुंचकर ऊधम सिंह से बात की व मालूम किया कि उन्होंने बदला लेने की धमकी क्यों दी। सीओ के मुताबिक ऊधम सिंह ने उनसे भी कहा कि मनोज राणा उनका दोस्त था। उसकी बेवजह हत्या की गई है। सीओ ने कहा कि ऊधम सिंह की सुरक्षा में इलाहाबाद से आए दरोगा मिर्जा कमरूद्दीन बेग ने भी कबूला कि उनके सामने पत्रकारों से ऊधम सिंह ने ये सारी बात कही है। दरोगा से ऊधम सिंह के खिलाफ तहरीर ले ली गई है। अफसरों से राय लेने के बाद ऊधम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।    

टेलर की दुकान पर हुई थी मनोज राणा की हत्या  
बिजनौर। सेवानिवृत्त दरोगा रघुराज सिंह राणा के बेटे मनोज राणा की 22 जुलाई 2016 को मोहल्ला नई बस्ती में गोलियों से भून कर हत्या कर दी थी। हत्या के दौरान मनोज राणा विकपन टेलर की दुकान पर बैठा था। इस हत्याकांड में मोहल्ला चाहशीरी निवासी अलीम, सार्थक उर्फ रिक्की और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में मुजफ्फरनगर पुलिस ने मंसूरपुर निवासी राहुल उर्फ रूपक के साथ मेरठ जिले के मवाना क्षेत्र के गांव निलोहा अनुभव उर्फ नंदू को दबोचा।

 

नंदू ने खुलासा किया कि मनोज राणा की हत्या उसने बुलंदशहर निवासी अमित ठाकुर के साथ मिलकर की थी। हत्या कराने में बिजनौर के व्यवसायी अरुण कबाड़ी का भी हाथ रहा। अरुण कबाड़ी के अलावा मोहल्ला जाटान निवासी पंकज उर्फ बंटी, वरुण उर्फ लालू के नाम भी इस हत्याकांड में प्रकाश में आया था। इन सब को जेल जाना पड़ा था। मनोज की हत्या के खुलासे के दौरान यह बात भी सामने आई थी कि मनोज राणा ऊधम सिंह गैंग से जुड़ा था, इसलिए उसकी हत्या की थी।

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